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गर्मियों में हाथ-पैरों से आता है ज्यादा पसीना, आखिर क्या है इसकी वजह? कैसे कर सकते हैं बचाव

गर्मियों में हाथ-पैरों से आता है ज्यादा पसीना, आखिर क्या है इसकी वजह? कैसे कर सकते हैं बचाव


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Hyperhidrosis Main Causes: गर्मियों में हाथ-पैरों से ज्यादा पसीना आना केवल गर्मी का असर नहीं, बल्कि हाइपरहाइड्रोसिस नामक कंडीशन हो सकती है. यह समस्या ओवर एक्टिव ग्लैंड, तनाव या गलत खान-पान के कारण पैदा होती है. इस परेशानी को कंट्रोल करने के लिए एंटीपर्सपिरेंट, सही फुटवियर और स्ट्रेस मैनेजमेंट जैसे उपाय किए जा सकते हैं.

ज्यादा पसीना आने की वजह हाइपरहाइड्रोसिस कंडीशन हो सकती है.

Tips To Control Excessive Sweating: गर्मियों के मौसम में पसीने से बुरा हाल हो जाता है. पसीना आना एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है, जो हमारे शरीर के तापमान को कंट्रोल रखने में मदद करती है. हालांकि बहुत से लोगों के लिए यह कंडीशन तब परेशानी का कारण बन जाती है, जब उनके हाथ की हथेलियों और पैरों के तलवों से सामान्य से कहीं अधिक पसीना निकलने लगता है. मेडिकल साइंस में इस स्थिति को पामर और प्लांटर हाइपरहाइड्रोसिस कहा जाता है. अत्यधिक पसीने के कारण न केवल हाथ की पकड़ कमजोर होती है, बल्कि पैरों में दुर्गंध और फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है.

नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि हाथ-पैरों में जरूरत से ज्यादा पसीना आने की प्राथमिक वजह एक्राइन ग्रंथियों का ओवर एक्टिव होना है. जब हमें गर्मी लगती है या हम तनाव में होते हैं, तो नर्वस सिस्टम इन ग्रंथियों को सक्रिय करता है. हालांकि हाइपरहाइड्रोसिस से पीड़ित व्यक्ति के मामले में पसीने को नियंत्रित करने वाली सिम्पैथेटिक नर्व्स बिना किसी बाहरी उत्तेजना के भी इन ग्रंथियों को सिग्नल भेजती रहती हैं. इसके अलावा आनुवंशिकता, थायराइड की समस्या, लो ब्लड शुगर या हार्मोनल बदलाव भी इसके पीछे के प्रमुख कारण हो सकते हैं. गर्मियों में बढ़ा हुआ तापमान इस प्रक्रिया को और भी तेज कर देता है, जिससे हथेलियां हर समय गीली रहती हैं.

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डॉक्टर ने बताया कि हमारे खान-पान की आदतें भी पसीने की मात्रा को प्रभावित करती हैं. अत्यधिक कैफीन, तीखा और मसालेदार खाना शरीर के फाइट और फ्लाइट रिस्पांस को ट्रिगर करता है, जिससे पसीना अधिक आता है. शराब का सेवन और धूम्रपान भी शरीर के मेटाबॉलिज्म और तापमान नियंत्रण को बाधित करते हैं. इसके अलावा गर्मियों में सिंथेटिक कपड़ों या खराब क्वालिटी के रबर वाले जूते पहनने से पैरों को पर्याप्त हवा नहीं मिल पाती, जिससे नमी अंदर ही कैद हो जाती है और पसीना बैक्टीरिया के साथ मिलकर तेज दुर्गंध पैदा करने लगता है.

एक्सपर्ट के अनुसार इस समस्या से निपटने के लिए स्वच्छता और सही प्रोडक्ट का चुनाव जरूरी है. हाथों के लिए एल्युमिनियम क्लोराइड युक्त एंटीपर्सपिरेंट का उपयोग करें, जो पसीने की ग्रंथियों को अस्थायी रूप से ब्लॉक कर देता है. पैरों के लिए हमेशा सूती मोजे पहनें, जो पसीना सोख सकें और जूते बदलने की आदत डालें. प्राकृतिक उपचार के तौर पर ठंडे पानी में एप्पल साइडर विनेगर या फिटकरी डालकर हाथ-पैर डुबाने से रोमछिद्रों को कसने में मदद मिलती है. अगर समस्या बहुत गंभीर है, तो डॉक्टर आयोन्टोफोरेसिस या बोटॉक्स इंजेक्शन जैसे आधुनिक उपचारों की सलाह देते हैं, जो पसीने के सिग्नल को रोक देते हैं.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



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