Raw and ripe Bael: गर्मियों में पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे कब्ज, दस्त, पेट की गर्मी और सूजन आम हो जाती है. आयुर्वेद में बेल (बिल्व) फल को इन समस्याओं के लिए बेहद लाभकारी माना गया है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. हर्ष के अनुसार बेल एक ऐसा फल है. जिसे कच्चा और पका दोनों तरह से उपयोग किया जा सकता है. कच्चा बेल कब्ज और पेट साफ करने में मदद करता है, जबकि पका हुआ बेल बार-बार होने वाले लूज मोशन और दस्त में राहत देता है. यह शरीर को ठंडक पहुंचाता है और बढ़े हुए पित्त को संतुलित करता है. बेल का सेवन सूजन कम करने, पाचन सुधारने और लिपिड प्रोफाइल को संतुलित रखने में भी सहायक माना जाता है. बेल की चटनी बनाकर सुबह-शाम एक-एक चम्मच लेने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर में टॉक्सिन्स जमा नहीं होते.
