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21 मिनट पहले
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) को ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा दिया। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) की सलाह पर शिक्षा मंत्रालय ने 30 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी कर इसकी घोषणा की।
इस घोषणा के साथ ही NCERT के पांच रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन और भोपाल में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन डीम्ड यूनिवर्सिटी बन गए हैं। ये यूनिट्स है-
- रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, अजमेर, राजस्थान।
- रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, भोपाल, मध्य प्रदेश।
- रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, भुवनेश्वर, ओडिशा।
- रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, मानसगंगोत्री, मैसूर, कर्नाटक।
- नॉर्थ ईस्ट रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, शिलांग, मेघालय।
- पंडित सुंदरलाल शर्मा सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन, भोपाल, मध्य प्रदेश।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, UGC की सलाह पर, नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) को एक अलग श्रेणी के तहत ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ (मानित विश्वविद्यालय) घोषित करता है।एक अधिसूचना में, मंत्रालय कहता है, “UGC पोर्टल पर नेशनल काउंसिल ऑफ़ एजुकेशनल अनुसंधान और प्रशिक्षण… pic.twitter.com/2Ar89jpYb0— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 3, 2026
‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का क्या मतलब है
NCERT को यह दर्जा मिलने का मतलब है कि NCERT अब सिर्फ स्कूल कोर्स डिजाइन करने तक सीमित नहीं है। NCERT अब अपने नए एकेडिमक प्रोग्राम्स के साथ ही डॉक्टरेट और नए डिग्री कोर्सेज भी लॉन्च कर सकता है।
यूनिवर्सिटीज के अलावा हायर एजुकेशन के स्पेशलाइज्ड इंस्टीट्यूट्स को केंद्र सरकार UGC की सलाह पर ‘डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी’ का दर्जा देती है।
- खुद का अलग एडमिशन प्रोसेस तय कर सकती है।
- खुद का सिलेबस तय कर सकती है।
- खुद एग्जाम कंडक्ट करवा सकती है।
- खुद स्टूडेंट्स को डिग्री दे सकती है।
स्कूल करिकुलम तैयार करने के लिए बनी NCERT
NCERT एक ऑटोनोमस बॉडी है, जिसे 1 सितंबर 1961 को भारत सरकार ने सेंट्रल और स्टेट गवर्नमेंट्स को एकेडमिक और स्कूल से जुड़े मुद्दों पर सलाह देने और गाइड करने के लिए बनाया है।NCERT डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने से पहले तक भारत में सर्वोच्च शैक्षणिक निकाय के रूप में काम करती थी। इसके मुख्य काम हैं-
- स्कूलों के लिए नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क तैयार करना।
- क्लास 1 से 12वीं तक के बच्चों के लिए क्वालिटी टेक्स्ट बुक्स तैयार करना।
- टीचर्स को ट्रेन करना।
- स्कूल एजुकेशन से जुड़ी रिसर्च कंडक्ट और प्रमोट करना।
- ई-पाठशाला और दीक्षा ई-लर्निंग प्लैटफॉर्म्स के लिए ऑनलाइन रिसोर्स तैयार करना।
नोटिफिकेशन के मुताबिक, UGC पोर्टल पर NCERT को एक स्पेशल केटेगरी के तहत ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ का दर्जा देने के लिए एक ऑनलाइन आवेदन अपलोड किया गया था। ये आवेदन UGC एक्ट, 1956 के सेक्शन 3 के तहत NCERT के 6 इंस्टीट्यूशंस को इसमें शामिल किया गया था।
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