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पुराना पीठ दर्द भी होगा छूमंतर! बस रोज करें ये योगासन, असर देख रह जाएंगे हैरान

पुराना पीठ दर्द भी होगा छूमंतर! बस रोज करें ये योगासन, असर देख रह जाएंगे हैरान


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आजकल पीठ दर्द एक आम समस्या बन गई है, जो लंबे समय तक बैठने और गलत लाइफस्टाइल की वजह से बढ़ रही है. दवाइयों के बजाय अगर आप प्राकृतिक तरीका अपनाना चाहते हैं, तो योग इसमें काफी मददगार हो सकता है. खासकर एक ऐसा आसन है, जो नियमित करने से पीठ दर्द में राहत दिला सकता है.

पीठ दर्द को ऐसे करें ठीक.

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में खराब खानपान और एक्सरसाइज की कमी के कारण शरीर धीरे-धीरे कमजोर होता जा रहा है. खासकर मांसपेशियों की ताकत कम होने से पीठ दर्द, कमर दर्द और पाचन से जुड़ी समस्याएं आम होती जा रही हैं. ऐसे में योग एक असरदार उपाय बनकर सामने आता है, और इन्हीं योगासनों में से एक है मयूरासन, जिसे शरीर को मजबूत बनाने के लिए बेहद प्रभावी माना जाता है.

मयूरासन का नाम संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है, जहां ‘मयूर’ का अर्थ मोर और ‘आसन’ का मतलब मुद्रा होता है. इस आसन को करते समय शरीर की स्थिति कुछ हद तक मोर जैसी दिखाई देती है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया है. यह एक ऐसा योगासन है जिसमें संतुलन, ताकत और फोकस तीनों की जरूरत होती है.

शरीर के संतुलन और ताकत को बढ़ाता है
मयूरासन को एक एडवांस लेवल का आर्म-बैलेंसिंग योगासन माना जाता है, जिसमें पूरे शरीर का भार हाथों पर संतुलित किया जाता है. इस आसन को करते समय कोहनियां पेट के पास टिकाई जाती हैं और शरीर को जमीन से ऊपर उठाकर सीधा रखा जाता है. नियमित अभ्यास से शरीर की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और संतुलन बनाए रखने की क्षमता भी बेहतर होती है. यह आसन न सिर्फ शारीरिक ताकत बढ़ाता है बल्कि मानसिक एकाग्रता को भी मजबूत करता है.

पाचन तंत्र को बनाता है मजबूत
मयूरासन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पाचन तंत्र पर सीधा प्रभाव डालता है. जब कोहनियां पेट पर दबाव बनाती हैं, तो इससे पेट के अंदरूनी अंग सक्रिय होते हैं और पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है. यह गैस, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है. साथ ही शरीर में जमा टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी सहायक माना जाता है, जिससे शरीर अंदर से डिटॉक्स होता है.

करने का सही तरीका और सावधानियां
इस आसन को करने के लिए सबसे पहले घुटनों के बल बैठें और हाथों को जमीन पर इस तरह रखें कि उंगलियां पैरों की ओर हों. फिर कोहनियों को मोड़कर पेट के पास टिकाएं और धीरे-धीरे शरीर का भार हाथों पर डालें. इसके बाद पैरों को पीछे की ओर सीधा फैलाते हुए पूरे शरीर को जमीन के समानांतर उठाएं. शुरुआत में इस आसन को कुछ सेकंड तक ही करें और धीरे-धीरे समय बढ़ाएं. ध्यान रखें कि यह आसन थोड़ा कठिन होता है, इसलिए इसे किसी योग एक्सपर्ट की निगरानी में सीखना बेहतर होता है. जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, हर्निया, दिल से जुड़ी समस्या या पेट में अल्सर है, उन्हें इस आसन से बचना चाहिए.

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Vividha Singh

विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें



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