Site icon Aaj Ki Baat

गर्मियों में स्विमिंग करने का है प्लान? डॉक्टर की बताई 4 बातों का रखें ध्यान, नहीं होगी आंखों की समस्या

गर्मियों में स्विमिंग करने का है प्लान? डॉक्टर की बताई 4 बातों का रखें ध्यान, नहीं होगी आंखों की समस्या


Last Updated:

Summer Swimming Tips: गर्मी से राहत पाने के लिए कई लोग रोज स्विमिंग करना पसंद करते हैं. अगर आप स्विमिंग पूल में जाना पसंद करते हैं, तो पूल में उतरने से पहले शावर लेना, गॉगल्स पहनना, कॉन्टैक्ट लेंस हटाना और बाद में आंखें धोना जरूरी है. पूल में क्लोरीन और बैक्टीरिया होते हैं, जो आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. ऐसे में सावधानी बरतनी चाहिए.

स्विमिंग पूल में हमेशा गॉगल्स लगाकर उतरना चाहिए.

Doctor Tips To Keep Eyes Healthy: गर्मियों की तपिश से बचने के लिए कई लोग स्विमिंग पूल में घंटों बिताते हैं. स्विमिंग पूल में समय बिताना बेहद आरामदायक अनुभव होता है. अक्सर लोग इस मौसम में नजदीकी स्विमिंग पूल में जाना पसंद करते हैं, लेकिन इस दौरान आंखों की सेफ्टी को इग्नोर कर देते हैं. डॉक्टर्स की मानें तो स्विमिंग पूल के पानी में मौजूद क्लोरीन और बैक्टीरिया आंखों में जलन, खुजली और गंभीर कॉर्नियल इन्फेक्शन का कारण बन सकते हैं. इससे बचने के लिए लोगों को पूल में उतरने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि आंखें सुरक्षित रहें और आप स्विमिंग का मजा भी ले पाएं.

मुंबई के ASG विजन आई सेंटर के सीनियर ऑप्थैल्मोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु मेहता ने HT को बताया स्विमिंग पूल में उतरने से पहले शरीर और चेहरे को साफ पानी से धोना बहुत जरूरी है. चेहरे पर लगे तेल, लोशन या क्रीम क्लोरीन के साथ मिलकर क्लोरामाइन बनाते हैं. यही क्लोरामाइन आंखों में जलन और खुजली की मुख्य वजह होता है. पहले शावर लेने से इस रासायनिक प्रतिक्रिया को रोका जा सकता है. इसके अलावा स्विमिंग करते वक्त आंखों की सुरक्षा के लिए अच्छी क्वालिटी वाले गॉगल्स पहनना जरूरी है. आप ऐसे गॉगल्स चुनें, जो आंखों के चारों ओर अच्छी पकड़ बनाएं, ताकि पानी अंदर न जा सके. ये गॉगल्स पूल के केमिकल्स को आंखों से दूर रखते हैं और टियर फिल्म को सुरक्षित रखते हैं.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

डॉक्टर ने बताया कि स्विमिंग के दौरान कॉन्टैक्ट लेंस पहनना इन्फेक्शन के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है. पानी के संपर्क में आने पर लेंस पर बैक्टीरिया पनप सकते हैं. क्लोरीन लेंस से चिपक जाता है और बैक्टीरिया को आंखों के संपर्क में रखता है, जिससे कॉर्नियल अल्सर हो सकता है. अगर आपकी नजर कमजोर है, तो साधारण लेंस के बजाय पावर वाले चश्मे का उपयोग करें. इसके अलावा स्विमिंग पूल से बाहर निकलने के बाद अपनी आंखों को साफ पानी से धोएं. आंखें बंद करके उन पर हल्के हाथ से पानी के छींटें मारें. इससे पलकों पर जमा क्लोरीन और रसायन निकल जाते हैं. इससे आंखों की लाली, ड्राइनेस और स्विमर्स आई की समस्या से बचाव हो सकता है. अगर प्रॉब्लम ज्यादा हो, तो टियर आई ड्रॉप्स का यूज कर सकते हैं.

डॉक्टर मेहता चेतावनी देते हैं कि स्विमिंग पूल के पानी के संपर्क में आने के बाद आंखों को कभी न रगड़ें, क्योंकि इससे रगड़ लगने से कॉर्निया को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है. दरअसल स्विमिंग पूल का पानी क्लोरीन और सूक्ष्म कीटाणुओं से भरा होता है. जब आप स्विमिंग के बाद अपनी आंखों को रगड़ते हैं, तो हाथों पर मौजूद गंदगी और पूल के केमिकल्स सेंसिटिव टिश्यूज के संपर्क में आ जाते हैं. सबसे बड़ा खतरा कॉर्नियल एब्रेशन का होता है. रगड़ने से आंखों की बाहरी पारदर्शी परत कॉर्निय पर बारीक खरोंचें आ सकती हैं. अगर पानी में मौजूद बैक्टीरिया इन खरोंचों में प्रवेश कर जाएं, तो यह कॉर्नियल अल्सर या गंभीर संक्रमण का रूप ले सकता है.

About the Author

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



Source link

Exit mobile version