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Deepika Padukone Success Story Explained; Om Shanti Om | Movies List

Deepika Padukone Success Story Explained; Om Shanti Om | Movies List


सादगी, स्टाइल और स्टारडम की असली मिसाल दीपिका पादुकोण।

दीपिका पादुकोण ने 2007 में फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से डेब्यू कर स्टारडम हासिल किया, लेकिन उन्हें आलोचना और तानों का सामना करना पड़ा। उनकी डायलॉग डिलीवरी और एक्सेंट का मजाक उड़ाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूटने लगीं। करियर के पीक पर होने के बावजूद 2014

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उन्होंने थैरेपी और आत्मविश्वास के सहारे खुद को संभाला। इस दौर के बाद ‘कॉकटेल’, ‘ये जवानी है दीवानी’, ‘पद्मावत’ और ‘पठान’ से उन्होंने टॉप एक्ट्रेसेस में जगह बनाई। आज दीपिका की नेटवर्थ ₹500 करोड़ से ज्यादा ज्यादा है।

आज की सक्सेस स्टोरी में दीपिका पादुकोण के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें जानते हैं।

मॉडलिंग करियर के चलते पढ़ाई बीच में छोड़ दी

दीपिका पादुकोण का जन्म 5 जनवरी 1986 को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में हुआ था। उनके पिता प्रकाश पादुकोण मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। बचपन में उनका परिवार बेंगलुरु शिफ्ट हो गया। उन्होंने स्कूली पढ़ाई सोफिया हाई स्कूल से की और आगे माउंट कार्मेल कॉलेज में दाखिला लिया, लेकिन मॉडलिंग करियर के चलते पढ़ाई छोड़ दी।

दीपिका के माता-पिता काम के सिलसिले में कोपेनहेगन में थे, इसलिए उनका जन्म वहीं हुआ।

मॉडलिंग में एंट्री और पहला ब्रेक

दीपिका शुरुआत में अपने पिता की तरह बैडमिंटन खिलाड़ी बनना चाहती थीं, लेकिन टीनेज में उनका झुकाव मॉडलिंग की ओर हो गया। उन्होंने छोटे प्रोजेक्ट्स से शुरुआत की और पहचान बनाई। उन्हें बड़ा ब्रेक तब मिला जब उन्होंने ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क के लिए मॉडलिंग की। इसके बाद लैक्मे फैशन वीक में रैंप वॉक किया, जिससे वह इंडस्ट्री में नोटिस हुईं।

सूटकेस साथ कैब में ही सो जाती थीं

मॉडलिंग के दौरान मुंबई आने पर दीपिका को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। दीपिका कहती हैं- मैं एक नए शहर में अकेले आई थी। मेरे पास सिर्फ मेरा बैग था, और मैं उसे लेकर इधर-उधर भटकती रहती थी। मैं देर रात तक काम करती थी और सूटकेस लेकर कैब में हर जगह जाती थी। कई बार मैं उसी कैब में सो जाती थी।

कन्नड़ फिल्म ऐश्वर्या में दीपिका पादुकोण ने उपेंद्र के ओपॉजित काम किया था।

कन्नड़ फिल्म से एक्टिंग डेब्यू

मॉडलिंग में सफलता के बाद दीपिका को फिल्म का ऑफर मिला। उन्होंने 2006 में कन्नड़ फिल्म ‘ऐश्वर्या’ से एक्टिंग करियर शुरू किया। यह फिल्म बड़ी हिट नहीं रही, लेकिन उनकी स्क्रीन प्रेजेंस ने फिल्ममेकर्स का ध्यान खींचा।

बॉलीवुड में एंट्री और चुनौतियां

मॉडलिंग के दौरान दीपिका पादुकोण ने हिमेश रेशमिया के म्यूजिक वीडियो ‘नाम है तेरा’ में काम किया था। इसी से उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और कॉन्फिडेंस ने डायरेक्टर फराह खान का ध्यान खींचा।

फराह खान नई और फ्रेश फेस की तलाश में थीं। उन्हें लगा कि 70 के दशक की अभिनेत्री शांति प्रिया के किरदार के लिए दीपिका फिट हैं। इसके बाद उनका ऑडिशन हुआ और उन्हें फिल्म के लिए फाइनल किया गया।

डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग स्किल्स पर सवाल उठे

शाहरुख खान के साथ उनकी बॉलीवुड डेब्यू फिल्म ‘ओम शांति ओम’ बनी, जो 2007 की बड़ी हिट फिल्मों में रही और दीपिका स्टार बन गईं। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उनके एक्सेंट और डायलॉग डिलीवरी का मजाक उड़ाया गया, एक्टिंग स्किल्स पर सवाल उठे और आउटसाइडर होने का दबाव बना रहा।

दीपिका पादुकोण ने इंडिया टीवी को दिए इंटरव्यू में बताया था- जब मेरी फिल्म ‘ओम शांति ओम’ रिलीज हुई, तो मेरे एक्सेंट और डिक्शन को लेकर लोगों ने काफी मजाक उड़ाया। यह मेरे लिए बहुत हर्टफुल था, और उस वक्त ऐसी बातें सुनना आसान नहीं था। कई रिव्यूज में मेरी एक्टिंग, एक्सेंट और टैलेंट तक पर सवाल उठाए गए। मुझे ट्रोल भी किया गया, और इससे मैं मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थी।

निगेटिविटी को खुद पर हावी नहीं होने दिया

दीपिका बताती हैं- उस समय मुझे लगा था कि लोग मेरी परफॉर्मेंस से खुश नहीं हैं या मुझे राइट ऑफ कर दिया गया था। मैं टूट सकती थी, निराश हो सकती थी, या कह सकती थी कि अब मैं यह नहीं कर सकती। लेकिन मैंने उस निगेटिविटी को खुद पर हावी नहीं होने दिया।

एक खराब रिव्यू ने मुझे खुद पर काम करने के लिए प्रेरित किया। मैं मानती हूं कि निगेटिविटी भी अच्छी हो सकती है- यह इस पर निर्भर करता है कि आप उसे कैसे लेते हैं।

मुश्किल दौर से निकलकर इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई

‘ओम शांति ओम’ के बाद दीपिका पादुकोण ने ‘बचना ऐ हसीनों’, ‘चांदनी चौक टू चाइना’, ‘लव आजकल’, ‘कार्तिक कॉलिंग कार्तिक’, ‘हाउसफुल’, ‘लफंगे परिंदे’, ‘ब्रेक के बाद’, ‘खेले हम जी जान से’, ‘आरक्षण’ और ‘देसी बॉयज’ जैसी फिल्में कीं। इनमें ‘लव आजकल’, ‘हाउसफुल’ और ‘बचना ऐ हसीनों ’हिट रहीं, बाकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रहीं।

2012 में रिलीज फिल्म ‘कॉकटेल’ को उनके करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जाता है। इसमें उनके वेरोनिका डी’कोस्टा किरदार को सराहा गया था और उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए नामांकन मिला था। इसके बाद ‘ये जवानी है दीवानी’, ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और ‘गोलियों की रासलीला- रामलीला’ जैसी हिट फिल्में देकर उन्होंने खुद को टॉप एक्ट्रेस के रूप में स्थापित किया।

करियर के पीक पर टूटीं, डिप्रेशन ने घेरा

करियर के पीक समय पर दीपिका पादुकोण 2014 के आसपास डिप्रेशन से जूझ रही थीं। वो अंदर से टूट चुकी थीं। केबीसी में दीपिका ने कहा था- मैं अपने करियर के पीक पर थी, सब कुछ बाहर से बिल्कुल परफेक्ट लग रहा था, तब एक सुबह मुझे अचानक बहुत अजीब सा एहसास हुआ। कुछ दिनों में मुझे समझ आया कि मैं डिप्रेशन में हूं।

अकेलेपन में जंग, किसी से नहीं कही बात

मैंने किसी को नहीं बताया। मैं अकेली मुंबई में रहती थी और अंदर ही अंदर टूट रही थी। कई दिनों तक मैं रोती रहती थी, मुझे जीने का मन नहीं करता था और सब कुछ खाली लगने लगा था। मैं किसी से बात नहीं करती थी।

मां के सामने टूटा सब्र, शुरू हुई पहचान

जब मेरी मां मुंबई आईं और वापस जाने लगीं, तो मैं खुद को रोक नहीं पाई और उनके सामने रो पड़ी। तब उन्हें समझ आया कि कुछ गलत हो रहा है। इसके बाद मुझे पता चला कि यह डिप्रेशन है और मैंने थैरेपी लेना शुरू किया। शुरुआत में इसे छुपाकर रखा, लेकिन धीरे-धीरे समझ आया कि इसके बारे में बात करना जरूरी है।

थैरेपी के बाद ‘लिव लव लाफ’ से नई राह

डिप्रेशन के दौरान मैंने ‘लिव लव लाफ फाउंडेशन’ शुरू किया। अपने दर्द को समझते हुए मैंने डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों की मदद करने का फैसला किया। मैंने फाउंडेशन इसलिए खोला, ताकि ऐसे लोगों तक मदद पहुंच सके। यहां आने वाले लोगों के साथ मैंने अपना अनुभव साझा किया, ताकि वे भी उससे उबर सकें।

डिप्रेशन से वापसी, करियर को मिला नया मोड़

डिप्रेशन से उबरने के बाद दीपिका पादुकोण ने करियर में वापसी की। 2014 के बाद उनका सफर नए मोड़ पर पहुंचा, जहां उन्होंने कंटेंट-ड्रिवन और बड़े बजट फिल्मों में खुद को साबित किया। लगातार सफल फिल्मों से उन्होंने इंडस्ट्री में मजबूत पकड़ बनाई और आलोचकों व दर्शकों का भरोसा जीता।

हिट फिल्मों की लंबी लिस्ट, इंटरनेशनल पहचान

दीपिका की फिल्मों में ‘पीकू’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ को सराहना मिली, जबकि ‘तमाशा’ में उनके अभिनय की चर्चा हुई। 2017 में उन्होंने हॉलीवुड फिल्म ‘एक्सएक्सएक्स: रिटर्न ऑफ जेंडर केज’ से इंटरनेशनल पहचान बनाई। 2018 में रिलीज ‘पद्मावत’ उनके करियर की ब्लॉकबस्टर रही। हालांकि इस फिल्म के दौरान सबसे बड़ा विवाद भी हुआ था। फिल्म में दीपिका रानी पद्मावती के किरदार में थीं। कई राजपूत संगठनों ने आरोप लगाया कि फिल्म ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़ रही है। विरोध इतना बढ़ा कि सेट पर हमले, दीपिका को नाक काटने की धमकियां और फिल्म के बैन की मांग तक हुई। इसके बाद ‘छपाक’, ‘83’ और ‘गहराइयां’ में उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाए।

‘छपाक’ की रिलीज के समय दिल्ली के जेएनयू में छात्रों पर हमले के बाद दीपिका का वहां जाना चर्चा और विवाद दोनों का विषय बन गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें समर्थन और विरोध,दोनों तरह की प्रतिक्रियां मिलीं, और कुछ जगहों पर फिल्म को बॉयकॉट की भी मांग उठी।

बॉक्स ऑफिस पर दबदबा, बड़े प्रोजेक्ट्स लाइनअप में

हाल के सालों में दीपिका का स्टारडम बढ़ा है। ‘पठान’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड कमाई की, जबकि ‘जवान’ में उनका कैमियो चर्चा में रहा। फिल्म ‘पठान’ के गाने बेशर्म रंग में उनके भगवा रंग की बिकिनी पहनने पर बड़ा विवाद खड़ा हुआ। कई समूहों ने इसे आपत्तिजनक बताया और फिल्म के बहिष्कार की मांग हुई। इसके बाद ‘फाइटर’ और ‘कल्कि 2898 एडी’ में उनकी अहम भूमिका रही। आने वाले समय में वह ‘किंग’ में शाहरुख खान के साथ नजर आएंगी। साथ ही ‘राका’ में अल्लू अर्जुन के साथ उनकी जोड़ी दिखेगी, जो पैन इंडिया स्तर पर बन रही है।

नेटवर्थ 500 करोड़ रुपए से ज्यादा

एक्टिंग के साथ दीपिका बिजनेस और सोशल वर्क से जुड़ी हैं। उनका स्किनकेयर ब्रांड 82°E चर्चा में है, जहां वे स्किन और वेलनेस प्रोडक्ट्स से सीधे बिजनेस करती हैं। वे फिल्म प्रोडक्शन और ब्रांड एंडोर्समेंट से भी कमाई करती हैं। लाइफस्टाइल एशिया हॉन्ग कॉन्ग के मुताबिक उनकी नेटवर्थ 500 करोड़ रुपए से ज्यादा है।

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