Site icon Aaj Ki Baat

Hydrogen & 12 Vande Bharat Sleeper Trains Launch 2026


नई दिल्ली6 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

देश में पहली हाईड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल हो चुका है।

भारतीय रेलवे वित्त वर्ष 2026-27 में सफर को आरामदायक और हाई-टेक बनाने के लिए कई बड़े बदलाव करने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने टिकट कैंसिलेशन और रिफंड के नियमों में बदलाव से लेकर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को ट्रैक पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली है।

रिफंड की नई पॉलिसी 15 अप्रैल तक लागू होगी। इसके अलावा यात्रियों को इस साल 12 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की सौगात भी मिलेगी। रेलवे में इस वित्त वर्ष इसी तरह होने वाले 8 बड़े बदलावों के बारे में जानते हैं।

1. नए नियम: ट्रेन छूटने के 8 घंटे पहले रिफंड मिलेगा

भारतीय रेलवे ने टिकट कैंसिल करने और रिफंड के नियम सख्त कर दिए हैं। अब अगर कोई यात्री ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करता है, तभी उसे रिफंड मिलेगा। पहले यह समय 4 घंटे था, जिसे बढ़ाकर अब 8 घंटे कर दिया गया है।

नए नियमों के अनुसार अगर आप अपनी यात्रा के निर्धारित समय से 8 घंटे से कम वक्त में टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपको एक भी रुपए वापस नहीं मिलेंगे। हालांकि, 24 से 8 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर अभी भी 50% पैसा ही वापस मिलेगा। नए नियम 15 अप्रैल तक लागू होंगे।

2. काउंटर टिकट अब किसी भी स्टेशन से कैंसिल होगा

यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर यह है कि अब काउंटर टिकट कैंसिल कराने के लिए उसी स्टेशन या आखिरी स्टेशन पर जाने की जरूरत नहीं होगी। यात्री अब देश के किसी भी रेलवे स्टेशन के काउंटर पर जाकर अपना टिकट कैंसिल करा सकेंगे और रिफंड ले सकेंगे।

3. चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे बोर्डिंग स्टेशन

यात्री जल्द ही ट्रेन के शुरुआती स्टेशन से छूटने के 30 मिनट पहले तक डिजिटल तरीके से अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। पहले यह सुविधा भी चार्ट बनने से पहले तक थी। नए नियम के तहत, अगर कोई यात्री अपने पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाता है, तो वह अगला स्टेशन चुनकर कन्फर्म सीट पर सफर कर सकेगा।

4. ट्रेन में ट्रैवल क्लास अपग्रेड करना की सुविधा मिलेगी

अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपनी ट्रैवल क्लास जैसे- स्लीपर से AC में अपग्रेड करवा सकेंगे। पहले यह बदलाव केवल चार्ट बनने से पहले तक ही मुमकिन था। इस नियम को भी इसी वित्त वर्ष में लागू किए जाने की उम्मीद है।

5. हाइड्रोजन ट्रेन: प्रदूषण मुक्त सफर का ट्रायल पूरा

भारत अपनी पहली हाइड्रोजन ट्रेन लॉन्च करने के बेहद करीब है। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड ऑर्गनाइजेशन (RDSO) ने इसका ट्रायल पूरा कर लिया है। यह दुनिया की सबसे लंबी (10 कोच) और सबसे शक्तिशाली (2400kW) हाइड्रोजन ट्रेन होगी। इसमें दो ड्राइविंग पावर कार और 8 पैसेंजर कोच होंगे। यह ट्रेन पूरी तरह से इको-फ्रेंडली होगी और धुएं के बजाय सिर्फ पानी की भाप छोड़ेगी।

6. लंबी दूरी के लिए 12 नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें चलेंगी

लंबी दूरी के सफर को प्रीमियम बनाने के लिए रेलवे इस साल 12 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने जा रहा है। हावड़ा-कामाख्या रूट पर दो ऐसी ट्रेनें पहले ही शुरू की जा चुकी हैं।

  • किनेट रेलवे सॉल्यूशंस: भारत-रूस का यह जॉइंट वेंचर जून 2026 तक पहला प्रोटोटाइप पेश करेगा। इन्हें 120 स्लीपर ट्रेनें बनाने का कॉन्ट्रैक्ट मिला है।
  • टीटागढ़ रेल सिस्टम्स: यह कंपनी BHEL के साथ मिलकर 80 स्लीपर ट्रेनें बना रही है, जिनमें से पहली 2027 की तीसरी तिमाही तक आने की उम्मीद है। ये ट्रेनें 1000 से 1500 किलोमीटर का सफर तय करेंगी।

16 कोचों में से 11 एसी-3 टियर कोच, चार एसी-2 टियर कोच और एक फर्स्ट एसी कोच हैं।

एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स से लैस है ट्रेन

वंदे भारत स्लीपर में एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स, बेहतर सस्पेंशन सिस्टम और वर्ल्ड-क्लास स्लीपर कोच हैं। रेल मंत्री ने बताया कि आमतौर पर गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर हवाई किराया ₹6,000 से ₹8,000 के बीच होता है। कभी-कभी ₹10,000 तक भी पहुंच जाता है। वहीं, वंदे भारत स्लीपर में गुवाहाटी से हावड़ा तक थर्ड AC का किराया ₹2,300 रखा गया है।

7. स्टेशनों पर 75 नए होल्डिंग एरिया बनेंगे, भीड़ से मिलेगी राहत

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (NDLS) की सफलता के बाद, रेल मंत्रालय अब देश के 75 और प्रमुख स्टेशनों पर स्थायी ‘यात्री सुविधा केंद्र’ (Holding Areas) बनाने जा रहा है। इनका निर्माण इसी साल पूरा करने का लक्ष्य है। इससे स्टेशन प्लेटफॉर्म पर भीड़ कम होगी और यात्रियों को ट्रेन का इंतजार करने के लिए एक व्यवस्थित जगह मिलेगी।

8. ब्रॉड गेज नेटवर्क 100% इलेक्ट्रिफिकेशन के करीब

भारतीय रेलवे अपने ब्रॉड गेज नेटवर्क के फुली इलेक्ट्रिफाई बनाने के करीब है। वर्तमान में 99.2% नेटवर्क बिजली से लैस हो चुका है, जो 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करता है। वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक इसके 100% होने की उम्मीद है। ————–

ये भी पढ़ें…

भारतीय घरों में दुनिया के टॉप-10 बैंकों से ज्यादा सोना: इसकी कीमत ₹830 लाख करोड़; इतनी अमेरिका-चीन के अलावा किसी देश की GDP नहीं

भारतीय घरों और मंदिरों में 50,000 टन सोना रखा है, जिसकी वैल्यू करीब 10 ट्रिलियन डॉलर यानी लगभग ₹830 लाख करोड़ है। भारतीय व्यापारियों के संगठन एसोचैम (द एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया) की रिपोर्ट के अनुसार, यह दुनिया के सबसे बड़े 10 सेंट्रल बैंकों के कुल भंडार से भी ज्यादा है।

पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Exit mobile version