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सेहत के लिए अमृत मटके का पानी, मिट्टी का घड़ा खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान

सेहत के लिए अमृत मटके का पानी, मिट्टी का घड़ा खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान


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Matke Ka Pani Ke Fayde: ज्यादा ठंडा पानी पीने से शरीर के तापमान पर अचानक असर पड़ता है. इससे गले की नसें सिकुड़ सकती हैं और पाचन प्रक्रिया धीमी हो सकती है. ऐसे में गर्मी के दिनों फ्रिज नहीं बल्कि मटके का पानी पीना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है. लेकिन सही मटके का चुनाव जरूरी है.

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गर्मियों में तेज धूप और बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं. यह तुरंत ठंडक तो देता है, लेकिन ज्यादा ठंडा पानी शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है. इसके बजाय मिट्टी के घड़े का पानी एक बेहतर विकल्प है, जो शरीर को धीरे-धीरे और नेचुरल तरीके से ठंडा करता है.

विज्ञान के अनुसार, बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से शरीर के तापमान पर अचानक असर पड़ता है. इससे गले की नसें सिकुड़ सकती हैं और पाचन प्रक्रिया धीमी हो सकती है. कई बार इससे गले में खराश, खांसी और पाचन से जुड़ी परेशानियां भी हो जाती हैं. आयुर्वेद के अनुसार भी ज्यादा ठंडा पानी पाचन शक्ति को कमजोर करता है, जिससे खाना ठीक से नहीं पचता और गैस या एसिडिटी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

मटके का पानी पीने के फायदे
मिट्टी के घड़े का पानी प्राकृतिक तरीके से ठंडा होता है. घड़े की सतह से पानी धीरे-धीरे बाहर की हवा के संपर्क में आकर वाष्पित होता है, जिससे पानी ठंडा हो जाता है. यह ठंडक संतुलित होती है और शरीर को बिना नुकसान पहुंचाए आराम देती है.

आयुर्वेद में मिट्टी के बर्तनों को बहुत फायदेमंद माना गया है. कहा जाता है कि मिट्टी में ऐसे गुण होते हैं, जो पानी के पीएच स्तर को संतुलित रखते हैं. घड़े का पानी पेट को ठंडा रखता है, जिससे जलन और एसिडिटी जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं.

साथ ही, घड़े का पानी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और प्राकृतिक रूप से शरीर को साफ (डिटॉक्स) करने में भी सहायक होता है. इससे शरीर का तापमान संतुलित रहता है, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और त्वचा पर भी अच्छा असर दिखाई देता है.

ऐसे चुनें मिट्टी का घड़ा
हमेशा ऐसा घड़ा चुनें जो शुद्ध मिट्टी से बना हो और उसमें कोई केमिकल या रंग न मिलाया गया हो. अगर घड़े से अजीब गंध आती है या उसका रंग हाथ में लगता है, तो उसे नहीं खरीदना चाहिए. अच्छी क्वालिटी का घड़ा हल्की मिट्टी की खुशबू देता है और अंदर से थोड़ा खुरदुरा होता है.

घड़े की मोटाई भी मायने रखती है. मोटा घड़ा पानी को ज्यादा देर तक ठंडा रखता है और ज्यादा मजबूत भी होता है. खरीदने से पहले उसमें पानी भरकर जरूर जांच लें कि कहीं से पानी तो नहीं निकल रहा. साथ ही, अपने उपयोग के अनुसार सही आकार का घड़ा चुनें, ताकि उसे इस्तेमाल करना आसान हो.

About the Author

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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