Site icon Aaj Ki Baat

पराठा जल्दी पचता है या पूड़ी, आपके पेट के लिए क्या बेहतर विकल्प, एक्सपर्ट से जान लीजिए

पराठा जल्दी पचता है या पूड़ी, आपके पेट के लिए क्या बेहतर विकल्प, एक्सपर्ट से जान लीजिए


Last Updated:

Paratha and Puri Digestion Time: अधिकतर लोग पराठा और पूड़ी खाना पसंद करते हैं. डाइटिशियन की मानें तो पराठा कम तेल में बनने के कारण पूड़ी की तुलना में जल्दी पच जाता है, जबकि पूड़ी डीप फ्राई होने से भारी हो जाती है. पाचन के लिहाज से भी पराठा बेहतर विकल्प माना जाता है. हालांकि रोज-रोज पराठा खाने से भी बचना चाहिए.

डाइटिशियन के मुताबिक पराठा पूड़ी की तुलना में ज्यादा जल्दी पचता है.

Paratha or Puri, Which Is Healthier: जब भी खुशियों का मौका होता है, तब लोगों के घर में पूड़ियां बनाई जाती हैं. पूड़ी-कचौड़ी का स्वाद सभी को खूब भाता है. फैमिली गेट टुगेदर हो या छोटा-मोटा फंक्शन, हर मौके पर पूड़ियां बनाने का चलन है. अक्सर लोग घर पर पराठा बनाकर खाना भी पसंद करते हैं. ब्रेकफास्ट में तमाम लोग रोज पराठा खाते हैं. पूड़ी और पराठा दोनों ही खान-पान का अहम हिस्सा हैं. कई लोग पूड़ी को पेट के लिए बेहतर मानते हैं, तो कुछ लोग पराठा बेहतर मानते हैं. ऐसे में यह सवाल उठता है कि इनमें से कौन सी चीज जल्दी पचती है और पेट के लिए क्या बेहतर है?

गाजियाबाद के रंजना न्यूट्रीग्लो क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन रंजना सिंह ने News18 को बताया पराठा आमतौर पर तवे पर सेंककर बनाया जाता है और इसमें तेल या घी की मात्रा कंट्रोल की जा सकती है. अगर पराठा कम तेल में और हल्का बनाया जाए, तो यह अपेक्षाकृत आसानी से पच जाता है. सादा पराठा लगभग 3 से 4 घंटे में पच सकता है, जबकि स्टफ्ड पराठा जैसे आलू या पनीर पराठा थोड़ा ज्यादा समय ले सकता है. इसके साथ दही या हल्की सब्जी लेने से पाचन और आसान हो जाता है.

एक्सपर्ट ने बताया पूड़ी को डीप फ्राई किया जाता है. यह पूरी तरह तेल में तलकर तैयार होती है. ज्यादा तेल और भारीपन के कारण यह पाचन तंत्र पर ज्यादा बोझ डालती है. पूड़ी को पचने में लगभग 4 से 6 घंटे या उससे ज्यादा समय लग सकता है, खासकर अगर इसे ज्यादा मात्रा में खाया जाए, तो पाचन देर में होता है. यह पेट में भारीपन, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकती है. अगर पूड़ी को तलने के लिए अच्छा तेल इस्तेमाल न किया जाए, तो इससे सेहत को नुकसान हो सकता है.

डाइटिशियन का मानना है कि पाचन क्षमता हर व्यक्ति में अलग होती है. किसी का मेटाबॉलिज्म तेज होता है तो वह इन चीजों को जल्दी पचा सकता है, जबकि कमजोर पाचन वाले लोगों को पूड़ी ज्यादा भारी लगती है. इसलिए खान-पान को हमेशा अपनी सेहत और शरीर की जरूरत के हिसाब से चुनना चाहिए. अगर हेल्थ के नजरिए से देखा जाए, तो पराठा पूड़ी की तुलना में बेहतर विकल्प माना जाता है, बशर्ते उसे कम तेल में बनाया जाए. सुबह के नाश्ते में हल्का पराठा लेना ज्यादा संतुलित विकल्प हो सकता है. वहीं पूड़ी को कभी-कभी और सीमित मात्रा में खाना चाहिए. जिन लोगों को जिन्हें पाचन संबंधी दिक्कतें रहती हैं, वे पूड़ी अवॉइड करें.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

About the Author

अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें



Source link

Exit mobile version