Banyan Tree Health Benefits: जब आधुनिक दवाइयां आसानी से उपलब्ध नहीं थीं, तब ग्रामीण क्षेत्रों में बरगद के विभिन्न भागों का उपयोग कई बीमारियों के उपचार में किया जाता था. खासतौर पर दांत दर्द में बरगद के दूध को रुई में लगाकर दांत पर रखा जाता था, जिससे दर्द में राहत मिलती थी. बरगद की छाल में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं. दाद, खुजली और छोटे घावों पर इसके पत्तों का रस या पेस्ट लगाने से लाभ मिलता है. वहीं, जोड़ों के दर्द में बरगद के दूध को सरसों के तेल में मिलाकर मालिश करने की परंपरा भी रही है, जिससे सूजन और दर्द में आराम मिलता है. आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि आयुर्वेद में बरगद को वात और कफ दोष संतुलित करने वाला माना गया है. इसके पत्तों का रस मधुमेह नियंत्रण में भी उपयोगी है. पत्तों को पीसकर बनाया गया लेप जलन कम करने में सहायक होता है.

