अक्सर देखा जाता है कि घरों में छोटे बच्चों को चटपटा खाने के लिए कुरकुरे, चॉकलेट, नमकीन और बिस्कुट दे दिए जाते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि यह आपके बच्चों के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है? कहीं आपकी छोटी-सी लापरवाही बच्चों के लिए बड़ी समस्या न बन जाए. आइए जानते हैं इस बारे में बाल रोग विशेषज्ञ क्या कहते हैं.
छोटी सी लापरवाही बन सकती है बड़ी समस्या
लोकल 18 से बातचीत में केसरी राज हॉस्पिटल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमंत गुप्ता बताते हैं कि आजकल छोटे बच्चों में पेट दर्द की समस्या काफी बढ़ रही है. इसका प्रमुख कारण है कि लोग हाई-फाइबर डाइट नहीं लेते. हरी सब्जियों और फलों का सेवन बहुत कम कर दिया गया है. इसके अलावा बच्चे चिप्स, कुरकुरे, टॉफी और मोमोज जैसी चीजों का अधिक सेवन कर रहे हैं.
इन खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाला मैदा अक्सर खराब गुणवत्ता का होता है. चूंकि ये सभी चीजें मैदे से बनी होती हैं, इसलिए यह आंतों में जाकर चिपक जाती हैं. इससे बच्चों की भूख कम हो जाती है और कब्ज की समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है, जिसकी वजह से बच्चों को पेट दर्द की शिकायत होने लगती है.
जंक फूड का ज्यादा सेवन बच्चों के लिए हानिकारक
इससे बचने के लिए बच्चों को ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की आदत डालनी चाहिए और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाना चाहिए. साथ ही उन्हें चिप्स, टॉफी, कुरकुरे और मोमोज जैसी चीजों से दूर रखना चाहिए.
इनका अधिक सेवन धीरे-धीरे पेट दर्द की समस्या को बढ़ा देता है और कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. इसका मुख्य कारण है जंक फूड और मैदे से बने खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन. खुले स्थानों पर बिकने वाले ऐसे खाद्य पदार्थ भी बच्चों के लिए नुकसानदायक होते हैं. मैदा बच्चों के पेट में चिपक सकता है, जिससे आंतों में कीड़े पड़ने की संभावना बढ़ जाती है और यह समस्या आगे चलकर गंभीर दर्द और अन्य दिक्कतों का कारण बन सकती है.
मोमोज खाने से आंत में हो गए थे छेद
डॉ. सुमंत गुप्ता बताते हैं कि हाल ही में एक ऐसी मरीज आई थी जिसने मोमोज का ज्यादा सेवन किया था. इसके कारण उसकी आंत में कई जगह छेद हो गए थे और दिमाग में भी कीड़े पड़ गए थे, जिससे उसकी हालत काफी गंभीर हो गई थी. अगर समय पर इलाज न होता, तो उसकी जान भी जा सकती थी.
इसलिए अगर आपके घर में छोटे बच्चे हैं और वे ज्यादा कुरकुरे, बिस्कुट, चॉकलेट और मोमोज जैसी चीजें खा रहे हैं, तो सावधान हो जाएं. कहीं आपकी छोटी-सी लापरवाही बच्चों के लिए बड़ी परेशानी न बन जाए.

