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प्यास नहीं लगती फिर भी शरीर दे रहा है खतरे के संकेत! डिहाइड्रेशन के ये 5 लक्षण चुपचाप कर रहे हैं नुकसान

प्यास नहीं लगती फिर भी शरीर दे रहा है खतरे के संकेत! डिहाइड्रेशन के ये 5 लक्षण चुपचाप कर रहे हैं नुकसान


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डिहाइड्रेशन को नजरअंदाज करना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि आप दिनभर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें और सिर्फ प्यास लगने का इंतजार न करें. शरीर के इन छोटे-छोटे संकेतों को समझकर आप समय रहते खुद को डिहाइड्रेशन से बचा सकते हैं. आइए जानते हैं ये 5 लक्षण, जो आपको नुकसान पहुंचा रहे हैं…

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डिहाइड्रेशन से शरीर में ड्रायनेस महसूस होता है.

डिहाइड्रेशन गर्मियों में बेहद आम समस्या है, लेकिन इसे पहचानना हमेशा आसान नहीं होता. ज्यादातर लोग मानते हैं कि प्यास लगना ही इसका सबसे बड़ा संकेत है, जबकि सच्चाई यह है कि जब तक आपको प्यास लगती है, तब तक शरीर हल्के डिहाइड्रेशन की स्थिति में पहुंच चुका होता है. इसलिए सिर्फ प्यास पर निर्भर रहने के बजाय शरीर के अन्य संकेतों को समझना बेहद जरूरी है.

डिहाइड्रेशन का पहला और सबसे कॉमन संकेत है शरीर में ड्रायनेस महसूस होना. अगर आपके होंठ बार-बार सूख रहे हैं, मुंह चिपचिपा लग रहा है या सांस से बदबू आ रही है, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपके शरीर में पानी की कमी हो रही है. कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह शुरुआती चेतावनी होती है कि शरीर को तुरंत हाइड्रेशन की जरूरत है.

दूसरा अहम संकेत है स्किन की इलास्टिसिटी यानी त्वचा की नमी और लचीलापन कम होना. इसे पहचानने का एक आसान तरीका है. अगर आप हाथ की त्वचा को हल्का सा खींचकर छोड़ते हैं और वह तुरंत वापस अपनी जगह नहीं आती, तो यह डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है. इसके अलावा आंखों का धंसा हुआ दिखना भी शरीर में पानी की कमी की ओर इशारा करता है.

तीसरा संकेत है पेशाब का रंग और मात्रा. सामान्य रूप से पेशाब का रंग हल्का पीला होना चाहिए, लेकिन अगर यह गहरा पीला या एंबर कलर का हो जाए और उसकी मात्रा भी कम हो जाए, तो यह साफ संकेत है कि शरीर में पानी की कमी हो रही है. यह एक ऐसा संकेत है जिसे आसानी से देखा जा सकता है, फिर भी लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं.

डिहाइड्रेशन का असर सिर्फ शरीर पर ही नहीं, बल्कि दिमाग पर भी पड़ता है. अगर आपको बार-बार सिरदर्द हो रहा है, खासकर मूवमेंट के दौरान दर्द बढ़ता है या इसके साथ मतली भी महसूस होती है, तो यह पानी की कमी का परिणाम हो सकता है. शरीर में पानी की कमी ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करती है, जिससे सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है.

इसके अलावा “ब्रेन फॉग” यानी दिमाग का सही तरीके से काम न करना भी डिहाइड्रेशन का एक बड़ा संकेत है. इसमें ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत, चीजें याद रखने में परेशानी, चिड़चिड़ापन, ज्यादा थकान और सुस्ती महसूस होना शामिल है. कई लोग इसे स्ट्रेस या नींद की कमी समझ लेते हैं, जबकि असल वजह शरीर में पानी की कमी हो सकती है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें



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