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Frequent Bad Dreams Causes: रात में आने वाले डरावने सपने तनाव, खराब नींद, मानसिक दबाव और कुछ हेल्थ कंडीशंस से जुड़े हो सकते हैं. रिसर्च के अनुसार डरावने सपने कई बार एंजायटी या ट्रॉमा से भी जुड़े होते हैं. हेल्दी स्लीपिंग हैबिट और स्ट्रेस कंट्रोल करने से इस समस्या से राहत मिल सकती है. कुछ लोगों को ट्रीटमेंट की जरूरत भी पड़ सकती है.
स्ट्रेस, एंजायटी और ट्रॉमा की वजह से भी रात में डरावने सपने आते हैं.
What Causes Scary Dreams At Night: कई बार आपने महसूस किया होगा कि सोते वक्त डरावने सपने आने लगते हैं. ऐसा लगता है जैसे कोई व्यक्ति आपको मारने के लिए पीछा कर रहा है. सपने में कई बार ऐसा लगता है कि सांप, बिच्छू और अन्य जंगली जानवर आपका पीछा कर रहे हैं और आप दौड़ नहीं पा रहे हैं. ये सब डरावने सपने होते हैं और इससे लोगों की नींद टूट जाती है. रात में डरावने सपने यानी नाइटमेयर्स आना एक कॉमन समस्या है, लेकिन कई लोग अचानक डरकर नींद से जाग जाते हैं और उन्हें सपना लंबे समय तक याद भी रहता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो कभी-कभार डरावने सपने आना सामान्य है, लेकिन ऐसा बार-बार होने लगे, तो इसके पीछे सेहत से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं. इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
बार-बार डरावने सपने आने की वजह नींद की कमी भी हो सकती है. अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक ठीक से नहीं सोता या उसकी नींद का समय लगातार बदलता रहता है, तो REM स्लीप प्रभावित हो सकती है. कुछ रिसर्च में पाया गया है कि खराब स्लीप रूटीन और देर रात तक मोबाइल इस्तेमाल करने वाले लोगों में भी डरावने सपने ज्यादा हो सकते हैं. कुछ दवाएं, शराब और अन्य नशीले पदार्थ भी नाइटमेयर्स का कारण बन सकते हैं. कुछ एंटीडिप्रेसेंट्स, ब्लड प्रेशर की दवाएं और शराब छोड़ने के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव सपनों को ज्यादा तीव्र बना सकते हैं.
कुछ रिसर्च में खाने-पीने की आदतों को भी इससे जोड़ा गया है. एक अध्ययन में पाया गया कि सोने से ठीक पहले हैवी मील या कुछ लोगों में डेयरी उत्पादों का सेवन नींद और सपनों को प्रभावित कर सकता है. हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पर अभी और रिसर्च की जरूरत है. डॉक्टर्स के अनुसार अगर डरावने सपने कभी-कभार आते हैं, तो आमतौर पर चिंता की बात नहीं होती है. अगर यह बार-बार हों, नींद खराब करने लगें या दिनभर डर और थकान महसूस हो, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी होता है. अच्छी नींद की आदतें, तनाव कम करना, नियमित एक्सरसाइज और सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करने से भी इस समस्या से राहत मिल सकती है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

