World TB Day 2026: खांसी, बलगम में खून आने जैसे 5 संकेतों को न करें इग्नोर, ये हो सकते हैं टीबी के लक्षण

World TB Day 2026: खांसी, बलगम में खून आने जैसे 5 संकेतों को न करें इग्नोर, ये हो सकते हैं टीबी के लक्षण


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Tuberculosis Symptoms: टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जिसके लक्षणों को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. अगर किसी व्यक्ति को 3 सप्ताह से ज्यादा लगातार खांसी, बलगम में खून, वजन घटना और रात में पसीना आने जैसे लक्षण दिखें, तो यह टीबी का संकेत हो सकता है. समय पर जांच और प्रॉपर ट्रीटमेंट से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है.

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टीबी एक खतरनाक बीमारी है, जो फेफड़ों और शरीर के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकती है.

TB Symptoms and Treatment: हर साल 24 मार्च को वर्ल्ड ट्यूबरकुलोसिस डे (World Tuberculosis Day) मनाया जाता है. इसक दिन का उद्देश्य लोगों को टीबी के बारे में जागरूक करना और इसे खत्म करने का प्रयास करना है. टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जो मुख्य रूप से फेफड़ों को प्रभावित करती है. हालांकि यह शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है और इसका इलाज एंटीबायोटिक दवाओं से किया जाता है. समय पर पहचान और सही इलाज से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. समस्या तब होती है, जब लोग इसके शुरुआती लक्षणों को सामान्य खांसी, सर्दी या प्रदूषण का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. यही लापरवाही बीमारी को गंभीर बना देती है और दूसरों तक फैलने का खतरा भी बढ़ा देती है.

नई दिल्ली के जाने-माने पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. भगवान मंत्री ने News18 को बताया कि लगातार 3 सप्ताह या उससे अधिक समय तक रहने वाली खांसी टीबी का सबसे कॉमन और शुरुआती संकेत है. यह खांसी सूखी भी हो सकती है और बलगम वाली भी हो सकती है. फेफड़ों में मौजूद बैक्टीरिया श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं, जिससे बार-बार खांसी आती है. अगर सामान्य दवाओं या कफ सिरप से राहत नहीं मिल रही है, तो इसे हल्के में न लें और तुरंत जांच करवाएं.

डॉक्टर ने बताया कि खांसी के साथ खून आना एक गंभीर चेतावनी संकेत है. जब संक्रमण फेफड़ों के टिश्यूज को नुकसान पहुंचाता है, तो ब्लड वेसल्स प्रभावित हो सकती हैं, जिससे बलगम में खून दिखाई देता है. भले ही खून की मात्रा कम हो, इसे नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. इसके अलावा टीबी के कारण फेफड़ों में सूजन और संक्रमण बढ़ने लगता है, जिससे सीने में दर्द महसूस होता है. यह दर्द गहरी सांस लेने या खांसने पर ज्यादा बढ़ सकता है. साथ ही सांस लेने में तकलीफ भी होने लगती है, जिससे रोजमर्रा के काम करना मुश्किल हो सकता है.

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एक्सपर्ट की मानें तो बिना किसी खास कारण के तेजी से वजन कम होना और भूख में कमी आना भी टीबी का संकेत हो सकता है. शरीर संक्रमण से लड़ने में अधिक एनर्जी खर्च करता है, जिससे कमजोरी और थकान बढ़ जाती है. यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. इसके अलावा टीबी के मरीजों में अक्सर शाम या रात के समय हल्का बुखार रहता है. इसके साथ ही रात में अत्यधिक पसीना आना भी एक खास लक्षण है. यह दर्शाता है कि शरीर का इम्यून सिस्टम संक्रमण से लड़ने की कोशिश कर रहा है, जिससे व्यक्ति को लगातार थकान महसूस होती है.

डॉक्टर ने बताया कि टीबी बैक्टीरिया से होने वाली एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसे ट्रीटमेंट के जरिए पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. भारत में सरकारी योजनाओं के तहत इसका मुफ्त इलाज उपलब्ध है. जरूरी है कि लक्षण दिखने पर तुरंत जांच कराएं, इलाज पूरा करें और बीच में दवा न छोड़ें. इस बीमारी का अगर शुरुआती स्टेज में पता चल जाए, तो इसे खत्म करना आसान होता है. टीबी की बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है, इसलिए इसके लक्षणों को जानना जरूरी है.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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