Diseases Linked To Obesity: आजकल मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है और बड़ी संख्या में लोग इसका शिकार हो रहे हैं. हर उम्र के लोगों पर मोटापा देखा जा रहा है. बच्चों से लेकर युवा और मिडिल एज से लेकर बुजुर्ग सभी इस परेशानी से जूझ रहे हैं. मोटापा एक एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है और लोगों को यह बात समझने की जरूरत है. मोटापे का असर शरीर के कई जरूरी ऑर्गन्स पर बुरी तरह पड़ता है. आजकल लोगों की लाइफस्टाइल बिगड़ गई है, उनके सोने-जागने और खाने-पीने का सिस्टम भी डिस्टर्ब हो गया है. अधिकतर लोग हर वक्त स्ट्रेस में रहते हैं और फिजिकल एक्टिविटी कम कर रहे हैं. जंक फूड का सेवन करने से भी मोटापे की समस्या बढ़ रही है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो मोटापा कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है.
मुंबई के अपोलो स्पेक्ट्रा की बैरिएट्रिक एंड लैप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ. अपर्णा गोविल भास्कर ने बताया कि भारत में सभी उम्र के लोगों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है. अधिकतर लोग आज भी मोटापे को सिर्फ पर्सनैलिटी से जोड़कर देखते हैं, लेकिन यह सेहत से जुड़ा मामला है. मोटापे के कारण हार्ट डिजीज, डायबिटीज, फैटी लिवर, हाई ब्लड प्रेशर और किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. इन बीमारियों का लोगों की ओवरऑल हेल्थ पर गंभीर असर पड़ता है. अगर आप बीमारियों से बचना चाहते हैं, तो आपको हर हाल में मोटापे से बचना होगा. मोटापे की चपेट में आने वाले लोग भी इसे धीरे-धीरे कम कर सकते हैं.
इन 4 बीमारियों की जड़ है मोटापा
डायबिटीज : मोटापा टाइप 2 डायबिटीज का सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है. शरीर में ज्यादा मात्रा में चर्बी जमा हो जाए, तो बॉडी इंसुलिन का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाती है और इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या पैदा हो जाती है. इससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है. अगर डायबिटीज को कंट्रोल न किया जाए, तो इसका असर हार्ट, नसों, आंखों और किडनी पर भी पड़ सकता है. डायबिटीज से जुड़ी कॉम्प्लिकेशंस जानलेवा भी हो सकती हैं.
हाई ब्लड प्रेशर : जब शरीर का वजन ज्यादा होता है, तो हार्ट को पूरे शरीर में ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इससे ब्लड वेसल्स पर दबाव बढ़ जाता है और हाई ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है. अगर हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल न किया जाए, तो इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए इस बीमारी को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. आपको जानकर हैरानी होगी कि भारत में हर चौथे वयस्क को हाई बीपी की समस्या है.
किडनी डिजीज : ज्यादा वजन होने से डायबिटीज और हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ जाता है. ये दोनों समस्याएं आगे चलकर क्रॉनिक किडनी डिजीज का कारण बन सकती हैं. ज्यादा वजन के कारण किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे शरीर के हानिकारक पदार्थों को फिल्टर करने की उसकी क्षमता कम हो सकती है. इसलिए किडनी हेल्थ का ध्यान रखना जरूरी है.
फैटी लिवर डिजीज : मोटापे से जूझ रहे कई लोगों के लिवर में ज्यादा मात्रा में चर्बी जमा हो जाती है. इससे नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) पैदा हो सकती है. शुरुआती चरण में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, लेकिन समय के साथ यह लिवर में सूजन, स्कारिंग और गंभीर स्थिति में लिवर फेलियर का कारण भी बन सकता है. मोटापा फैटी लिवर डिजीज का एक बड़ा रिस्क फैक्टर माना जाता है. अगर आप पहले से इस बीमारी के मरीज हैं, तो वजन को काबू में रखना जरूरी है.
मोटापा कम करने के लिए क्या करें
डॉक्टर अपर्णा ने बताया कि मोटापे को कंट्रोल करने के लिए लाइफस्टाइल को सुधारना बहुत जरूरी है. लोगों को रात में सही समय पर सोना चाहिए और देर रात तक नहीं जागना चाहिए. जंक फूड, तले-भुने फूड्स, प्रोसेस्ड फूड और डिब्बाबंद चीजों को खाने से बचें. कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस, स्पोर्ट्स ड्रिंक्स और अन्य शुगरी ड्रिंक्स से दूरी बनाएं. मोटापा कंट्रोल करने के लिए घर का बना पौष्टिक खाना खाएं. इसके अलावा तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें. रोज कम से कम 45 मिनट एक्सरसाइज करने की आदत डालें. साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं, ताकि मोटापे से जुड़ी किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके.

