Summer Food: बघेलखंड क्षेत्र के आदिवासी इलाकों में सुबह का नाश्ता शहरों की तुलना में बिल्कुल अलग और देसी होता है. यहां के ग्रामीण आज भी पारंपरिक खानपान को अपनाए हुए हैं, जो सस्ता होने के साथ-साथ शरीर को भरपूर ऊर्जा भी देता है. खासकर गर्मी के समय में खेतों में मेहनत करने वाले लोगों के लिए यह नाश्ता किसी प्राकृतिक एनर्जी ड्रिंक से कम नहीं माना जाता. हम बात कर रहे हैं गेहूं के दलिया और छाछ (मट्ठा) के मिश्रण की, जो आज भी गांवों में सुबह की शुरुआत का अहम हिस्सा है. आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. आरपी परौहा का कहना है कि दलिया और मट्ठा का यह मिश्रण शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और लू से भी बचाव करता है. इसके अलावा यह वजन नियंत्रित रखने, पाचन सुधारने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में भी सहायक है. आज भले ही बाजार में तरह-तरह के एनर्जी ड्रिंक्स मौजूद हों, लेकिन गांवों का यह देसी पेय स्वास्थ्य के लिहाज से कहीं अधिक भरोसेमंद और असरदार साबित हो रहा है.

