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Jajali Plant Brush: झारखंड की राजधानी रांची के आसपास के जैसे खूंटी और कांके के जंगल के साइड के रहने वाले लोग खासतौर पर जजाली नाम के पौधे का इस्तेमाल करते हैं. इसके इस्तेमाल से 80 साल के बूढ़ों का दांत एकदम टनाटन रहता है. एकदम साफ मोती जैसा चमकता हुआ रहता है. कांके में जंगल के समय से रहने वाले विजेंद्र बताते हैं कि प्राकृतिक रूप से इसकी टहनी एंटीबैक्टीरियल है. आइये जानते हैं इसके बारे में.

विजेंद्र बताते हैं कि इससे दांत में कीड़ा मकोड़ा नहीं लगता और गंदगी को बहुत अच्छे से साफ करता है. ये प्राकृतिक रूप से टूथपेस्ट का काम करता है. खासतौर पर टूथपेस्ट से जो झाग बनता है. बिल्कुल वैसा ही झाग बनता है. अगर आप इससे ब्रश करेंगे तो आपको लगेगा कि नहीं कि आप टूथपेस्ट इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं. मतलब की ये प्राकृतिक टूथपेस्ट जैसा महसूस होता है.

उन्होंने बताया कि यह एक एकदम प्राकृतिक टूथपेस्ट है. बिल्कुल वैसा ही झाग देखने को मिलता है. इससे खासतौर पर जीभ बहुत बढ़िया से साफ हो जाती है. इसलिए उन्होंने आज तक कभी भी बाजार का ब्रश या फिर टूथपेस्ट इस्तेमाल नहीं किया और आज इस गांव में जितने भी लोग हैं.

80- 90 साल के हैं. उन सभी का दांत एकदम टनाटन रहता है.नइसके अलावा ये एंटीबैक्टीरियल के साथ एंटी फंगल भी है. मतलब अगर दांत में या कहीं कोई इंफेक्शन है तो उससे भी बचाता है.
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यह पूरी तरह प्राकृतिक ह. इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं. मतलब अगर आपके मसूड़े में सूजन जैसा कुछ हो गया है तो आप इससे दातुन करते हैं तो आपको जबरदस्त फायदा मिलेगा.

उन्होंने बताया कि हमारे बच्चे अभी 4 साल के हैं. पर बचपन से ही हम उनको इसी के टहनी से दातुन करने का आदत डाल दिए हैं. ताकि बाद में इनको कोई परेशानी ना हो. यहां पर छोटे-छोटे बच्चे आपको इसी का दतुअन करते दिखाई देंगे और दांत ऐसा की रस्सी से ट्रक को खींच लेगा.