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फूड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के मुताबिक कच्चे चिकन को धोना जरूरी नहीं, इससे बैक्टीरिया किचन में फैल सकते हैं. चिकन को लगभग 75 डिग्री पर अच्छी तरह पकाना ज्यादा सुरक्षित है.
घर में चिकन बनाते समय ज्यादातर लोग सबसे पहले उसे पानी से अच्छी तरह धोते हैं. कई लोगों को लगता है कि ऐसा करने से चिकन साफ हो जाता है, बदबू निकल जाती है और बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं. यह आदत सालों से रसोई में चली आ रही है, इसलिए लोग इसे सही मानते हैं. लेकिन फूड सेफ्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि कच्चे चिकन को पकाने से पहले धोना जरूरी नहीं है, बल्कि कई मामलों में यह नुकसानदायक भी साबित हो सकता है. यह सुनकर हैरानी जरूर होती है, लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक वजह भी है.
TOI में छपी रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे चिकन में कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया हो सकते हैं, जैसे साल्मोनेला और कैंपिलोबैक्टर. ये बैक्टीरिया पेट दर्द, उल्टी, दस्त और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. लोग सोचते हैं कि पानी से धोने पर ये बैक्टीरिया हट जाएंगे, लेकिन असल में सिर्फ पानी डालने से ये खत्म नहीं होते. उल्टा, जब चिकन को नल के नीचे धोया जाता है, तो पानी के छींटों के साथ बैक्टीरिया सिंक, किचन स्लैब, बर्तनों, कपड़ों और हाथों तक फैल सकते हैं. यही वजह है कि एक्सपर्ट्स चिकन धोने से मना करते हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार, चिकन को धोने से ज्यादा जरूरी है उसे सही तरीके से पकाना. जब चिकन को अच्छी तरह हाई तापमान पर पकाया जाता है, तब उसमें मौजूद बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं. इसलिए सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि चिकन को पूरी तरह पकाएं. अगर चिकन अंदर से कच्चा रह जाए या हल्का गुलाबी दिखे, तो बैक्टीरिया बच सकते हैं. इसलिए चिकन पकाते समय ध्यान रखें कि वह अच्छी तरह से तैयार हो जाए. अगर फूड थर्मामीटर हो तो उसका तापमान लगभग 75 डिग्री सेल्सियस या 165 फारेनहाइट तक पहुंचना बेहतर माना जाता है.
कई लोगों को चिकन की सतह पर चिपचिपापन महसूस होता है, इसलिए वे उसे धोना पसंद करते हैं. अगर यही वजह है, तो पानी से धोने के बजाय पेपर टॉवल या साफ टिश्यू से हल्के हाथ से पोंछा जा सकता है. इससे अतिरिक्त नमी और सतह की चिपचिपाहट कम हो सकती है. इसके बाद चिकन को सीधे मसालों में मेरिनेट करके पकाना बेहतर विकल्प है. इस तरीके से स्वाद भी अच्छा आता है और बैक्टीरिया फैलने का खतरा भी कम रहता है.
अगर कोई व्यक्ति फिर भी चिकन धोना चाहता है, तो बहुत सावधानी बरतनी चाहिए. चिकन धोने के बाद सिंक, नल, प्लेटफॉर्म और आसपास की जगह को अच्छे से साफ करें. जिस चाकू, कटिंग बोर्ड या बर्तन का इस्तेमाल किया गया हो, उन्हें गर्म पानी और साबुन से धोना चाहिए. साथ ही हाथों को भी कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से धोना जरूरी है.
इससे बैक्टीरिया फैलने का खतरा कम किया जा सकता है. कच्चे चिकन को स्टोर करने का तरीका भी बहुत अहम है. इसे हमेशा ढककर फ्रिज में रखें और दूसरे खाने की चीजों से अलग रखें, ताकि उसका रस किसी और खाद्य पदार्थ पर न लगे. फ्रीजर या फ्रिज में नीचे की शेल्फ पर रखना बेहतर माना जाता है. इससे क्रॉस कंटैमिनेशन का खतरा कम होता है.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें

