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जिम में बॉडी बनाने के चक्कर में न करें ये 5 गलतियां, इंजरी का बढ़ जाएगा खतरा, फिटनेस एक्सपर्ट ने दिए टिप्स

जिम में बॉडी बनाने के चक्कर में न करें ये 5 गलतियां, इंजरी का बढ़ जाएगा खतरा, फिटनेस एक्सपर्ट ने दिए टिप्स


Fitness Expert Tips for Gym: आजकल युवाओं में बॉडी बनाने का क्रेज देखने को मिल रहा है. मस्कुलर बॉडी और फिट दिखने के चक्कर में युवा जिम में घंटों पसीना बहा रहे हैं. सोशल मीडिया पर अपने पसंदीदा फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स को देखकर लोग जोश में जिम तो जॉइन कर लेते हैं, लेकिन सही जानकारी के अभाव में वे कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो उनके शरीर के लिए घातक साबित हो सकती हैं. फिटनेस एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि बिना किसी योजना या गलत टेक्निक के वर्कआउट करने से न केवल मसल्स की ग्रोथ रुक जाती है, बल्कि इंजरी का खतरा भी बढ़ जाता है. आप भी जिम जाने की शुरुआत कर रहे हैं या लंबे समय से वर्कआउट कर रहे हैं, तो आपको 5 गलतियों के बारे में जरूर जान लेना चाहिए.

नोएडा की फोर्टियर फिटनेस एकेडमी के ट्रेनर देव सिंह ने News18 को बताया कि जिम में कदम रखते ही भारी वजन उठाने लगना सबसे बड़ी गलती है. वार्म-अप आपके शरीर के तापमान को बढ़ाता है और मांसपेशियों में ब्लड फ्लो को तेज करता है, जिससे वे वर्कआउट के लिए तैयार होती हैं. बिना वार्म-अप के एक्सरसाइज करने से मांसपेशियों में खिंचाव और लिगामेंट इंजरी की संभावना बढ़ जाती है. इसी तरह वर्कआउट के अंत में कूल-डाउन और स्ट्रेचिंग न करने से शरीर में लैक्टिक एसिड जमा हो जाता है, जिससे मांसपेशियों में लंबे समय तक दर्द और अकड़न बनी रहती है.

एक्सपर्ट ने बताया कि जिम में दूसरों को प्रभावित करने के चक्कर में अपनी क्षमता से कहीं अधिक वजन उठाना ईगो लिफ्टिंग कहलाता है. यह इंजरी का सबसे प्रमुख कारण है. जब आप बहुत भारी वजन उठाते हैं, तो आपका पूरा ध्यान वजन उठाने पर होता है न कि सही फॉर्म और पोस्चर पर. इससे आपकी रीढ़ की हड्डी, जोड़ों और टेंडन्स पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे स्लिप डिस्क या जोड़ों के फटने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं. याद रखें बॉडी वजन की मात्रा से नहीं, बल्कि सही तरीके से मांसपेशियों पर पड़ने वाले तनाव से बनती है.

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फिटनेस एक्सपर्ट देव सिंह के अनुसार एक्सरसाइज के दौरान सही फॉर्म बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है. अगर आप बाइसेप्स कर्ल करते समय अपनी पीठ हिला रहे हैं या स्क्वाट्स करते समय घुटनों को गलत दिशा में ले जा रहे हैं, तो आप अपनी मेहनत बेकार कर रहे हैं. गलत पोस्चर न केवल उस विशिष्ट मांसपेशी पर काम नहीं करता, जिसे आप टारगेट कर रहे हैं, बल्कि यह अन्य अंगों पर गलत दबाव डालकर उन्हें चोटिल कर देता है. हमेशा शुरुआत में हल्के वजन के साथ तकनीक को मास्टर करें और संभव हो तो शीशे के सामने खड़े होकर अपने मूवमेंट को चेक करें.

कई लोगों को लगता है कि वे जितना ज्यादा और जितनी देर जिम करेंगे, उतनी जल्दी बॉडी बनेगी. हकीकत यह है कि मांसपेशियां जिम में नहीं, बल्कि तब बढ़ती हैं, जब आप सो रहे होते हैं या आराम कर रहे होते हैं. हर दिन एक ही मांसपेशी को ट्रेन करना या हफ्ते के सातों दिन बिना ब्रेक के वर्कआउट करना ओवरट्रेनिंग कहलाता है. इससे शरीर में कोर्टिसोल यानी स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है और मांसपेशियां रिकवर होने के बजाय टूटने लगती हैं. शरीर को ठीक होने के लिए पर्याप्त नींद और रेस्ट डे देना अनिवार्य है. इससे आपका शरीर ठीक तरीके से रिपेयर हो पाएगा और इंजरी का रिस्क कम होगा.

एक्सपर्ट की मानें तो केवल जिम करने से शरीर नहीं बनता, बल्कि इसमें 70% भूमिका आपकी डाइट की होती है. कई लोग घर का पौष्टिक खाना छोड़कर केवल प्रोटीन शेक और अनवेरिफाइड सप्लीमेंट्स पर निर्भर हो जाते हैं. बिना एक्सपर्ट की सलाह के प्री-वर्कआउट या स्टेरॉयड जैसे पदार्थों का सेवन हार्ट और किडनी के लिए खतरनाक हो सकता है. शरीर को कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट्स और विटामिन्स की भी उतनी ही जरूरत होती है जितनी प्रोटीन की. संतुलित आहार के बिना जिम में पसीना बहाना केवल थकान का कारण बनेगा.



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