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महिलाओं में भी बढ़ रहा पुरुषों की तरह गंजापन, डॉक्टर ने बताई ये है सबसे बड़ी वजह, जानें उपाय

महिलाओं में भी बढ़ रहा पुरुषों की तरह गंजापन, डॉक्टर ने बताई ये है सबसे बड़ी वजह, जानें उपाय


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Hair Fall Reasons: अब पुरुषों ही नहीं, महिलाओं में भी गंजापन की समस्या बढ़ती जा रही है. पुरुषों और महिलाओं में बालों के झड़ने के कुछ अंतरों को समझना बहुत महत्वपूर्ण है. ऐसे में दिल्ली के डॉ. विनय सिंह के अनुसार आजकल युवा महिलाओं में गंजापन तेजी से बढ़ रहा है. इसका मुख्य कारण जल्दी शुरू होने वाले पीरियड्स, कम उम्र में मेनोपॉज़, हार्मोनल असंतुलन, पीसीओडी, थायरॉयड की समस्या और बढ़ता तनाव है. आइये जानते हैं इसकी मुख्य वजह क्या है.

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नई दिल्ली: पुरुषों में गंजापन होना आम बात है, लेकिन कम उम्र में लड़कों या पुरुषों के बाल झड़ जाना बहुत गंभीर नहीं माना जाता है. क्योंकि पुरुषों में जेनेटिक कारण होने के साथ ही तमाम फैक्टर होते हैं. अब कम उम्र की लड़कियों और महिलाओं में भी गंजापन बढ़ रहा है. ठीक वैसे ही, जैसे पुरुषों में होता आया है. बीते 10 सालों में ऐसे मामलों में इजाफा हुआ है. महिलाओं के बाल जो खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करते हैं. वो अब कम उम्र में सिर से गायब हो रहे हैं. आलम यह है कि डॉक्टर के पास ऐसी महिलाओं और लड़कियों की भीड़ बढ़ने लगी है. इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट, वेनेरोलॉजिस्ट एंड लेप्रोलॉजिस्ट (IADVL) के प्रेसिडेंट यानि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विनय सिंह इस पर कई प्रमुख कारण मानते हैं.

कम उम्र में पीरियड्स है बड़ी वजह

डॉ. विनय सिंह ने बताया कि महिलाओं और लड़कियों में गंजेपन की बड़ी वजह हार्मोन्स का असंतुलित होना है. महिलाओं में गंजेपन को फीमेल पैटर्न बाल्डनेस कहते हैं. बीते 10 सालों में ऐसे मामलों में लगातार इजाफा हुआ है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि लड़कियों को अब कम उम्र में पीरियड से शुरू हो जाते हैं. अब 8 साल से लेकर 12 साल के बीच लड़कियों में पीरियड्स होने लगे हैं या पीरियड्स रेगुलर नहीं होते हैं. इस वजह से हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है, जिसका असर उनकी बॉडी में दिखने लग जाता है. इसका असर DHT यानी डायहाइड्रोटेस्टोस्टेरोन पर पड़ता है. इसका असर बालों की जड़ों पर पड़ता है, जिस वजह से बाल पतले हो जाते हैं या बाल झड़ जाते हैं, जिस वजह से सिर की स्किन यानी स्कैल्प दिखने लग जाता है और खालीपन बन जाता है. महिलाओं में पुरुष हार्मोन (एंड्रोजन) का प्रभाव बढ़ने पर फॉलिकल सिकुड़ते हैं.

कम उम्र में मेनोपॉज है कारण

इंडियन एसोसिएशन ऑफ डर्मेटोलॉजिस्ट, वेनेरोलॉजिस्ट एंड लेप्रोलॉजिस्ट (IADVL) के प्रेसिडेंट यानि राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विनय सिंह ने बताया कि महिलाओं में गंजेपन के और भी कई कारण होते हैं. जैसे बढ़ती उम्र 30-40 के बाद यह समस्या अधिक दिखने लगती है. इसके अलावा एक और सबसे प्रमुख कारण वह यह है कि कम उम्र में रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज़) का होना. अब यह 45 साल की उम्र में भी होने लगा है, जिस वजह से महिलाओं में एस्ट्रोजन घटता है. एंड्रोजन का असर बढ़ जाता है. इस वजह से भी गंजापन आता है और थायरॉयड, पीसीओडी, एनीमिया या पोषण की कमी और अत्यधिक तनाव भी इसकी वजह है.

जानें कैसे पहाचानें लक्षण

1- मांग चौड़ी दिखने लगना
2– सिर के बीच से स्कैल्प दिखना
3- पोनीटेल पतली होना
4- कंघी करते समय ज्यादा बाल गिरना
5- बालों का पतला और बेजान होना

इस तरह करवाएं इलाज

डॉ. विनय सिंह ने बताया कि जब भी महिलाओं या लड़कियों में पीरियड्स रेगुलर ना हो तो इस बात को गंभीरता से लेते हुए सबसे पहले एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और स्त्री रोग विशेषज्ञ से मिलें. इन दोनों से इलाज करवाने के बाद ही अपने बाल, नाखून या स्क्रीन से जुड़ी कोई भी बीमारी हो तो उसके लिए हमेशा रजिस्टर्ड डर्मेटोलॉजिस्ट से ही मिलें. यही लोग सही इलाज कर सकते हैं. घर पर कोई घरेलू नुस्खा अपनाने से बेहतर है कि अगर आपने समय रहते डॉक्टर को दिखा लिया तो आपके बाल बच सकते हैं और आपकी पीरियड्स की जो दिक्कत है. वह भी दूर हो जाएगी.

About the Author

Brijendra Pratap Singh

बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें



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