डिजिटल सनबर्न क्या है, ब्लू लाइट से त्वचा पर कैसे पड़ता है असर

डिजिटल सनबर्न क्या है, ब्लू लाइट से त्वचा पर कैसे पड़ता है असर


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क्या घंटों मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करने से आपकी त्वचा समय से पहले बूढ़ी हो सकती है? आजकल एक्सपर्ट्स “डिजिटल सनबर्न” नाम की एक नई समस्या को लेकर चेतावनी दे रहे हैं, जो स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के कारण होती है. माना जा रहा है कि लगातार स्क्रीन के संपर्क में रहने से त्वचा पर झुर्रियां, पिगमेंटेशन और डलनेस जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं.

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डिजिटल सनबर्न क्या है? तेजी से बना रहा बूढ़ा! त्वचा पर पड़ रहा खतरनाक प्रभावZoom

रात में फोन यूज करने के नुकसान.

आज के समय में मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक लोग घंटों स्क्रीन के सामने समय बिताते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि लगातार स्क्रीन देखने की आदत आपकी त्वचा को तेजी से बूढ़ा बना सकती है? इसी समस्या को अब “डिजिटल सनबर्न” कहा जा रहा है. यह एक ऐसा शब्द है जिसका इस्तेमाल स्क्रीन से निकलने वाली ब्लू लाइट के त्वचा पर पड़ने वाले प्रभाव को समझाने के लिए किया जाता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबे समय तक डिजिटल डिवाइसेज के संपर्क में रहने से स्किन पर समय से पहले एजिंग, पिगमेंटेशन और डलनेस जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

डिजिटल सनबर्न का मुख्य कारण स्क्रीन से निकलने वाली हाई एनर्जी विजिबल लाइट यानी ब्लू लाइट मानी जाती है. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, यह वही रोशनी है जो मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और टैबलेट से निकलती है. माना जाता है कि यह रोशनी त्वचा की गहराई तक पहुंचकर कोलेजन को प्रभावित कर सकती है. कोलेजन वह प्रोटीन होता है जो त्वचा को टाइट और जवान बनाए रखने में मदद करता है. जब कोलेजन कमजोर होने लगता है, तो चेहरे पर झुर्रियां, फाइन लाइन्स और ढीलापन नजर आने लगता है.

स्क्रीन के सामने ज्यादा समय बिताने से सिर्फ एजिंग ही नहीं, बल्कि त्वचा की रंगत पर भी असर पड़ सकता है. कई लोगों में चेहरे पर हल्के काले धब्बे, uneven skin tone और पिगमेंटेशन जैसी दिक्कतें बढ़ने लगती हैं. खासकर जो लोग देर रात तक फोन इस्तेमाल करते हैं या लगातार लैपटॉप पर काम करते हैं, उनमें यह समस्या ज्यादा देखी जा सकती है. इसके अलावा, स्क्रीन की रोशनी त्वचा को डिहाइड्रेट भी कर सकती है, जिससे चेहरा थका हुआ और बेजान दिखने लगता है.

डिजिटल सनबर्न का असर सिर्फ त्वचा तक सीमित नहीं माना जाता. लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, सिरदर्द और नींद की समस्या भी बढ़ सकती है. यही वजह है कि अब स्किन एक्सपर्ट्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स दोनों डिजिटल डिवाइसेज के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं.

हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि आपको पूरी तरह फोन या लैपटॉप छोड़ देना चाहिए, लेकिन कुछ आसान आदतें अपनाकर इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है. जैसे स्क्रीन टाइम को सीमित करना, हर 20-30 मिनट बाद ब्रेक लेना और रात में डार्क मोड या ब्लू लाइट फिल्टर का इस्तेमाल करना. इसके अलावा, त्वचा को हाइड्रेट रखना और सनस्क्रीन लगाना भी जरूरी माना जाता है, क्योंकि कई स्किन केयर एक्सपर्ट्स अब इंडोर स्क्रीन एक्सपोजर के दौरान भी स्किन प्रोटेक्शन की सलाह देते हैं.

एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर डाइट, पर्याप्त पानी और अच्छी नींद भी त्वचा को हेल्दी बनाए रखने में मदद कर सकती है. विटामिन C और E जैसे पोषक तत्व त्वचा को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं, जो समय से पहले एजिंग का कारण बन सकते हैं.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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