देर रात तक जागने की आदत शरीर को कैसे बदल देती है? धीरे-धीरे दिखने लगते हैं ये संकेत

देर रात तक जागने की आदत शरीर को कैसे बदल देती है? धीरे-धीरे दिखने लगते हैं ये संकेत


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आजकल देर रात तक जागना कई लोगों की रोजमर्रा की आदत बन गया है, लेकिन इसका असर धीरे-धीरे शरीर और दिमाग दोनों पर पड़ने लगता है. लगातार कम नींद लेने से थकान, चिड़चिड़ापन, कमजोर इम्यूनिटी और फोकस की समस्या बढ़ सकती है. समय रहते इस आदत को न बदला जाए तो यह कई हेल्थ प्रॉब्लम्स की वजह बन सकती है.

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देर रात तक जागने की आदत शरीर को कैसे बदल देती है? जान लें संकेत Zoom

देर रात तक जागने के नुकसान.

आजकल देर रात तक मोबाइल चलाना, वेब सीरीज देखना या काम करना कई लोगों की आदत बन चुका है. शुरुआत में यह सिर्फ एक छोटी सी लाइफस्टाइल चॉइस लगती है, लेकिन लगातार रात में देर तक जागने का असर शरीर और दिमाग दोनों पर पड़ने लगता है. कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, क्योंकि बदलाव धीरे-धीरे दिखाई देते हैं. लेकिन समय के साथ यही आदत थकान, मूड स्विंग, कमजोर इम्यूनिटी और कई दूसरी समस्याओं की वजह बन सकती है.

हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, हमारे शरीर में एक नैचुरल बॉडी क्लॉक होती है, जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है. यह तय करती है कि कब शरीर को आराम चाहिए और कब एक्टिव रहना है. जब कोई व्यक्ति लगातार देर रात तक जागता है, तो यह बॉडी क्लॉक बिगड़ने लगती है. इसका असर नींद की क्वालिटी पर पड़ता है और सुबह उठने के बाद भी शरीर फ्रेश महसूस नहीं करता. कई लोगों को दिनभर सुस्ती, सिर भारी लगना और काम में फोकस न कर पाने जैसी परेशानियां होने लगती हैं. धीरे-धीरे यह आदत पूरे रूटीन को असंतुलित कर देती है.

दिमाग और मूड पर भी पड़ता है असर
देर रात तक जागने का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिखाई देता है. कम नींद लेने वाले लोगों में चिड़चिड़ापन, तनाव और मूड स्विंग ज्यादा देखे जाते हैं. कई बार छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आने लगता है और दिमाग शांत नहीं रहता. रात में देर तक स्क्रीन देखने से दिमाग लगातार एक्टिव बना रहता है, जिससे उसे ठीक से आराम नहीं मिल पाता. कुछ लोगों को याददाश्त कमजोर होने या चीजें भूलने जैसी दिक्कतें भी महसूस होने लगती हैं.

इम्यूनिटी और पाचन पर पड़ सकता है बुरा असर
जब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता, तो इम्यून सिस्टम भी कमजोर होने लगता है. ऐसे लोग जल्दी सर्दी-जुकाम, खांसी या वायरल संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं. इसके अलावा देर रात तक जागने वाले लोग अक्सर अनहेल्दी स्नैकिंग भी करते हैं, जिससे पाचन पर असर पड़ता है. एसिडिटी, पेट भारी रहना और भूख का सही समय बिगड़ना आम समस्या बन सकती है. कुछ लोगों का वजन तेजी से बढ़ने लगता है, क्योंकि देर रात जागने से हार्मोन बैलेंस भी प्रभावित होता है.

त्वचा और आंखों में दिखने लगते हैं बदलाव
नींद पूरी न होने का असर चेहरे पर भी साफ नजर आने लगता है. आंखों के नीचे डार्क सर्कल, त्वचा का बेजान दिखना और चेहरे पर थकान नजर आना आम बात है. रात के समय शरीर खुद को रिपेयर करता है, लेकिन अगर नींद पूरी न हो तो यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. लगातार देर रात तक जागने से आंखों में जलन, सूखापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं, खासकर उन लोगों में जो रातभर मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं.

कैसे सुधार सकते हैं अपनी आदत
अगर आप रोज देर रात तक जागते हैं, तो धीरे-धीरे अपनी स्लीप टाइमिंग सुधारने की कोशिश करें. सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन टाइम कम करें और रात में कैफीन वाली चीजों से दूरी बनाएं. हर दिन एक तय समय पर सोना और उठना शरीर की बॉडी क्लॉक को दोबारा संतुलित करने में मदद कर सकता है. अच्छी नींद सिर्फ आराम नहीं देती, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भी बेहद जरूरी मानी जाती है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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