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फिल्मों की सफलता और विफलता का फैसला अक्सर उनके रिलीज के पहले हफ्ते के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन से हो जाता है. लेकिन, कभी-कभी वक्त का पहिया कुछ ऐसी करवट लेता है कि सिनेमाघरों में दम तोड़ चुकी एक फिल्म सालों बाद इतिहास रच देती है. बॉलीवुड में ‘सनम तेरी कसम’ एक ऐसा ही जादुई और अनोखा नाम है, जिस पर 2009 और 2016 में दो अलग-अलग फिल्में बनीं और दोनों ही अपनी मूल रिलीज के वक्त बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुईं. लेकिन, साल 2025 में जब 2016 वाली ‘सनम तेरी कसम’ को दोबारा सिनेमाघरों में री-रिलीज किया गया, तो देश भर के थिएटर्स में ऐसा तूफान आया जिसने इस कल्ट लव स्टोरी पर हमेशा-हमेशा के लिए सुपरहिट का ठप्पा लगा दिया. तो आइए, जानते हैं एक ही नाम की इन दो फिल्मों की पूरी इनसाइड स्टोरी.

नई दिल्ली. फिल्म इंडस्ट्री का यह एक कड़वा सच है कि हर अच्छी फिल्म को अपनी रिलीज के वक्त वो पहचान और दर्शक नहीं मिल पाते जिसकी वह हकदार होती है. कभी खराब मार्केटिंग, कभी गलत टाइमिंग तो कभी सिनेमाघरों में चल रही किसी दूसरी बड़ी फिल्म का मुकाबला अच्छे कंटेंट का रास्ता रोक देता है. बॉलीवुड में ‘सनम तेरी कसम’ टाइटल के साथ भी कुछ ऐसा ही अजीब इत्तेफाक जुड़ा रहा. इस नाम से बनी दो अलग-अलग फिल्में बॉक्स ऑफिस की कसौटी पर फेल हो गई थीं. लेकिन, सिनेमा की दुनिया में जनता का प्यार सबसे बड़ा होता है और इसी प्यार ने रिलीज के ठीक 9 साल बाद, यानी साल 2025 में 2016 वाली फिल्म की तकदीर को पूरी तरह से बदलकर रख दिया.

सनम तेरी कसम (2009): ‘सनम तेरी कसम’ नाम से पहली फिल्म साल 2009 में रिलीज हुई थी. इस फिल्म में सैफ अली खान और पूजा भट्ट मुख्य भूमिकाओं में थे. दरअसल, यह फिल्म 90 के दशक के मध्य में बनना शुरू हुई थी, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कई अंदरूनी दिक्कतों, प्रोडक्शन डिले और बजट की कमी के चलते यह फिल्म सालों तक डिब्बाबंद रही. जब साल 2009 में इसे बिना किसी खास प्रमोशन और बेहद ठंडे मिजाज के साथ सिनेमाघरों में रिलीज किया गया, तो दर्शकों को इसका कंटेंट और मेकिंग काफी पुरानी लगी. उस दौर में सैफ अली खान ‘रेस’ और ‘लव आज कल’ जैसी फिल्मों के साथ बॉलीवुड के मॉडर्न और स्टाइलिश स्टार बन चुके थे, ऐसे में उनकी इस पुरानी और आउटडेटेड फिल्म को दर्शकों ने पूरी तरह से नकार दिया. नतीजा यह हुआ कि 2009 की ‘सनम तेरी कसम’ बॉक्स ऑफिस पर एक बहुत बड़ी डिजास्टर साबित हुई और लोग इसके नाम को भी भूल गए.

सनम तेरी कसम (2016): ठीक 7 साल बाद, निर्देशक जोड़ी राधिका राव और विनय सप्रू ने एक बिल्कुल नई कहानी, नए चेहरों और एक रूहानी संगीत के साथ इसी टाइटल को दोबारा जीवित करने का फैसला किया. साल 2016 में आई ‘सनम तेरी कसम’ में साउथ के उभरते सितारे हर्षवर्धन राणे और पाकिस्तानी अभिनेत्री मावरा होकेन को कास्ट किया गया. फिल्म की कहानी एक बेहद सीधे स्वभाव की लाइब्रेरी में काम करने वाली लड़की सारू और एक रफ-एंड-टफ, जेल से छूटे हुए लड़के इंदर के इर्द-गिर्द घूमती थी.
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हिमेश रेशमिया के जादुई संगीत और अरीजीत सिंह की आवाज में सजे इसके गाने- जैसे ‘तेरा चेहरा’, ‘खींच मेरी फोटो’ और टाइटल ट्रैक… रिलीज के साथ ही हर युवा की जुबान पर चढ़ गए थे. फिल्म में हर्षवर्धन की इंटेंसिटी और मावरा की मासूमियत ने कमाल का माहौल बनाया था. लेकिन जब यह फिल्म थिएटर्स में आई, तो उस समय कमर्शियल और बड़े सितारों वाली मसाला फिल्मों के शोर में इस धीमी और गहरे दर्द वाली प्रेम कहानी को बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की भारी कमी का सामना करना पड़ा. ट्रेड पंडितों की रिपोर्ट में इस फिल्म को ‘फ्लॉप’ की कटेगरी में डाल दिया गया. मेकर्स और एक्टर्स के लिए यह एक बड़ा झटका था क्योंकि फिल्म में हर किसी ने अपना दिल निकाल कर रख दिया था.

थिएटर्स से हटने के बाद इस फिल्म का असली सफर शुरू हुआ डिजिटल मीडिया और टेलीविजन स्क्रीन पर. जब यह फिल्म टीवी पर दिखाई जाने लगी और इसके वीडियो यूट्यूब व ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आए, तो देश के युवाओं ने इसे देखना शुरू किया. फिल्म का क्लाइमैक्स, जहां सारू की मौत हो जाती है और इंदर का अकेलापन दर्शकों को रुला देता है, सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियो क्लिप्स के रूप में वायरल होने लगा. एक पूरी नई जनरेशन इस फिल्म की दीवानी हो गई. लोग हैरान थे कि इतनी खूबसूरत और दिल को छू लेने वाली फिल्म आखिर 2016 में थिएटर्स में फ्लॉप कैसे हो गई.

2025 का वो चमत्कारी साल: साल 2024 और 2025 का दौर बॉलीवुड में पुरानी कल्ट क्लासिक फिल्मों की री-रिलीज का गवाह बना. जब ‘तुम्बाड’ जैसी फिल्मों को दोबारा रिलीज करके शानदार रिस्पॉन्स मिला, तो ‘सनम तेरी कसम’ के मेकर्स और डिस्ट्रीब्यूटर्स ने भी एक बड़ा दांव खेलने का फैसला किया. साल 2025 में जब 2016 वाली ‘सनम तेरी कसम’ को देश भर के सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज किया गया, तो जो नजारा देखने को मिला उसकी कल्पना किसी ट्रेड एनालिस्ट ने नहीं की थी.

थिएटर्स के बाहर युवाओं की लंबी-लंबी कतारें लग गईं. मल्टीप्लेक्स से लेकर सिंगल स्क्रीन्स तक के शो रातोंरात हाउसफुल होने लगे. सिनेमाहॉल के अंदर का नजारा ऐसा था कि जब भी फिल्म के गाने बजते, दर्शक स्क्रीन के सामने आकर झूमने लगते और क्लाइमैक्स में पूरा थिएटर रोने की आवाजों से गूंज उठता. 2025 की इस री-रिलीज ने कमाई के मामले में अपनी 2016 की मूल रिलीज के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया. बॉक्स ऑफिस के गल्ले पर इस बार फिल्म के आगे ‘फ्लॉप’ का नहीं, बल्कि एक बेहद गर्व और सम्मान के साथ ‘सुपरहिट’ का ठप्पा लगा.