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अनार को आमतौर पर एक हेल्दी फल के रूप में जाना जाता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसका छिलका भी उतना ही फायदेमंद होता है. आयुर्वेद में अनार को औषधि माना गया है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और कई समस्याओं जैसे पाचन, त्वचा और कमजोरी में राहत देता है. सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो अनार और उसका छिलका दोनों ही सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं.
अनार एक ऐसा फल है जो स्वाद और सेहत दोनों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. आमतौर पर यह सितंबर से फरवरी के बीच ज्यादा मिलता है, लेकिन आजकल ग्रीन हाउस और कोल्ड स्टोरेज की सुविधा के कारण यह लगभग पूरे साल उपलब्ध रहता है. खास बात यह है कि अनार सिर्फ अपने दानों के लिए ही नहीं, बल्कि उसके छिलके तक औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. आयुर्वेद में Pomegranate को “दाडिम” कहा जाता है और इसे एक शक्तिशाली औषधि माना गया है, जो शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाता है.
आयुर्वेद के अनुसार, अनार वात, पित्त और कफ तीनों दोषों को संतुलित करने में मदद करता है. यह शरीर में रक्त की मात्रा बढ़ाने, कमजोरी दूर करने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक होता है. नियमित रूप से अनार का सेवन करने से शरीर को अंदर से ताकत मिलती है, त्वचा में निखार आता है और इम्युनिटी भी बेहतर होती है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, जिससे कई बीमारियों का खतरा कम हो सकता है.
त्वचा से जुड़ी समस्याओं में भी अनार के छिलके बेहद फायदेमंद होते हैं. अगर चेहरे पर मुहांसे, दाग-धब्बे या एक्ने की समस्या है, तो अनार के सूखे छिलके का चूर्ण बनाकर उसमें गुलाबजल मिलाकर पेस्ट तैयार किया जा सकता है. इस पेस्ट को हफ्ते में दो बार चेहरे पर लगाने से त्वचा में मौजूद बैक्टीरिया कम होते हैं और स्किन साफ व ग्लोइंग बनती है. यह एक नेचुरल फेसपैक की तरह काम करता है, जो बिना किसी केमिकल के त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करता है.
गर्मियों में पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे दस्त या अतिसार आम हो जाती हैं. ऐसे में अनार के छिलके का पाउडर काफी कारगर माना जाता है. इसे छाछ में मिलाकर और थोड़ा सा भुना जीरा डालकर सेवन करने से पेट में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया खत्म होते हैं और आंतों की सूजन भी कम होती है. यह घरेलू उपाय पाचन को संतुलित करने और पेट को आराम देने में मदद करता है.
बच्चों में पेट के कीड़ों की समस्या भी अक्सर देखने को मिलती है, जो गलत खानपान और साफ-सफाई की कमी के कारण होती है. ऐसे में रोजाना खाली पेट अनार के दानों का सेवन कराना फायदेमंद हो सकता है. इससे आंतों में मौजूद कीड़े खत्म होते हैं और पेट दर्द में भी राहत मिलती है. साथ ही, अगर शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो, तो रोजाना एक अनार खाना लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह खून बढ़ाने में मदद करता है. विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि अनार का जूस पीने के बजाय सीधे दाने खाना ज्यादा बेहतर होता है, क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें

