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महिपाल ढांडा ने बादशाह के ‘टटीरी’ गाने को ‘गलत’ बताया. उन्होंने कहा, “इस तरह का गाना, जो हरियाणा के कल्चर को खराब कर रहा है, ठीक नहीं है. जैसे ही मामला सामने आया, सरकार ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया. मुख्यमंत्री ने तुरंत आरोपी के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया, और उसके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है.”

बादशाह के खिलाफ पंचकुला थाने में एफआईआर भी दर्ज की गई है. (फाइल फोटो)
चंडीगढ़. सिंगर और रैपर बादशाह अपने लेटेस्ट हरियाणवी गाने ‘टटीरी’ के रिलीज़ होने के बाद एक कॉन्ट्रोवर्सी में फंस गए हैं. सरकार ने बादशाह के गाने पर एक्शन लेते हुए इसे बैन कर दिया है. ‘टटीरी’ गाने के कथित आपत्तिजनक लिरिक्स को लेकर इसकी आलोचना हुई है. यहां तक कि बादशाह के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर लिया गया है. हरियाणा पुलिस ने 6 मार्च को पंचकुला निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर रैपर-संगीतकार बादशाह के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उनके हाल ही में रिलीज हरियाणवी संगीत वीडियो ‘टटीरी’ में आपत्तिजनक बोल और दृश्य इस्तेमाल किए गए हैं.
एफआईआर पंचकुला के साइबर अपराध पुलिस थाने में महिला अश्लील चित्रण (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा तीन और चार तथा बीएनएस की धारा 296 (अश्लील कृत्य और गीत) के तहत दर्ज की गई है. हरियाणा राज्य महिला आयोग ने भी गाने का संज्ञान लिया है और लोकप्रिय रैपर को समन जारी किया है. आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने शुक्रवार को कहा, “हमने बादशाह को 13 मार्च को तलब किया है. उन्हें स्पष्ट करना होगा कि गाने में ऐसे बोल और दृश्य क्यों इस्तेमाल किए गए.”
‘स्कूली छात्राओं को जिस तरह से दिखाया गया, वह निंदनीय’
हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के अनुसार शिकायतकर्ता ने कहा कि हाल ही में गायक आदित्य प्रतीक सिंह सिसोदिया उर्फ बादशाह के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर ‘टटीरी’ नामक एक संगीत वीडियो जारी किया गया था जो वायरल हो गया. हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार ने संगीत वीडियो और उसमें कथित तौर पर आपत्तिजनक बोल और दृश्यों का संज्ञान लिया है. ढांडा ने कहा, “गाने में स्कूली छात्राओं को जिस तरह से दिखाया गया है, वह निंदनीय है. हमारी संस्कृति को इस तरह से दिखाना स्वीकार्य नहीं है. सरकार ने इस मामले पर कड़ा संज्ञान लिया है.”
यह विवाद 1 मार्च, 2026 के आसपास ट्रैक के रिलीज होने के बाद से ही बढ़ रहा है. पूरे मामले की फाइल पानीपत के पुलिस सुपरिटेंडेंट को भेज दी गई है, जिसमें अधिकारियों को तय सुनवाई के दौरान सभी संबंधित पक्षों की मौजूदगी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें