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बार-बार पिंपल को छूने से नहीं रोक पाते? दिमाग खेल रहा खेल, जानें साइकोलॉजिकल वजह

बार-बार पिंपल को छूने से नहीं रोक पाते? दिमाग खेल रहा खेल, जानें साइकोलॉजिकल वजह


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Popping Pimple Feels Good Reason: क्या आपका चेहरा भी मुहांसों के दाग से भर गया है? क्या आप भी खुद को पिंपल फोड़ने से नहीं रोक पाते तो ये लेख आपके लिए है. यहां आप इसके पीछे का कारण जान सकते हैं.

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स्किन एक्सपर्ट अक्सर सलाह देते हैं कि पिंपल्स को फोड़ना नहीं चाहिए और उन्हें बार-बार हाथ भी नहीं लगाना चाहिए. इससे स्किन के डैमेज होने का खतरा होता है. लेकिन कई लोग चाहकर भी खुद को पिंपल फोड़ने से रोक नहीं पाते. कुछ लोगों को ऐसा करने से राहत और सेटिस्फेक्शन महसूस होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी वजह आपका ही दिमाग है.

पिंपल या मुहांसे होने का सबसे बड़ा कारण हमारी स्किन टाइप होता है. जिन लोगों की त्वचा ज्यादा ऑयली होती है, उनमें कई बार पिंपल कम दिखाई देते हैं, जबकि ड्राई या मिक्स स्किन वाले लोगों को मुहांसों की समस्या ज्यादा परेशान करती है. जब त्वचा की ऑयल ग्लैंड्स बंद हो जाती हैं या उनमें बैक्टीरिया जमा हो जाते हैं, तब पिंपल बनने लगते हैं. आमतौर पर ये ज्यादा खतरनाक नहीं होते, लेकिन इन्हें फोड़ने से त्वचा में इंफेक्शन, दर्द और दाग-धब्बों का खतरा बढ़ जाता है.

पिंपल फोड़ने में मजा क्यों आता है?

कई लोग बार-बार पिंपल्स को छूते हैं या उन्हें फोड़ देते हैं. कुछ लोगों को यह देखकर घिन महसूस होती है, जबकि कुछ लोगों को इससे अजीब तरह का सुकून मिलता है. इसे समझने के लिए ऑस्ट्रिया की यूनिवर्सिटी ऑफ ग्राज के वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च की थी. यह स्टडी साल 2021 में बिहेवियरल ब्रेन रिसर्च जर्नल में प्रकाशित हुई थी. रिसर्च में करीब 80 लोगों को शामिल किया गया और उनके दिमाग की गतिविधियों को fMRI मशीन की मदद से रिकॉर्ड किया गया.

अध्ययन में पता चला कि जिन लोगों को पिंपल फोड़ने वाले वीडियो पसंद आते हैं, वे घिन जैसी भावनाओं को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर लेते हैं. ऐसे लोगों का दिमाग इनाम और खुशी से जुड़ी गतिविधियों पर ज्यादा तेजी से प्रतिक्रिया देता है.

वैज्ञानिकों के अनुसार, दिमाग के दो हिस्से इसमें अहम भूमिका निभाते हैं. पहला हिस्सा “न्यूक्लियस अक्यूम्बेंस” कहलाता है, जो खुशी और इनाम की भावना से जुड़ा होता है. दूसरा हिस्सा “इंसुला” है, जो घिन और असहजता को कंट्रोल करता है. जिन लोगों को पिंपल फोड़ना पसंद होता है, उनमें इन दोनों हिस्सों के बीच अच्छा तालमेल पाया गया.

जब कोई व्यक्ति पिंपल फोड़ता है, तो उसके दिमाग में डोपामाइन नाम का “हैप्पी हार्मोन” रिलीज होता है. यही हार्मोन खुशी और राहत का एहसास कराता है. इसी वजह से कुछ लोगों को पिंपल फोड़ने में मजा आता है और वे बार-बार ऐसा करने की इच्छा महसूस करते हैं.

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About the Author

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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