Last Updated:
Lata Mangeshkar Vs Asha Bhosle : स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर और आशा भोसले ने फिल्मों में हर तरह के गाने गाए हैं. दोनों बहनों ने हिंदी सिनेमा में अपना मुकाम बनाया. लता मंगेशकर ने महज 13 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था. 1948 में रिलीज ‘जिद्दी’ फिल्म में उनका पहला गाना आया था. आशा भोसले ने भी अपना पहला गाना 1949 में ‘रात की रानी’ फिल्म के लिए रिकॉर्ड करवाया था. दोनों बहनों के बीच कई बार प्रतिस्पर्धा भी देखने को मिलती है. एक बार तो लता मंगेशकर ने जिस गाने को गाने से इनकार कर दिया, आशा भोसले ने उसी गाने को अमर कर दिया. जिस फिल्म में यह गाना आया था, उसकी गिनती बॉलीवुड की कालजयी फिल्मों में होती है. यह गाना कौन सा था और लता मंगेशकर ने उसे गाने से क्यों इनकार कर दिया था, आइये जानते हैं….

60 का दशक शुरू हो चुका था. देवानंद ने अपने प्रोडक्शन हाउस ‘नवकेतन फिल्म्स’ के बैनर तले एक फिल्म बनाई जिसका नाम ‘हम दोनों’ था. फिल्म 4 फरवरी 1961 को रिलीज हुई थी. यह एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म थी जिसे सिर्फ नाम के लिए अमरजीत ने डायरेक्ट किया था. डायरेक्शन का पूरा काम देवानंद के छोटे भाई विजय आनंद उर्फ गोल्डी ने किया था. फिल्म ताराशंकर बंधोपाध्याय के उपन्यास उत्तरायण पर बेस्ड थी. फिल्म की कहानी सेकंड वर्ल्ड वॉर की थी. देवानंद-नंदा और साधना लीड रोल में थे.

फिल्म का म्यूजिक जयदेव ने कंपोज किया था. फिल्म के कालजयी गाने साहिर लुधियानवी ने लिखे थे. फिल्म में देवानंद का डबल रोल था. फिल्म में कुल 5 गाने थे. इसमें से दो भजन थे जिन्हें लता मंगेशकर ने गाया था. उन्होंने भजन गाने की शर्त पर ही फिल्म में काम किया. फिल्म का एक गाने को लता मंगेशकर ने ‘अश्लील’ बताया था और उसे गाने से इनकार कर दिया था. दिलचस्प बात यह है कि उसी गाने को उनकी बहन आशा भोसले ने गाया था.

इस गाने के बोल ‘अभी ना जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं’. इस गाने को आशा भोसले और मोहम्मद रफी ने गाया है. हालांकि आशा भोसले ने जिस तरह से गाना गाया, वो संतुष्ट नहीं थी, फिर भी यह गाना अमर हो गया. आम जिंदगी में इस गाने की लाइनों का खूब इस्तेमाल होता है. इसी तरह फिल्म के दो और गाने ‘कभी खुद पे, कभी हालात पे रोना आया’ और ‘मैं जिंदगी का साथ निभाता चला गया’ मोहम्मद रफी ने गाए थे. दोनों ही गानों में जिंदगी का दर्द है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

‘हम दोनों’ में देवानंद का डबल रोल था. एक जैसे चेहरे वाले फौजी की कहानी थी. गोल्डी उन दिनों बीमार थे ऐसे में उन्होंने अपने दोस्त अमरजीत को डायरेक्टर बनाया. पूरी स्क्रिप्ट लिखी थी. फिल्म की शूटिंग के दौरान देवानंद और गोल्डी में अनबन हो गई. किसी तरह देवानंद ने उन्हें मनाया. यह फिल्म आज भारतीय सिनेमा की कल्ट क्लासिक फिल्म में शुमार है.

फिल्म के 50 साल पूरे होने पर 2011 में इस फिल्म को कलर वर्शन में भी रिलीज किया गया था. यह उन फिल्मों में शुमार है जिसमें देवानंद ने अपने पसंदीदा काले-सफेद कपड़े पहने थे. यह इकलौती फिल्म है जिसका म्यूजिक जयदेव ने दिया था.

‘हम दोनों’ फिल्म को लेकर कई समीक्षकों ने आरोप लगाया था कि विजय आनंद ने इस फिल्म की कहानी हॉलीवुड मूवी ‘लिबेल’ से उठाई है. हालांकि उन्होंने इनकार कर दिया. गोल्डी का कहना था कि कहानी द्वितीय विश्व युद्ध की सच्ची घटना से इंस्पायर्ड है.

यह इकलौती फिल्म है जिसमें नंदा और साधना में काम किया. 40 लाख के बजट में बनी इस फिल्म ने 80 लाख का नेट कलेक्शन किया था. यह एक हिट फिल्म साबित हुई थी.