Marigold Benefits: खुशबू नहीं…. बीमारियों का दुश्मन है ये फूल, स्किन से पेट तक हर समस्या का हल, जानिए फायदे

Marigold Benefits: खुशबू नहीं…. बीमारियों का दुश्मन है ये फूल, स्किन से पेट तक हर समस्या का हल, जानिए फायदे


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गेंदे का फूल सिर्फ पूजा और सजावट के लिए ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद में एक प्रभावी औषधि के रूप में भी जाना जाता है. इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा से लेकर पाचन और आंखों तक के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. सही तरीके से उपयोग करने पर यह प्राकृतिक उपचार का एक बेहतरीन विकल्प बन सकता है.

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गेंदे का फूल आयुर्वेद में एक औषधीय खजाना माना जाता है, जो पाचन, त्वचा और सूजन जैसी समस्याओं में लाभकारी होता है. इसमें एंटीसेप्टिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं. गेंदे की चाय या काढ़ा पेट की तकलीफ, एसिडिटी और बवासीर में राहत देने में मदद करता है. इसका उपयोग मुंहासों को ठीक करने और घाव भरने के लिए भी किया जाता है.

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एक्सपर्ट डॉक्टर विनीता शर्मा ने बताया की गेंदे का फूल आयुर्वेद में त्वचा के लिए एक चमत्कारी औषधि माना जाता है. यह एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है, जो मुंहासे, त्वचा की जलन, सूजन, दाग-धब्बे और रूखेपन को कम करने में मदद करता है. इसके पेस्ट या तेल के उपयोग से त्वचा में निखार और प्राकृतिक चमक आती है.

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आयुर्वेद में गेंदे का फूल पाचन सुधार के लिए एक उत्कृष्ट जड़ी-बूटी माना जाता है. इसके कड़वे और कसैले गुण पित्त के उत्पादन को उत्तेजित करते हैं, जिससे पाचन क्रिया बेहतर होती है. यह कब्ज, एसिडिटी, गैस और पेट की सूजन (अल्सर) में राहत देने में मदद करता है. साथ ही, यह शरीर को डिटॉक्स करने और यकृत के स्वास्थ्य के लिए भी सहायक माना जाता है.

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आयुर्वेद में गेंदे का फूल सूजनरोधी गुणों के कारण दर्द और सूजन के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि माना जाता है. इसका उपयोग गठिया, मोच, मांसपेशियों के दर्द और चोट की सूजन को कम करने के लिए फूल और पत्तियों के लेप या तेल के रूप में किया जाता है.

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आयुर्वेद में गेंदे के फूल का उपयोग आंखों की रोशनी बढ़ाने और आंखों के स्वास्थ्य के लिए किया जाता है. इसमें ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो नीली रोशनी से रक्षा करते हैं और मोतियाबिंद जैसी उम्र से जुड़ी समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकते हैं.

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आयुर्वेद में गेंदे के फूल का उपयोग बवासीर (विशेषकर खूनी बवासीर) और अनियमित मासिक धर्म में लाभकारी माना गया है. इसकी पंखुड़ियों का इस्तेमाल रक्तस्राव रोकने, सूजन कम करने और दर्द से राहत देने के लिए किया जाता है. यह रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर बवासीर के मस्सों को सूखाने में सहायक माना जाता है.

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गेंदे के फूल आयुर्वेद में सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, लेकिन इनका सेवन करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी होता है. बिना सलाह के सेवन करने पर यह नुकसानदायक हो सकते हैं, इसलिए डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका उपयोग करें.



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