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शरीर से एक किडनी निकालने के मामले अक्सर चर्चा में आ जाते हैं. धोखाधड़ी से एक किडनी निकाल लेने का गैंग देशभर में सक्रिय रहता आया है. ये कहा जाता है कि दूसरी किडनी का शरीर में होना बैकअप है. जानते हैं कि शरीर में जो अंग दो हैं, क्या उनके एक होने पर भी काम चल सकता है. आखिर ये दो क्यों दिए गए.

विज्ञान कहता है कि दो आंख, दो कान, दो किडनी होना एक “इवोल्यूशनरी डिजाइन” है, जिसमें बैकअप + काम करने में बेहतरी + बॉडी सिमेट्री यानि शरीर का अपने सभी अंगों के साथ संतुलन का खास रोल होता है. इवोल्यूनरी डिजाइन इंसान द्वारा बनाया गया डिज़ाइन नहीं है, बल्कि यह एक लंबी प्राकृतिक प्रक्रिया का नतीजा है. (AI News18 IMAGE)

करोड़ों सालों में जीवों का शरीर धीरे-धीरे बदलकर ऐसा बनता है जो उसके जीवित रहने और प्रजनन के लिए सबसे बेहतर हो. इसे सबसे बेहतर चार्ल्स डार्विन ने समझाया था. आप इसे इस तरह भी कह सकते हैं कि शरीर हमारे शरीर में ऐसा सिस्टम समय के साथ विकसित करती है, जो हमें जिंदा रखने में मदद करे. (AI News18 Image)

अगर साइंस की भाषा में समझें तो इंसानी शरीर में कई अंग “अतिरिक्त क्षमता” के साथ आते हैं, यानी शरीर इस तरह बना है कि अगर एक खराब हो जाए तो दूसरा काम संभाल सके. वैसे आपको बता दें कि आप एक किडनी के साथ पूरी जिंदगी जी सकते हैं. एक आंख या एक कान से भी जीवन संभव है. हार्वर्ड हेल्थ के अनुसार शरीर में ऐसी क्षमता होती है कि ताकि बीमारी और चोट में भी जीवित रह सकें. (AI News18 Image)
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इवोल्यूशनरी का सिद्धांत कहता है, जिन लोगों के शरीर में बैकअप था, उनके बचने की संभावना ज्यादा थी, लिहाजा प्रकृति और शरीर में भी वही जीन आगे बढ़े हमारा शरीर दो हिस्सों में बनाकर जोड़ा हुआ ज्यादा लगता है. तकरीबन सभी जटिल इसी तरह बने हैं. यानी शरीर दो बराबर हिस्सों में बंटा होता है. (AI news18 image)

बीबीसी साइंस फोकस का कहना है कि अधिकांश जानवर बाएं और दाएं दोनों ओर एक जैसे तरीके से बने होते हैं. इसी वजह से शरीर में दो आंख, दो कान, दो किडनी विकसित हुए. इसी वजह से शरीर के बीच में अंगर जैसे हृदय और लिवर एक होते हैं. (ai news18 image)

वैसे दो अंग होने से शरीर का काम बेहतर” भी होता है. दो आंखें थ्री डी विजन की क्षमता रखती हैं, दूरी का अंदाज बेहतर तरीके से लगा लेती हैं. अगर एक ही आंख होती तो दुनिया फ्लैट दिखती, ड्राइविंग, खेल, चलना सभी कुछ मुश्किल होता. साइंस कहती है कि दो आंखों से हमारा दूरी और गहराई को ज्यादा बेहतर तरीके से समझता है. (ai news18 image)

दो कान आवाज की दिशा को ज्यादा सटीक तरीके से समझ पाते हैं. तुरंत पता लग जाता है कि आवाज किधर से आ रही है. अगर एक कान होता तो आवाज तो सुनाई पड़ती लेकिन दिशा नहीं पता चलती. (ai news18 image)

शरीर में दो किडनी होने से खून का फिटलर और बैकअप का काम बेहतर तरीके से होता है. अगर एक खराब हो जाए तो दूसरी काम संभाल लेती है. इसीलिए किडनी डोनेट भी कर सकते हैं. और इसके बाद भी सामान्य जीवन जीते हैं. वैज्ञानिक रिसर्च कहती हैं कि एक किडनी से जीवन संभव है, लेकिन दो होने से सुरक्षा बढ़ती है. (ai news18 image)

अब मान लीजिए कि हमारी एक ही आंख, कान और किडनी होते तो क्या होता. एक आंख होने की सूरत में दुर्घटनाओं का जोखिम ज्यादा रहता. कान आवाज सुन पाते लेकिन उसकी दिशा का अंदाज नहीं लगा पाते. अगर एक किडनी होती और वो भी खराब हो जाती तो सीधे जीवन मरण की स्थिति बन जाती. मतलब शरीर ज्यादा असुरक्षित और नाजुक हो जाता. (news18 ai image)

ऐसे में ये सवाल हो जाता है कि जब ऐसी ही बात है तो दिल और लिवर दो क्यों नहीं हैं. दिल एक ही होता है लेकिन उसमें पॉवरफुल पंप होता है. फिर ये भी कह सकते हैं कि दिल भी दो पंप जैसा ही है, क्योंकि इसकी दोनों साइड होती हैं. अगर दो दिल होते तो उनमें तालमेल मुश्किल होता. शरीर को उनसे काम लने के लिए ज्यादा एनर्जी खर्च करनी होती. (news18 ai image)

लिवर के साथ खास बात ये है कि वो बहुत बड़ा और क्षमतावान होता है. और ये खुद को दोबारा पैदा भी कर सकता है. यानि उसको बैकअप की जरूरत ही नहीं है. तो आप कह सकते हैं कि दो आंख, दो कान और दो किडनी हमारे शरीर में अतिरिक्त लग्जरी नहीं है बल्कि स्मार्ट बॉयोलॉजिकल डिजाइन है. जो जीवन को बचाने वाला बैकअप देते हैं. इनके एक होने पर इंसान का जीवन ज्यादा जोखिम वाला और कम सक्षम होता. (news18 ai image)