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चेहरे पर जिद्दी दाग-धब्बे और असमान स्किन टोन से परेशान लोग अक्सर जल्दी रिजल्ट पाने के लिए लेज़र ट्रीटमेंट का सहारा लेते हैं. इसे हाइपरपिगमेंटेशन कम करने का एक मॉडर्न और असरदार तरीका माना जाता है, लेकिन क्या यह सच में स्थायी समाधान है? इससे पहले कि आप इस ट्रीटमेंट पर पैसा खर्च करें, इसके फायदे, संभावित नुकसान और असली असर को समझना बेहद जरूरी है.

हाइपरपिगमेंटेशन के लिए लेजर ट्रीटमेंट.
हाइपरपिगमेंटेशन तब होता है जब त्वचा में मेलानिन का उत्पादन ज्यादा हो जाता है, जिससे स्किन पर काले धब्बे या पैच नजर आने लगते हैं. इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे तेज धूप में ज्यादा समय बिताना, हार्मोनल बदलाव, पिंपल्स के निशान या बढ़ती उम्र. लेज़र ट्रीटमेंट को इन दाग-धब्बों को कम करने का एक आधुनिक और तेजी से असर दिखाने वाला तरीका माना जाता है. इसमें हाई-इंटेंसिटी लाइट बीम का इस्तेमाल किया जाता है, जो त्वचा की गहरी परतों में जाकर अतिरिक्त पिगमेंट को तोड़ने का काम करता है. धीरे-धीरे यह पिगमेंट हल्का पड़ने लगता है और स्किन का टोन पहले से ज्यादा साफ नजर आने लगता है.
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि लेज़र ट्रीटमेंट कोई जादुई समाधान नहीं है. इसका असर हर व्यक्ति की त्वचा और समस्या की गंभीरता पर निर्भर करता है. कई मामलों में एक ही सेशन से पूरा फायदा नहीं मिलता, बल्कि 4 से 6 सेशन या उससे ज्यादा की जरूरत पड़ सकती है. हर सेशन के बीच कुछ हफ्तों का अंतर रखना पड़ता है, ताकि त्वचा को रिकवर होने का समय मिल सके.
लेज़र ट्रीटमेंट में कितना आता है खर्च
अगर खर्च की बात करें, तो लेज़र ट्रीटमेंट सस्ता नहीं होता. एक सेशन का खर्च शहर और क्लिनिक के हिसाब से लगभग 3,000 से 10,000 रुपये या उससे ज्यादा हो सकता है. अगर कई सेशन कराने पड़ें, तो कुल खर्च काफी बढ़ सकता है. यही वजह है कि यह हर किसी के लिए किफायती विकल्प नहीं माना जाता.
लेज़र ट्रीटमेंट के बाद का डर
साइड इफेक्ट्स की बात करें, तो लेज़र ट्रीटमेंट आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कुछ मामलों में हल्की रेडनेस, सूजन, जलन या स्किन का छिलना देखने को मिल सकता है. बहुत सेंसिटिव स्किन वाले लोगों में पिगमेंटेशन और बढ़ने का खतरा भी रहता है, खासकर अगर ट्रीटमेंट के बाद सही देखभाल न की जाए. इसलिए एक्सपर्ट की सलाह के बिना इसे कराना सही नहीं होता.
लेज़र कराने के बाद रखें इस चीज का ख्याल
इसके अलावा, लेज़र कराने के बाद स्किन केयर रूटीन का पालन करना बेहद जरूरी होता है. सनस्क्रीन का नियमित इस्तेमाल, धूप से बचाव और मॉइश्चराइजिंग बहुत जरूरी है, वरना पिगमेंटेशन दोबारा भी हो सकता है.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें