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Peanuts Benefits: कई लोग मूंगफली के बारे में सोचते हैं कि इसमें फैट ज्यादा होता है इसलिए यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है. क्या यह वाकई में सच है. आधुनिक मेडिकल रिसर्च इसके ठीक उलट एक चौंकाने वाला दावा करती है. विशेषज्ञों के अनुसार, मूंगफली केवल एक टाइमपास स्नैक नहीं, बल्कि गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने और धमनियों में जमे बैड कोलेस्ट्रॉलको पिघलाने वाला एक पावरहाउस है. इसमें मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड्स और एंटीऑक्सीडेंट्स आपके दिल की धड़कनों को सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं. आइए इसके बारे में जानते हैं.

इंडियन किचन में मूंगफली जरूर होती है. इससे कई तरह की डिशेज बनाई जाती हैं. पीनट पट्टी जैसी मिठाइयाँ भी बनाकर खाते हैं. इनमें कई तरह के पोषक तत्व, मिनरल्स और हेल्दी फैट्स होते हैं. लेकिन कई लोग सोचते हैं कि मूंगफली में कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है, इसलिए मूंगफली का सेवन नहीं करते हैं. जबकि इसमें हमारे शरीर के लिए फायदेमंद मोनो अनसैचुरेटेड (MUFA) और पॉली अनसैचुरेटेड (PUFA) फैट्स होते हैं.

मोनो अनसैचुरेटेड (MUFA) और पॉली अनसैचुरेटेड (PUFA) फैट्स हेल्दी फैट्स होता है जो खून में जमा खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम होता है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ता है. इसमें मौजूद प्लांट स्टेरॉल्स कोलेस्ट्रॉल जैसे होते हैं. जब हम खाना खाते हैं, ये कोलेस्ट्रॉल से मुकाबला करके उसे आंतों से खून में जाने से रोकते हैं. इससे धमनियों में गंदगी जमा नहीं होती और ‘एथेरोस्क्लेरोसिस’ जैसी दिल की बीमारियों का खतरा कम हो सकता है.

मूंगफली में रेस्वेराट्रॉल नाम का एक खास पॉलीफेनॉल होता है, जो आमतौर पर रेड वाइन या अंगूर में मिलता है. यह खून की नसों को नरम रखता है और खून को जमने नहीं देता. इससे खून का प्रवाह ठीक रहता है और दिल पर दबाव कम होता है. इसके अलावा इसमें मौजूद ओलिक एसिड, जैतून के तेल जैसे फायदे देता है. यह दिल से जुड़ी सूजन को कम करता है और लंबे समय तक दिल की बीमारियों से बचाव करता है. रिसर्च के मुताबिक, मूंगफली में ‘अर्जिनिन’ नाम का अमीनो एसिड होता है, जो खून की नसों को फैलाकर खून के प्रवाह को बेहतर बनाता है.
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अगर पोषक तत्वों की बात करें तो मूंगफली मैग्नीशियम, पोटैशियम और कॉपर जैसे मिनरल्स से भरपूर होती है. मैग्नीशियम खून की नसों को आराम देता है, पोटैशियम शरीर में सोडियम के असर को कम करके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है. इसमें मौजूद विटामिन-ई और मैंगनीज सेल्स को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स की तरह काम करते हैं.

मूंगफली के छिलके में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. मूंगफली के लाल छिलके में प्रोएंथोसाइनिडिन्स नाम के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं. इसलिए मूंगफली को छिलका हटाए बिना खाना अच्छा होता है. डॉक्टर कहते हैं कि खाने का तरीका भी जरूरी है. भुनी या उबली हुई मूंगफली खाना सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन तेल में डीप फ्राई या ज्यादा नमक डालकर फ्राई की गई मूंगफली खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. इसलिए यह सलाह दी जाती है कि जिन लोगों को बीपी या कोलेस्ट्रॉल की समस्या है वे मूंगफली को डीप फ्राई कर न खाएं.

कितनी मूंगफली खा सकते हैं? रोज़ करीब 25-30 ग्राम (एक मुट्ठी) मूंगफली खाने से बिना किसी साइड इफेक्ट के पूरा फायदा मिल सकता है. अगर इसे रोज़ाना डाइट में शामिल करें तो दिल का दौरा पड़ने का खतरा लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है, ऐसा कुछ रिसर्च में पाया गया है. इसमें फाइबर और प्रोटीन भरपूर होते हैं, इसलिए वजन कम करने वालों के लिए भी ये अच्छा विकल्प है. (डिस्क्लेमर : यह जानकारी सामान्य रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है. न्यूज 18 हिन्दी इसकी पुष्टि नहीं करता. अगर किसी तरह की दिक्कत है तो डॉक्टरों की सलाह से निर्णय लें. )