Site icon Aaj Ki Baat

लू लगने पर तोड़ें ये फूल, करें ऐसे उपचार, मिनटों में उतर जाएगा बुखार! बब्बा के बाबा का फार्मूला

लू लगने पर तोड़ें ये फूल, करें ऐसे उपचार, मिनटों में उतर जाएगा बुखार! बब्बा के बाबा का फार्मूला


Last Updated:

Heatstorke Remedy: अप्रैल शुरू हो चुका है. सूरज के तेवर तीखे होने लगे हैं.ऐसे में अब लू अपना दुष्प्रभाव दिखाएगी. लू लगने पर शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. कई बार तो जान का खतरा भी हो जाता है. ऐसे में लोग डॉक्टर के पास भागते हैं. वहीं, छतरपुर के बुजुर्ग अपने बाबा के जमाने का गजब उपचार बताया. इस उपचार से आयुर्वेद चिकित्सक भी सहमत हैं.

Summer Health Remedy: गर्मी का सीजन शुरू हो गया है. ऐसे में गर्म हवाएं भी अपना असर दिखाने लगी हैं. छतरपुर में लू से बचने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है. हालांकि, जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लू से बचने के लिए कुछ घरेलू उपाय किए जाते हैं. ग्रामीणों के मुताबिक सालों से पलाश के फूलों से लू को ठीक किया जाता है.

छतरपुर के रहने वाले बुजुर्ग जमुना पाल बताते हैं कि गर्मी के मौसम में पलाश या छ्योल के फूल का महत्व तब और बढ़ जाता है, जब किसी को लपट यानी लू लग जाती है. क्योंकि, पलाश के फूलों से लू भी छूमंतर हो जाती है. इसके अलावा हमारे यहां चना की सूखी भाजी जिसे सुसका कहा जाता है, इस भाजी से भी लू ठीक हो जाती है.

लू लगने पर ऐसे करें उपचार
जमुना बताते हैं कि पलाश के आधा किलो फूल को मटके के पानी में डाल दें. उसी पानी को कपड़े की सहायता से पूरे शरीर में फेर दें. इसके बाद लपट उतर जाती है, यानी लू लगने पर जो बुखार आता है, वह ठीक हो जाता है.

खुद पर आजमा चुका हूं…
जमुना बताते हैं कि बाबा-पुरखों से भी यही सुनते और देखते आए हैं कि जब भी किसी को लपट लग जाती थी, तो पलाश के फूलों से ही उसकी लपट उतारी जाती थी. मुझे स्वयं कई बार लपट लगी है, तब मैंने पलाश के फूलों से लपट उतारी है.

लू या लपट लगना क्या है?
बता दें, लू लगना वो स्थिति है, जो शरीर में गर्मी और बढ़ते तापमान की वजह से उत्पन्न होती है. इस दौरान हमारे शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है. बाहरी तापमान और गर्म हवा की वजह से शरीर ठंडा नहीं हो पाता और शरीर का तापमान 40 डिग्री से ज्यादा हो जाता है.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



Source link

Exit mobile version