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एक दौर था जब इस एक्टर की फिल्में बॉक्स ऑफिस पर राज करती थीं, लेकिन लगातार फ्लॉप्स ने उसे इंडस्ट्री से लगभग गायब कर दिया. काम न मिलने की वजह से वह डिप्रेशन और शराब की लत में डूब गया. घर पर बैठे-बैठे वह खुद को असफल मानने लगा था. तभी एक दिन बेटे की मासूम बात ने उसकी जिंदगी बदल दी. ‘मम्मी काम पर जाती हैं, पापा घर पर रहते हैं.’ यह सुनकर अभिनेता अंदर तक टूट गया और उसी पल उसने खुद को बदलने की ठान ली. आज वही स्टार OTT और फिल्मों में अपनी दमदार दूसरी पारी के लिए खूब तारीफें बटोर रहा है.

नई दिल्ली. 90 के दशक में इस स्टार की गिनती बॉलीवुड के सबसे चॉकलेटी और हैंडसम एक्टर्स में होती थी. शुरुआती फिल्मों ने उसे रातोंरात सुपरस्टार बना दिया, लेकिन फिर किस्मत ने ऐसा पलटा मारा कि लगातार फ्लॉप फिल्मों ने करियर लगभग खत्म कर दिया. काम मिलना बंद हुआ तो वह घर में अकेले रहने लगा और धीरे-धीरे शराब उसकी जिंदगी का हिस्सा बन गई. खुद पर तरस खाने वाला ये स्टार अंदर ही अंदर टूट चुका था. लेकिन एक दिन बेटे की कही एक बात ने उसे झकझोर कर रख दिया ‘पापा घर पर बैठते हैं और मम्मी काम करती हैं.’ बस, यही वो पल था जब उसने हार मानने के बजाय खुद को दोबारा खड़ा करने का फैसला किया. फिर शुरू हुई ऐसी दूसरी पारी, जिसने OTT से लेकर बड़े पर्दे तक तहलका मचा दिया.

90 के दशक में बॉलीवुड के सबसे हैंडसम और लोकप्रिय सितारों में गिने जाने वाले बॉबी देओल की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही. एक समय ऐसा था जब ‘गुप्त’, ‘सोल्जर’ और ‘बादल’ जैसी हिट फिल्मों के जरिए वह इंडस्ट्री के बड़े स्टार बन चुके थे. लेकिन अचानक उनकी फिल्मों का दौर कमजोर पड़ने लगा. लगातार फ्लॉप्स ने उनका करियर लगभग खत्म कर दिया. काम मिलना बंद हो गया और धीरे-धीरे वह इंडस्ट्री से दूर होते चले गए.

करियर के इस बुरे दौर ने बॉबी देओल को मानसिक और भावनात्मक रूप से काफी प्रभावित किया. उन्होंने खुद कई इंटरव्यू में स्वीकार किया है कि वह खुद पर तरस खाने लगे थे. कॉफी विद करण में बॉबी ने खुलासा किया था कि लंबे समय तक काम न मिलने के कारण वह नकारात्मक सोच में डूब गए थे और शराब उनका सहारा बन गई थी.
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बॉबी देओल ने कहा था, ‘मैंने हार मान ली थी. मैं खुद पर तरस खाने लगा था और बहुत ज्यादा शराब पीने लगा था. मैं घर पर बैठा रहता था और सोचता था कि लोग मुझे काम क्यों नहीं देते. मुझे लगने लगा था कि मैं अच्छा हूं, फिर भी मुझे मौके नहीं मिल रहे.’ उन्होंने आगे बताया कि उस दौर में उनकी पत्नी काम पर जाती थीं और वह घर पर रहते थे. तभी एक दिन उन्होंने अपने बेटे को कहते सुना, ‘मम्मी काम पर जाती हैं और पापा घर पर बैठे रहते हैं.’ बेटे की यह बात बॉबी देओल के दिल पर गहराई से लगी. उन्होंने महसूस किया कि अब उन्हें खुद को बदलना होगा.

यही पल उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. बॉबी ने खुद को मानसिक और शारीरिक रूप से फिर से तैयार करना शुरू किया. उन्होंने फिटनेस पर काम किया और नए तरह के किरदार स्वीकार करने शुरू किए. उनकी वापसी की शुरुआत ‘रेस 3’, ‘यमला पगला दीवाना: फिर से’ और ‘हाउसफुल 4’ जैसी फिल्मों से हुई, लेकिन असली बदलाव OTT प्लेटफॉर्म ने लाया.

2020 में रिलीज हुई वेब सीरीज ‘आश्रम’ ने बॉबी देओल की दूसरी पारी को नई पहचान दी. बाबा निराला के डार्क किरदार में उन्हें दर्शकों ने बेहद पसंद किया. इस सीरीज ने उन्हें नई पीढ़ी के दर्शकों के बीच फिर से लोकप्रिय बना दिया. इसके बाद ‘क्लास ऑफ 83’ में भी उनके काम की तारीफ हुई. हालांकि, बॉबी देओल के करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘एनिमल’. रणबीर कपूर स्टारर इस फिल्म में बॉबी ने खतरनाक विलेन का किरदार निभाया. दिलचस्प बात यह रही कि फिल्म में उनके कम डायलॉग थे, लेकिन उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और इंटेंस लुक ने दर्शकों को चौंका दिया.

‘एनिमल’ के बाद बॉबी देओल का स्टारडम एक बार फिर नई ऊंचाई पर पहुंच गया. सोशल मीडिया पर उनके किरदार को लेकर जबरदस्त चर्चा हुई और लोगों ने उन्हें ‘लॉर्ड बॉबी’ तक कहना शुरू कर दिया. इसके बाद वह आर्यन खान की नेटफ्लिक्स सीरीज ‘द बर्ड्स ऑफ बॉलीवुड’ में भी नजर आए, जहां उनके अभिनय की काफी तारीफ हुई. वहीं, साउथ और हिंदी फिल्मों में भी उनकी मांग बढ़ती चली गई.

हाल के समय में बॉबी ‘कंगुवा’, ‘डाकू महाराज’, ‘हरी हर वीरा मल्लू’ और ‘बंदर’ जैसी फिल्मों में नजर आए हैं. आने वाले समय में वह विजय की फिल्म ‘जना नायकन’ और YRF की स्पाई यूनिवर्स फिल्म ‘अल्फा’ में दिखाई देंगे, जिसमें आलिया भट्ट मुख्य भूमिका में हैं. बॉबी देओल ने हाल ही में यह भी बताया कि वह पिछले डेढ़ साल से शराब से दूर हैं. उनका कहना है कि जिंदगी के मुश्किल दौर ने उन्हें बहुत कुछ सिखाया और अब वह अपने काम और परिवार को पहले से ज्यादा महत्व देते हैं.