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आगरा में बढ़ती हड्डियों की कमजोरी I युवाओं में ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण

आगरा में बढ़ती हड्डियों की कमजोरी I युवाओं में ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण


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आगरा में हड्डियों की कमजोरी यानी ऑस्टियोपोरोसिस के मामले बढ़ रहे हैं, अब युवाओं में भी इसके लक्षण दिखाई देने लगे हैं. हल्की चोट में फ्रैक्चर, पीठ में दर्द और कद घटना इसके मुख्य संकेत हैं. डॉक्टर आशीष मित्तल के अनुसार, समय पर इलाज और हेल्दी लाइफस्टाइल से इस बीमारी से बचा जा सकता है.

आगरा. शहर में ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों की संख्या बढ़ी है, आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि बदलती लाइफस्टाइल और खान पान से कई तरह की बीमारियां शिकार बना लेती है. उन्होंने कहा कि हड्डियों से संबंधित मरीज बढ़े है जिसमें युवाओं कि संख्या भी देखी जा रही है. चिकित्सक ने बताया कि मरीजों में ऑस्टियोपोरोसिस कि शिकायत देखी जा रही है. चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी में मरीज कि हड्डियां कमजोर व छिद्रयुक्त होने लगती है. उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हड्डियों का घनत्व जिसे डेंसिटी भी कहते है यह कम हो जाता है, जिससे वे पतली, नाजुक और ट्रटने यानि कि फ्रेक्चर के प्रति अत्यधिक संभावना बढ़ जाती है. डॉ. ने कहा कि इसका समय रहने उपचार कराना बेहद जरूरी है.

दर्द और बार बार फ्रेक्चर होने पर चिकित्सक से करें सम्पर्क
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षणों को पहचाना जा सकता है, हालांकि शुरुआत में इसके लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते है. उन्होंने कहा कि ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं, जिसे अक्सर ‘साइलेंट डिजीज कहते है क्योंकि शुरुआती चरणों में इसका कोई खास लक्षण दिखते नहीं देता है. उन्होंने कहा कि इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में हल्की चोट से फ्रैक्चर होना (विशेषकर कल्हे, कलाई, रीढ) पीठ में तेज दर्द रहना, समय के साथ कद कम होना और झुककर चलना आदि होते है. डॉ. आशीष ने कहा कि ऐसी स्थिति में मरीज को लापरवाही नहीं करनी चाहिए. ऐसे अवस्था में मरीज को तत्काल नज़दीकी हड्डी रोग विशेषज्ञ से सलाह लेकर अपना इलाज शुरू कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि समय रहने इलाज से बीमारी से छुटकारा भी पाया जा सकता है.

ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए हेल्दी फ़ूड खाएं
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस से बचना है तो अपनी जीवन शैली में सुधार करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अनहेल्दी फ़ूड का त्याग कर हेल्दी फ़ूड का इस्तेमाल करना चाहिए. डॉ. आशीष ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए कैल्शियम और
विटामिन डी से भरपूर आहार लें, नियमित रूप से वजन उठाने वाले व्यायाम जैसे चलना, दौड़ना, योगासन आदि करें. डॉ. ने कहा कि युवाओं को धुम्रपान और शराब से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये उपाय हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने और फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने में मदद करते है. डॉ. आशीष ने कहा कि यदि हड्डियों में कहीं भी लगातार दर्द बना रहता है तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

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Monali Paul

नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें



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