Paschimottanasana Health Benefits: पश्चिमोत्तानासन करने से क्या होता है?

Paschimottanasana Health Benefits: पश्चिमोत्तानासन करने से क्या होता है?


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Paschimottanasana Health Benefits: योग में हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन है. यदि आपको रीढ़ की हड्डियों में दर्द, ऐंठन की समस्या है या पॉश्चचर बिगड़ रहा है, तो इसके लिए पश्चिमोत्तानासन करें. इस योगासन के नियमित अभ्यास से आपकी पाचन संबंधित परेशानियां भी खत्म होगी.

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पश्चिमोत्तानासन करने से क्या होता है? मिलने वाले फायदे चौंका देंगेZoom

Paschimottanasana Health Benefits: योग सिर्फ एक्सरसाइज ही नहीं बल्कि ये जीवन को व्यवस्थित ढंग से जीना का एक तरीका है. आज के समय में जब शारीरिक और मानसिक रूप से खुद को फिट रखना मुश्किल है, ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए योग और प्राणायाम को अपने दैनिक जीवन में लागू करना बहुत जरूरी हो गया है. ऐसे में हम आपको एक ऐसा योगासन बता रहे हैं जो रीढ़ से लेकर पाचन तक सभी समस्याओं के लिए समाधान का काम कर सकता है.

पश्चिमोत्तानासन एक प्रमुख हठ योग आसन है. इस योगासन को प्रतिदिन नियमित रूप से करने से शरीर को काफी लाभ मिलता है. पश्चिमोत्तानासन रीढ़ की हड्डी, हैमस्ट्रिंग्स और पीठ के निचले हिस्से के लिए फायदेमंद है. इससे पाचन में सुधार होने के साथ तनाव दूर होता है और पेट की चर्बी भी कम होती है.

पश्चिमोत्तानासन कैसे करें?
पश्चिमोत्तानासन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पैरों को सामने सीधा फैलाकर बैठें. इसके बाद रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें. फिर सांस भरते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और रीढ़ को ऊपर की ओर खींचें. इसके बाद सांस छोड़ते हुए कूल्हों के जोड़ से आगे झुकें. फिर रीढ़ को सीधा रखते हुए आगे बढ़ें और पैर के अंगूठों को पकड़ने या छूने का प्रयास करें.

इस दौरान पैर सीधा रखकर आगे झुकने में पूरे शरीर के पिछले हिस्से में खिंचाव आता है, लेकिन माथे को घुटनों की ओर लाने की कोशिश करें. फिर 20 से 60 सेकंड तक लंबी गहरी सांसें लेते हुए इस अवस्था में रुकें और सांस भरते हुए धीरे-धीरे सिर और धड़ को ऊपर उठाएं और अपने दोनों हाथों को नीचे लाएं. यह आसन तनाव, चिंता, सिरदर्द और थकान को कम करने में सहायक है.

किस समय करें योगासन
पश्चिमोत्तानासन करने का सबसे सही समय सुबह का माना गया है. सुबह खाली पेट इस योगासन को करना सबसे अच्छा माना जाता है.यह शरीर को पूरे दिन ऊर्जावान और तनाव मुक्त बनाए रखने में मदद करता है. हालांकि, इस योगासन को शाम के समय भी खाने के 4-5 घंटे बाद किया जा सकता है, लेकिन सुबह में इसे करना ज्यादा फायदेमंद बताया गया है. वहीं, शुरुआती समय में इसे किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही करने की सलाह दी गई है.

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शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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