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धूप, तनाव और गलत खानपान का सीधा असर स्किन के pH बैलेंस पर पड़ता है. जब यह संतुलन बिगड़ता है तो त्वचा का नेचुरल बैरियर कमजोर हो जाता है, जिससे मुंहासे, रूखापन और जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.
आजकल लोग साफ और ग्लोइंग स्किन पाने के लिए कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं, लेकिन असली हेल्दी स्किन सिर्फ बाहरी चमक से नहीं पहचानी जाती. त्वचा की सेहत का एक अहम पहलू उसका pH बैलेंस होता है. जब स्किन का pH सही रहता है, तो वह ज्यादा हेल्दी, सॉफ्ट और प्रोटेक्टेड रहती है. लेकिन अगर यह बैलेंस बिगड़ जाए तो स्किन में कई तरह की समस्याएं शुरू हो सकती हैं जैसे रूखापन, जलन, पिंपल्स और सेंसिटिविटी.
pH का मतलब होता है किसी चीज का एसिडिक या अल्कलाइन होना. इसे 0 से 14 के स्केल पर मापा जाता है. 7 को न्यूट्रल माना जाता है, 7 से कम एसिडिक और 7 से ज्यादा अल्कलाइन होता है. वैज्ञानिकों के अनुसार, हमारी त्वचा का प्राकृतिक pH हल्का एसिडिक होता है, जो लगभग 4.5 से 5.5 के बीच रहता है. यही लेवल स्किन को बाहर से आने वाले बैक्टीरिया, धूल और प्रदूषण से बचाने में मदद करता है. इस सुरक्षा परत को स्किन बैरियर कहा जाता है, जो त्वचा की नमी को बनाए रखने और उसे नुकसान से बचाने का काम करता है.
जब स्किन का pH संतुलित रहता है तो त्वचा नमी से भरपूर और मुलायम बनी रहती है. लेकिन अगर यह संतुलन बिगड़ जाए, तो स्किन या तो बहुत ज्यादा ड्राई हो जाती है या फिर ऑयली. अक्सर बहुत ज्यादा हार्श साबुन, केमिकल वाले फेसवॉश या बार-बार चेहरा धोने से स्किन के नेचुरल ऑयल कम हो जाते हैं, जिससे त्वचा कमजोर हो सकती है. दूसरी ओर, कुछ लोगों में तेल ज्यादा बनने लगता है, जिससे पिंपल्स और एक्ने की समस्या बढ़ सकती है.
डॉक्टरों के मुताबिक, हमारी लाइफस्टाइल भी स्किन के pH पर असर डालती है. गलत खानपान, नींद की कमी, तनाव और मौसम में बदलाव त्वचा की बैलेंस को बिगाड़ सकते हैं. गर्मियों में पसीना और धूप स्किन को प्रभावित करते हैं, जबकि सर्दियों में त्वचा ज्यादा ड्राई हो जाती है. कई बार लोग बिना सोचे समझे ऐसे प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करते हैं जो उनकी स्किन के लिए सही नहीं होते, जिससे जलन, रेडनेस और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
त्वचा विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर चेहरा धोने के बाद स्किन खिंची हुई महसूस हो, बार-बार खुजली हो, या अचानक बहुत ज्यादा ऑयल या ड्राईनेस दिखे, तो यह pH असंतुलन का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में सही स्किन केयर रूटीन अपनाना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है.
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विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें

