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Lotus benefits : तालाब में खिलखिलाते कमल के फूल सदियों से इंसानों का मनमोहते रहे हैं. लेकिन कम ही लोगों को पता होगा कि इनमें कई ऐसे गुण भी पाए जाते हैं जो शरीर को ठंडक पहुंचाते हैं और कई रोगों से बचाते हैं. इसमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक हैं. लोकल 18 से गोंडा के वैद्य नंदू प्रसाद बताते हैं कि इसके नियमित और संतुलित सेवन से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है. इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं, जिससे स्किन साफ, मुलायम और चमकदार बनती है.
कमल का फूल हृदय स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी माना जाता है. इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं, जिससे रक्त वाहिकाएं साफ रहती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है. यूपी स्थित गोंडा के वैद्य नंदू प्रसाद बताते हैं कि इसके नियमित और संतुलित सेवन से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में भी सहायता मिलती है. कमल में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व दिल को मजबूत बनाने और सूजन को कम करने में मदद करते हैं. जो लोग हाई ब्लड प्रेशर या हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह रामबाण है. हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करें.
कमल का फूल देखने में जितना सुंदर है, उतना ही सेहत के लिए लाभकारी है. भारत में इसका अपना धार्मिक और सांस्कृतिक महत्त्व भी है. लेकिन पूजा-पाठ में इस्तेमाल होने वाला कमल सिर्फ आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद में इसे एक औषधि के रूप में भी उपयोग किया जाता है. कमल के फूल के साथ-साथ इसकी जड़, पत्ते और बीज भी कई तरह की बीमारियों में काम आते हैं.
कमल का फूल त्वचा के लिए भी बेहद लाभकारी है. इसमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं, जिससे स्किन साफ, मुलायम और चमकदार बनती है. कमल का उपयोग फेस पैक या प्राकृतिक स्किन केयर के रूप में किया जा सकता है. यह मुंहासे, दाग-धब्बे और झांइयों को कम करने में सहायक है. त्वचा को हाइड्रेट रखता है. प्राकृतिक ग्लो देता है.
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वैद्य नंदू प्रसाद के मुताबिक, इसका उपयोग सही मात्रा में ही करें. अगर आप इसे नियमित रूप से उपयोग करना चाहते हैं, तो किसी आयुर्वेद विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहेगा. कमल का फूल सिर्फ देखने में ही सुंदर नहीं होता, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी एक अनमोल उपहार है.
कमल का फूल पाचन तंत्र को भी ठीक रखता है. इसके बीज और जड़ में ऐसे गुण पाए जाते हैं जो पाचन क्रिया को मजबूत बनाते हैं और भोजन को सही तरीके से पचाने में मदद करते हैं. यह पेट से जुड़ी आम समस्याओं जैसे गैस, कब्ज और अपच में राहत दिलाने में सहायक है. कमल के बीज हल्के और सुपाच्य होते हैं, जिससे पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. जिन लोगों को बार-बार पेट खराब रहने या एसिडिटी की शिकायत रहती है, उनकों ये राहत दिला सकता है.
कमल का उपयोग मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी किया जाता है. इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक गुण तनाव और चिंता को कम करने में सहायक हैं. इसके सेवन से मन शांत रहता है और दिमाग को सुकून मिलता है, जिससे रोजमर्रा की भागदौड़ में भी व्यक्ति खुद को संतुलित महसूस करता है. कमल के नियमित और संतुलित उपयोग से नींद की गुणवत्ता में भी सुधार हो सकता है, जिससे अनिद्रा जैसी समस्याओं में राहत मिलती है.
कमल के बीज को मखाना भी कहा जाता है, सेहत के लिए बहुत लाभकारी हैं. ये प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन से भरपूर होते हैं. मखाने का सेवन करने से हड्डियां मजबूत होती हैं और शरीर को ऊर्जा मिलती है. यह डायबिटीज के मरीजों के लिए भी अच्छा माना जाता है क्योंकि यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है. महिलाओं के हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करता है और पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं में राहत देता है. शरीर की कमजोरी दूर करने में भी सहायक है.
कमल का फूल प्राकृतिक रूप से शरीर को ठंडक पहुंचाने वाला माना जाता है. गर्मियों में इसका सेवन शरीर के तापमान को संतुलित रखता है. इसमें मौजूद तत्व शरीर की अंदरूनी गर्मी को कम करते हैं, जिससे लू लगने का खतरा घटता है. जिन लोगों को अधिक गर्मी महसूस होती है या शरीर में जलन की शिकायत रहती है, उनके लिए कमल का उपयोग लाभकारी है. यह शरीर को तरोताजा रखने के साथ-साथ ऊर्जा बनाए रखने में भी सहायक है.

