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नई दिल्ली50 मिनट पहले
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ओरेकल अमेरिकी टेक कंपनी है, जो दुनियाभर में कंपनियों को डेटा सर्विस देती है।
दुनिया के छठे सबसे अमीर कारोबारी लैरी एलिसन की टेक कंपनी ओरेकल ने करीब 30 हजार कर्मचारियों को निकाल दिया है। इनमें भारत के 12 हजार कर्मचारी हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी अगले महीने छंटनी का दूसरा दौर भी शुरू कर सकती है।
कर्मचारियों को मंगलवार यानी 31 जनवरी की सुबह 6 बजे इनबॉक्स में टर्मिनेशन लेटर मिले। इसमें लिखा था कि आज उनका लास्ट वर्किंग डे है। कुछ ही मिनटों में उनका सिस्टम एक्सेस बंद कर दिया गया। कंपनी ने अभी तक छंटनी की वजह नहीं बताई है।
इंडिया टुडे के मुताबिक ओरेकल ने 30 हजार कर्मचारियों को मेल में लिखा-
हम आपको आपके पद से जुड़ी एक जरूरी और कठिन जानकारी देना चाहते हैं। कंपनी की वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हमने संगठन में बड़े बदलाव के तहत आपका पद खत्म करने का फैसला किया है। इसलिए आज आपका आखिरी कार्य दिवस है।
हम आपके योगदान, मेहनत और काम के लिए धन्यवाद देते हैं। टर्मिनेशन से जुड़े दस्तावेज साइन करने के बाद आप सेवरेंस पैकेज (नौकरी खत्म होने पर मिलने वाला भुगतान) पाने के पात्र होंगे, जो कंपनी की शर्तों के अनुसार होगा। इसके बारे में आपको आपके ओरेकल ईमेल पर DocuSign के जरिए जानकारी मिलेगी।
आगे की जरूरी जानकारी, FAQ और दस्तावेज पाने के लिए आपको अपना पर्सनल ईमेल एड्रेस देना होगा। कृपया तुरंत अपना पर्सनल ईमेल सबमिट करें। अगर कोई गलती हो जाए तो नया फॉर्म भर सकते हैं। यह ईमेल केवल सेपरेशन और सेवरेंस से जुड़ी जानकारी के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
जल्द ही आपके कंप्यूटर, ईमेल, वॉइसमेल और फाइल्स का एक्सेस बंद कर दिया जाएगा और आप सिस्टम में लॉगिन नहीं कर पाएंगे। ध्यान रहे कि आप कंपनी की कोई भी गोपनीय जानकारी डाउनलोड, कॉपी या अपने पास नहीं रख सकते। हमारे संगठन में आपके योगदान के लिए धन्यवाद। अगर कोई सवाल हो तो HR टीम से संपर्क करें।
दावा- AI की वजह से कर्मचारियों को निकाला
एक सीनियर मैनेजर माइकल शेफर्ड ने लिंक्डइन पर लिखा कि सीनियर इंजीनियर्स, आर्किटेक्ट्स, ऑपरेशंस लीडर्स, प्रोग्राम मैनेजर्स और टेक्निकल स्पेशलिस्ट्स को नौकरी से निकाल दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह छंटनी परफॉर्मेंस के आधार पर नहीं की गई है।
इधर, BBC की एक रिपोर्ट में सीनियर कर्मचारियों के हवाले से बताया है कि कंपनी AI में भारी निवेश कर रही है, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है। ओरेकल अंदरूनी तौर पर AI टूल्स का इस्तेमाल कर रही है। इसकी मदद से कम कर्मचारी ज्यादा काम कर पा रहे हैं।
एक्सपर्ट बोले- इनविजिबल लेऑफ किया जा रहा
एक्सपर्ट्स इसे ‘इनविजिबल लेऑफ’ कह रहे हैं, जिसमें कंपनियां बिना बड़ी घोषणा किए चुपचाप धीरे-धीरे कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं। पिछले तीन महीनों में अमेजन, मेटा और डेल जैसी कंपनियों में मिलाकर 94 हजार से ज्यादा लोग नौकरी खो चुके हैं।
कर्मचारी ने कहा- 16 घंटे की शिफ्ट का विरोध करने पर निकाला था
ओरेकल के पूर्व कर्मचारी मेरुगु श्रीधर का कहना है कि उन्हें सितंबर में नौकरी से निकाल दिया गया था। उन्होंने कंपनी में 16 घंटे की लंबी शिफ्ट के खिलाफ आवाज उठाई थी। उनका दावा है कि इसी वजह से उन्हें बाहर किया गया। श्रीधर ने यह भी कहा कि इस मामले में अमेरिका में काम कर रहे भारतीय मूल के कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं।
दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में शामिल ओरेकल
- ओरेकल एक बड़ी अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो डेटा मैनेजमेंट और क्लाउड सर्विसेस देती है। इसकी स्थापना 1977 में लैरी एलिसन और उनके साथियों ने की थी।
- 1970 के दशक में एलिसन ने CIA के लिए एक डेटाबेस बनाया, जिसका कोडनेम ‘Oracle’ था। ओरेकल का मतलब ‘सटीक जानकारी देने वाला स्रोत’ है। CIA को भारी डेटा स्टोर और मैनेज करने के लिए ऐसे ही सिस्टम की जरूरत थी।
- ओरेकल का सबसे बड़ा काम कंपनियों और संस्थानों का डेटा सुरक्षित तरीके से स्टोर करना और उसे मैनेज करना है। दुनिया की कई बड़ी बैंकिंग, सरकारी और बिजनेस संस्थाएं ओरेकल के डेटाबेस सिस्टम का इस्तेमाल करती हैं।
- ओरेकल कंपनी क्लाउड सर्विस भी देती है, जिससे कंपनियां अपना डेटा सुरक्षित रख सकती हैं और एक्सेस कर सकती हैं। भारत में भी कई बैंक, इनकम टैक्स विभाग और बड़ी कंपनियां ओरेकल की तकनीक का इस्तेमाल करती हैं।
ओरेकल के मालिक लैरी एलिसन दुनिया के 6वें सबसे अमीर कारोबारी हैं। उनकी नेटवर्थ 17.15 लाख करोड़ रुपए है।
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