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NPS Scheme New Rule: ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया में किया गया बड़ा बदलाव, खाताधारक पर क्या होगा असर? – nps scheme new rule e nomination process has been changes check details here

NPS Scheme New Rule: ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया में किया गया बड़ा बदलाव, खाताधारक पर क्या होगा असर? – nps scheme new rule e nomination process has been changes check details here


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ई-नॉमिनेशन की प्रक्रिया में किया गया बड़ा बदलाव, क्या होगा खाताधारकों पर असर

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पीएफआरडीए ने अगस्त में एक आदेश जारी कर टियर 2 शहरों के एनपीएस खाताधारकों के लिए क्रेडिट कार्ड के जरिए योगदान की सुविधा को खत्म कर दिया था. वहीं, ये भी कहा गया है कि अगर खाताधारक की मृत्यु के बाद इसमें कोई बदलाव होता है तो उसे अमान्य घोषित कर दिया जाएगा.

टियर-2 शहरों के एनपीएस खाताधारक क्रेडिट कार्ज के जरिए फंड में योगदान नहीं कर सकते.

नई दिल्ली. पेंशन नियामक पीएफआरडीए और आईआरडीएआई एनपीएस में निवेश करने वालों के पक्ष में समय-समय पर नियमों में बदलाव करते रहते हैं. अब सरकारी और निजी कंपनियों के कर्मचारियों के लिए ई- नॉमिनेशन की प्रक्रिया को बदला गया है. नए नियम के मुताबिक, नोडल ऑफिसर अब आपके आवेदन को मंजूर या खारिज कर सकता है. आपके ई- नॉमिनेशन के आवेदन पर अगर नोडल ऑफिसर 30 दिन तक कार्रवाई नहीं करता तो आवेदन सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसी के पास चला जाएगा.

यहां से आवदेन को स्वत: ही स्वीकार कर लिया जाएगा. बता दें कि यह नियम 1 अक्टूबर, 2022 से लागू है. इससे पहले आईआरडीएआई ने मैच्योरिटी के समय एन्युटी लेने के लिए अगल फॉर्म भरने की प्रक्रिया को खत्म कर दिया था. अगस्त में पीएफआरडीए ने एक आदेश जारी कर टियर 2 शहरों के एनपीएस खाताधारकों के लिए क्रेडिट कार्ड के जरिए एनपीएस में योगदान की सुविधा को खत्म कर दिया था.

सब्सक्राइबर की मौत के बाद नॉमिनी नहीं बदलेगा
22 अक्‍टूबर को जारी सर्कुलर में पीएफआरडीए ने कहा कि खाताधारक की मौत के बाद उसकी लॉग-इन जानकारी का इस्तेमाल कर नॉमिनी के नाम में किया गया संशोधन मान्य नहीं होगा. बीमा नियामक के अनुसार, नॉमिनी का चुनाव केवल सब्‍सक्राइबर्स ही कर सकता है. अगर खाताधारक की मृत्यु के बाद इसमें कोई बदलाव होता है तो उसे अमान्य घोषित कर दिया जाएगा और पहले से दर्ज नॉमिनी को ही पैसा दिया जाएगा. अगर खाताधारक ने कोई नॉमिनी दर्ज नहीं किया है, तो फंड उसके कानूनी वारिस को दे दिया जाएगा.

नियोक्ता के रिकॉर्ड में दर्ज नॉमिनी
रेगुलेशन 3 (c) के तहत कवर सरकारी क्षेत्र के सब्‍सक्राइबर्स और रेगुलेशन 4 (c) के तहत कवर कॉर्पोरेट सब्‍सक्राइबर्स का निधन अगर मान्‍य नॉमिनी के बिना हुआ तो ऐसे मामलों में नियोक्‍ता के पास मौजूद कर्मचारी का रिकॉर्ड देखा जाएगा. अगर वहां कोई नॉमिनी मिलता है तो उसे ही एनपीएस के लिए नॉमिनी माना जाएगा. इसके बाद सारे लाभ उसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे.

About the Author

Jai Thakur

जय ठाकुर 2018 से खबरों की दुनिया से जुड़े हुए हैं. पिछले 3 महीनों से News18Hindi में सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं और बिजनेस टीम का हिस्सा हैं. बिजनेस, विशेषकर शेयर बाजार से जुड़ी खबरों में रुचि है. इसक…और पढ़ें



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