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क्या पीछे की ओर चलने से वाकई गायब हो जाती है पेट की चर्बी? जानें क्यों लोग पार्कों में चल रहे हैं ‘उल्टा’, क्या है घुटनों से कनेक्शन

क्या पीछे की ओर चलने से वाकई गायब हो जाती है पेट की चर्बी? जानें क्यों लोग पार्कों में चल रहे हैं ‘उल्टा’, क्या है घुटनों से कनेक्शन


Retro Walking Health Benefits : पार्कों में सुबह की सैर के दौरान आपने अक्सर कुछ लोगों को पीछे की ओर चलते (Backward Walking) देखा होगा. पहली बार देखने पर यह थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो यह ‘रेट्रो वॉकिंग’ (Retro Walking) शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. पैदल चलना एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज है, लेकिन जब आप उल्टी दिशा में चलते हैं, तो आपका शरीर एक चुनौती का सामना करता है, जिससे ताकत और लचीलापन दोनों बढ़ते हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार, जब हम सीधा चलते हैं, तो जोर टखनों (Ankles) पर पड़ता है. वहीं, पीछे की ओर चलने पर सारा बल कूल्हों और घुटनों से आता है. आइए जानते हैं इसके फायदे:

पीछे की ओर चलने के 5 अद्भुत फायदे-

1. तेजी से घटती है पेट की चर्बी (More Calorie Burn)-अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए है. अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन (ACSM) के अनुसार, पीछे की ओर चलने से सामान्य सैर की तुलना में लगभग 40% अधिक कैलोरी बर्न होती है. जहाँ तेज चलना 4.3 METs ऊर्जा खर्च करता है, वहीं उल्टा चलना 6.0 METs तक कैलोरी बर्न करता है.

2. घुटने के दर्द में रामबाण इलाज- क्या आप घुटने के दर्द या ऑस्टियोआर्थराइटिस से परेशान हैं? विशेषज्ञों का कहना है कि पीछे की ओर चलने से घुटने के जोड़ और हड्डी पर दबाव कम पड़ता है. यह जांघ की मांसपेशियों (Quadriceps) को मजबूत करता है, जो घुटने को सहारा देती हैं. फिजियोथेरेपिस्ट अक्सर रिकवरी के लिए इसकी सलाह देते हैं.

3. संतुलन और दिमागी चुस्ती- उल्टा चलना आपके दिमाग को ‘ऑटो-पायलट’ मोड से बाहर निकालता है. आपको हर कदम पर सचेत रहना पड़ता है, जिससे शरीर का संतुलन (Balance) सुधरता है और एकाग्रता बढ़ती है. एक अध्ययन के अनुसार, इससे अल्पकालिक याददाश्त (Short-term memory) भी बेहतर हो सकती है.

4. मांसपेशियों की मजबूती और लचीलापन- सामान्य चाल में एड़ी पहले जमीन पर पड़ती है, लेकिन उल्टी चाल में पंजे (Toes) पहले जमीन छूते हैं. यह बदलाव आपकी हैमस्ट्रिंग और पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, जिससे रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है.

5. वर्कआउट को बनाता है मजेदार- रोजाना एक ही तरह की सैर से बोरियत हो सकती है. अपनी रूटीन में 5-10 मिनट की रेट्रो वॉकिंग शामिल करने से वर्कआउट मजेदार बना रहता है.

ट्रेडमिल पर बैक वॉक कैसे करें? बाहर खुले में उल्टा चलना थोड़ा जोखिम भरा हो सकता है, इसलिए ट्रेडमिल एक सुरक्षित विकल्प है:

धीमी गति रखें: शुरुआत में गति 1 मील प्रति घंटा (बहुत धीमी) रखें.
सपोर्ट लें: चलते समय साइड रेलिंग को पकड़कर रखें.
सुरक्षा डोरी: ट्रेडमिल की सुरक्षा डोरी (Safety Cord) अपने कपड़ों से जरूर बांधें.
समय: पहले 5 मिनट से शुरू करें, फिर धीरे-धीरे इसे 10 से 20 मिनट तक ले जाएं.

सावधानी: किन लोगों को बचना चाहिए? पीछे की ओर चलना सबके लिए सुरक्षित नहीं हो सकता. अगर नीचे दी गई समस्याएं हैं, तो डॉक्टर की सलाह के बिना इसे न करें:

  • पार्किंसंस रोग या संतुलन संबंधी गंभीर समस्या.
  • हाल ही में हुई कोई सर्जरी या गंभीर चोट.
  • बहुत अधिक चक्कर आने की समस्या.

पीछे की ओर चलना न केवल आपकी फिटनेस को अगले स्तर पर ले जाता है, बल्कि आपके जोड़ों और दिल के स्वास्थ्य के लिए भी शानदार है. तो अगली बार जब आप पार्क में जाएं तो बैक वॉक जरूर करें लेकिन जरूरी बातों को ध्‍यान में रखकर.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)



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