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Health News: पारिजात की चाय बनाना बहुत आसान है. इसके लिए 5-6 ताजे गिरे हुए फूल लें और उन्हें धोकर हल्के गर्म पानी में 9 से 10 मिनट तक उबाल लें. जब पानी का रंग बदल जाए, तो इसे छानकर कप में निकाल लें.
सीधी. मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की वादियों में पाया जाने वाला पारिजात, जिसे हरसिंगार, सेहरुआ या रातरानी के नाम से भी जाना जाता है, इन दिनों अपनी औषधीय खूबियों के चलते चर्चा में है. अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर यह फूल अब सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा. खासकर इसकी चाय को प्राकृतिक इलाज के रूप में अपनाया जा रहा है. आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति में पारिजात को औषधीय गुणों का खजाना बताया गया है. आज जब लोग छोटी-छोटी बीमारियों के लिए दवाइयों पर निर्भर हो गए हैं, ऐसे में पारिजात की चाय एक सस्ता, सरल और असरदार विकल्प बनकर सामने आई है. यह फूल सफेद रंग का होता है, जिसकी डंडी नारंगी होती है. इसकी खासियत यह है कि यह रात में खिलता है और सुबह जमीन पर गिर जाता है, जिसे ग्रामीण लोग एकत्र कर उपयोग में लाते हैं.
सीधी के आयुष अधिकारी डॉ नरेंद्र पटेल ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि पारिजात के फूलों से बनी चाय में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. रोज सुबह खाली पेट इस चाय का सेवन करने से शरीर डिटॉक्स होता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है. खास बात यह है कि इसमें दूध की जरूरत नहीं होती, जिससे यह लैक्टोज इन्टॉलरेंट लोगों के लिए भी बेहतर विकल्प बन जाती है.
माइग्रेन से मिलेगी राहत
पारिजात के फूलों की चाय कई सामान्य बीमारियों में भी कारगर मानी जा रही है. एसिडिटी, सर्दी-जुकाम, जोड़ों का दर्द, सिरदर्द और माइग्रेन जैसी समस्याओं में इससे राहत मिलती है. साथ ही यह मानसिक तनाव को कम करने और नींद की गुणवत्ता बेहतर करने में भी सहायक है. यही वजह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इसे प्राकृतिक टॉनिक के रूप में देखा जा रहा है और लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर रहे हैं.
पारिजात की चाय बनाना आसान
पारिजात की चाय बनाना भी बेहद आसान है. इसके लिए 5-6 ताजे गिरे हुए फूल लें और उन्हें हल्के गर्म पानी में 9 से 10 मिनट तक उबालें. जब पानी का रंग बदल जाए, तो इसे छानकर कप में निकाल लें. स्वाद के लिए इसमें शहद या नींबू की कुछ बूंदें मिलाई जा सकती हैं लेकिन दूध और चीनी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए ताकि इसके औषधीय गुण बरकरार रहें.
डॉक्टर या आयुर्वेदाचार्य से सलाह
डॉ नरेंद्र पटेल ने कहा कि इस चाय का सेवन सुबह खाली पेट करना सबसे अधिक फायदेमंद होता है. हालांकि किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज या गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेदाचार्य से सलाह जरूर लेनी चाहिए. बदलती जीवनशैली के बीच पारिजात की चाय एक प्राकृतिक, सुरक्षित और प्रभावी विकल्प के रूप में उभर रही है, जो शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकती है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
