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आज का दिन हिंदी सिनेमा के लिए काले दिन जैसा है. 6 साल पहले आज ही के दिन बॉलीवुड का एक चमकता सितारा हमेशा के लिए हमें अलविदा कह गया. कपूर खानदान के लाडले ऋषि कपूर ने अपने 50 दशक लंबे करियर के दौरान कई फिल्में दीं. अब वो भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन गुजरे जमाने का ये सितारा आज भी लोगों की यादों में बसा हुआ है.

नई दिल्ली. कपूर खानदान भारतीय सिनेमा की वह विरासत है, जिसने पीढ़ी दर पीढ़ी दर्शकों को सिर्फ मनोरंजन ही नहीं दिया, बल्कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की दिशा भी तय की. पृथ्वीराज कपूर से शुरू हुई यह परंपरा राज कपूर, ऋषि कपूर और आगे नई पीढ़ियों तक पहुंची. फिल्मों के सबसे नामी और पुराने परिवार से ताल्लुक रखने वाले ऋषि कपूर ने पिता राज कपूर की उंगली पकड़ फिल्मों में कदम रखा.

आज 30 अप्रैल को ऋषि कपूर की पुण्यतिथि पर उनकी पहली फिल्म बॉबी से जुड़ा एक किस्सा बताते हैं. ऋषि कपूर पहली बार पिता राज कपूर की फिल्म मेरा नाम जोकर में नजर आए थे. इस फिल्म में एक्टर ने पिता राज कपूर के बचपन का रोल अदा किया था, हालांकि इस फिल्म के दौरान वो चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर सामने आए थे.

ऋषि कपूर ने 1973 में डिंपल कपाड़िया के साथ फिल्म ‘बॉबी’ से लीड हीरो के तौर पर एक्टिंग डेब्यू किया था. इस फिल्म का निर्देशन उनके पिता और बॉलीवुड के पहले शोमैन राज कपूर ने किया था. फिल्म के सेट पर वो इतने सख्त थे कि ऋषि को उन्हें पिता कहने तक की इजाजत नहीं थी, वो सेट पर उन्हें ‘साहब’ कहकर पुकारते थे.
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‘बॉबी’ के सेट पर राज कपूर पिता नहीं बल्कि सिर्फ एक सख्त निर्देशक थे, जो अपने बेटे को भी उसी अनुशासन से गढ़ रहे थे, जैसे वो किसी भी नए कलाकार के साथ पेश आते थे. दिवंगत एक्टर ने इस फिल्म से जुड़ा एक किस्सा साझा किया था कि कैसे पहली ही फिल्म के सेट पर राज कपूर ने उन्हें कभी न भूलने वाला सबक दे डाला था.

ऋषि कपूर ने बताया था कि बॉबी के सेट पर उन्हें गाना शूट करना था और वो मेकअप करके, पूरी तरह से तैयार थे. एक्टर सेट पर कोरियोग्राफर का इंतजार कर रहे थे, लेकिन बाद में उन्हें पता चला कि कोरियोग्राफर आने ही नहीं वाला है.

‘बॉबी’ के पहले गाने की शूटिंग के दौरान ऋषि कपूर को लगा कि सेट पर कोई कोरियोग्राफर आएगा, जो उन्हें बताएगा कि कैसे चलना है, कैसे डांस करना है, कैसे एक्सप्रेशन देने हैं. लेकिन लंबे इंतजार के बाद जब कोई नहीं आया, तो घबराहट बढ़ गई. तभी राज कपूर ने साफ कहा कोई कोरियोग्राफर नहीं आएगा, जो करना है, तुम्हें खुद करना है.

यह सुनकर ऋषि कपूर कि मानो पैरों तले जमीन खिसक गई. नए अभिनेता के तौर पर उनका आत्मविश्वास डगमगा गया. लेकिन यही वह पल था, जब राज कपूर ने उन्हें जिंदगी और स्टारडम की सबसे बड़ी सीख दी. उन्होंने कहा कि अगर कोई कोरियोग्राफर तुम्हें सिखाएगा, तो वह तुम्हें वैसे ही सिखाएगा जैसा कि उसने अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र को सिखाया है.तब लोग तुम्हें तुम्हारी पहचान से नहीं, बल्कि उनकी नकल के रूप में देखेंगे. इसलिए अपनी अलग पहचान खुद खोजो.

राज कपूर की यह बात ऋषि कपूर के लिए सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि उनके स्टारडम की नींव बन गई. उन्होंने अपने गानों, लिप-सिंक, डांस मूव्स और रोमांटिक अंदाज को खुद गढ़ा. यही वजह रही कि जब 70 और 80 के दशक में अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र एक्शन के बड़े चेहरे थे, तब ऋषि कपूर ने रोमांस और म्यूजिकल सिनेमा के जरिए अपनी अलग दुनिया बनाई.