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PMCH Rare Ovarian Tumor Surgery: बिहार के सबसे बड़े अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने अपनी सूझ बूझ का परिचय देते हुए जटिल सर्जरी करके एक महिला के पेट से करीब 15.5 किलोग्राम वजनी ओवेरियन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर उसे नई जिंदगी दी है.
30 वर्षीया महिला एक मार्च को अररिया में सीजेरियन आपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था
पटना: बिहार की राजधानी पटना में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक गर्भवती महिला का पेट काफा बढ़ा हुआ था. जब डिलीवरी हुई फिर भी पेट कम नहीं हुआ. दर्द ओर सूजन लगातार बना रहा. आनन फानन में जब महिला की जांच की गई तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टर और परिजन दोनों चौंक गए. उसके पेट में बच्चे के साथ 15.5 किलोग्राम का विशाल ओवेरियन ट्यूमर विकसित हो चुका था. इसके बाद बिहार के सबसे बड़े अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने अपनी सूझ बूझ का परिचय देते हुए जटिल सर्जरी करके महिला के पेट से करीब 15.5 किलोग्राम वजनी ओवेरियन ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकालकर उसे नई जिंदगी दी.
लक्षण थे बिल्कुल आम, लेकिन पनप रही थी बीमारी
जानकारी के अनुसार डिलीवरी के बाद भी 30 वर्षीय महिला पेट में सूजन, दर्द और भारीपन जैसी समस्याओं से जूझ रही थी. शुरुआत में उसने इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज किया, स्थिति ऐसी हो गई कि उसे चलने-फिरने और रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी होने लगी. परिजनों ने पीएमसीएच लाया. जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. डॉक्टरों ने पाया कि महिला के पेट में एक असामान्य रूप से बड़ा ओवेरियन ट्यूमर विकसित हो चुका है. यह आसपास के अंगों पर दबाव डाल रहा था और जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता था. इसके बाद बिना देरी किए सर्जरी का फैसला लिया गया.
डाक्टरों के अनुसार टयूमर इतना बड़ा हो गया था कि वह डायफ्राम तक पहुंच गया था, इससे महिला को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. वह ठीक से भोजन नहीं कर पा रही थी. उसे लगातार उल्टी की शिकायत भी थी. साथ ही वह एनीमिया से भी पीड़ित थी.
मार्च में ही हुई थी डिलीवरी
30 वर्षीया इस महिला ने एक मार्च को अररिया में सीजेरियन आपरेशन से बच्चे को जन्म दिया था. इसके बाद 26 मार्च को पेट में दर्द और गांठ की शिकायत लेकर वह पीएमसीएच पहुंची. यहां जांच के बाद ट्यूमर का पता चला. सर्जरी का नेतृत्व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. प्रो. मीनू शरण ने किया. उनके साथ ऑन्को सर्जन डॉ. नवीन, डॉ. नीना अग्रवाल, डॉ. अंजली और डॉ. माधुरी की टीम मौजूद रही. लगभग एक घंटे तक चली इस जटिल प्रक्रिया में डॉक्टरों को ट्यूमर के बड़े आकार और संभावित रक्तस्राव जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम के अनुभव और समन्वय ने हर मुश्किल को आसान बना दिया.
दुर्लभ है इस तरह का ट्यूमर
विशेषज्ञों के मुताबिक इतने बड़े आकार का ओवेरियन ट्यूमर बेहद दुर्लभ मामलों में ही देखने को मिलता है. आमतौर पर इसके शुरुआती लक्षण सामान्य होते हैं. इसीलिए मरीज समय पर पहचान नहीं कर पाते. यही लापरवाही बाद में गंभीर खतरा बन जाती है. फिलहाल सर्जरी के बाद महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है और उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. चिकित्सकों को उम्मीद है कि आने वाले 10 दिनों के भीतर उसको डिस्चार्ज कर दिया जाएगा.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें

