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1964 में आई फिल्म ‘राजकुमार’ का एक गाना इतना कामुक था कि उसे लता मंगेशकर, सुमन कल्याणपुरी जैसी दिग्गज गायिकाओं ने गाने से इनकार कर दिया था. मुश्किल वक्त में शंकर-जयकिशन आशा भोसले के पास पहुंचे, मगर उन्होंने ऐसी शर्त रख दी कि सबके पैरों तले जमीन खिसक गई. आखिरकार, शम्मी कपूर की सलाह को सबने माना और आशा भोसले को मुंह मांगी कीमत दी. वह कामुक गाना शम्मी कपूर और साधना पर फिल्माया गया है.

नई दिल्ली: 1960 के दशक की बात है. शंकर-जयकिशन फिल्म ‘राजकुमार’ के संगीत पर काम कर रहे थे. उन्हें एक ऐसी सिचुएशन पर गाना कंपोज करने को कहा गया, जिसमें एक कबीले की राजकुमारी एक रियासत के राजकुमार को अगुवा कर लेती है. फिल्म के उस सीन में घोड़ों की आवाज आती है. कामुकता भरी अजीब आवाजें आती हैं.

फिल्म का वह सीन शम्मी कपूर और साधना पर फिल्माया जाना था. इस सिचुएशन पर शंकर-जयकिशन ने एक कामुकता भरा गाना बनाया. यह एक डुएट गाना था, जिसे गाने के लिए मोहम्मद रफी तुरंत तैयार हो गए, मगर शंकर-जयकिशन जिस भी गायिका के पास जाते, वह उन्हें मना कर देती.

जयकिशन यह कामुक गाना अपनी पसंदीदा गायिका लता मंगेशकर से गवाना चाहते थे. उन्होंने लता जी के पास कॉल किया, मगर उन्होंने इनकार करते हुए कहा कि वह इस तरह के कामुकता भरे गाने नहीं गाती हैं. यह 60 के दशक का वह दौर था जब सुमन कल्याणपुरी, मोहम्मद रफी के साथ खूब गाने गा रही थीं. शंकर-जयकिशन को लगा कि सुमन गाना गाने को तैयार हो जाएंगी, मगर जब वह उनके पास पहुंचे, तो यहां से भी उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा.
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शंकर-जयकिशन के पास अब एक ही रास्ता बचा था. वे गाना गाने की फरियाद लेकर आशा भोसले के पास पहुंचे. आशा भोसले को पहले से पता था कि कौन-कौन इस गीत को गाने से इनकार कर चुका है. शंकर-जयकिशन ने जब उनसे बात की, तो उन्होंने ऐसी डिमांड रख दी कि उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.

आशा भोसले ने शंकर-जयकिशन से कहा कि वह गीत गाने को तैयार हैं, लेकिन उन्हें लता दीदी से पांच गुना ज्यादा फीस चाहिए. संगीतकार जोड़ी उनकी डिमांड से भौचक्की रह गई. उनकी ऐसी हालत हो गई, मानो काटो तो खून नहीं.

उस दौर में फिल्मों का बजट सीमित रहता था, इसलिए उन्हें आशा भोसले की डिमांड बहुत ज्यादा लगी. हालांकि, शंकर-जयकिशन महंगे म्यूजिक डायरेक्टर थे, मगर उन्हें भी तमाम पेमेंट करनी होती थी. उन्हें कुछ सूझा नहीं, तो फिल्म ‘राजकुमार’ के डायरेक्टर के. शंकर से बात की.

डायरेक्टर के. शंकर को जब आशा भोसले की डिमांड के बारे में पता चला, तो उन्हें भी अजीब लगा. उनके भी पैरों तले जमीन खिसक गई. सभी फिल्म के हीरो शम्मी कपूर के पास गए और उनसे हल निकालने को कहा. शम्मी कपूर ने बार-बार गाना सुना और पाया कि यह वाकई में कामुक गाना है. शम्मी कपूर ने फिर कहा कि गाना वाकई में कामुक है, इसलिए आशा भोसले जो डिमांड कर रही हैं, वह उन्हें दे दी जाए. और जो कमी है, वह मेरी पैमेंट से काट लो. मुझे कम दे दो और यह गीत गवा लो. शम्मी कपूर की सलाह को सबने माना.

आशा भोसले ने मोहम्मद रफी के साथ कमाल की गायकी की. मोहम्मद रफी ने इस गाने को जिस तरह से गाया, उसने सबको हिला कर रख दिया. गाने को शम्मी कपूर के साथ साधना पर फिल्माया गया था. हम 1964 की फिल्म ‘राजकुमार’ के गाने ‘दिलरुबा दिल पे तू’ की बात कर रहे हैं.