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सोकर उठने पर भी शरीर में रहती है थकान-कमजोरी, आजमाएं ये आयुर्वेदिक नुस्खा, तुरंत आएगी फुर्ती

सोकर उठने पर भी शरीर में रहती है थकान-कमजोरी, आजमाएं ये आयुर्वेदिक नुस्खा, तुरंत आएगी फुर्ती


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Natural Remedy For Weakness: सोकर उठने के बाद भी यदि आप फ्रेश महसूस करने की जगह थकान और कमजोरी महसूस कर रहे हैं, तो ये नॉर्मल नहीं है. आयुर्वेद में स्टैमिना बढ़ाने और कमजोरी को दूर करन के लिए नेचुरल उपाय दिए गए हैं. इसे आप यहां इस लेख में जान सकते हैं.

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आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में अक्सर लोग अच्छा खाना खाने के बावजूद भी थकान और कमजोरी महसूस करते हैं. इसका एक बड़ा कारण यह है कि हम भले ही पौष्टिक आहार लेते हों, लेकिन कई बार वह शरीर में सही तरह से अवशोषित नहीं हो पाता. नतीजतन, शरीर में ऊर्जा की कमी बनी रहती है और मन भी सुस्त महसूस करता है.

लगातार थकान रहने से न सिर्फ शरीर बल्कि मानसिक स्थिति भी प्रभावित होती है. काम में मन नहीं लगता और दिनभर आलस्य बना रहता है. आयुर्वेद में ऐसे कई प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं. आज हम आपको एक आसान और असरदार घरेलू नुस्खा बता रहे हैं, जिसे आप हफ्ते में कुछ बार अपनाकर अपनी ऊर्जा बढ़ा सकते हैं.

कैसे बनाएं यह हर्बल काढ़ा
– सहजन (मोरिंगा) की पत्तियां या पाउडर
– अश्वगंधा पाउडर
– दालचीनी पाउडर

विधि
सबसे पहले पानी में सहजन की पत्तियां या पाउडर डालें. फिर उसमें थोड़ी मात्रा में अश्वगंधा और दालचीनी पाउडर मिलाएं. ध्यान रखें कि अश्वगंधा और दालचीनी की मात्रा सहजन से कम होनी चाहिए. अब इस मिश्रण को तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए.

सेवन का तरीका

इस काढ़े को हफ्ते में 2-3 बार, खासकर सुबह नाश्ते के समय लेना बेहतर माना जाता है. यह एक हर्बल टी की तरह काम करता है और शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देता है.

कमजोरी दूर करने वाले नेचुरल औषधि

सहजन के फायदे- सहजन आयरन और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. अगर शरीर में खून की कमी के कारण कमजोरी महसूस होती है, तो सहजन उसे दूर करने में मदद करता है. यह खून को साफ करने के साथ-साथ शरीर को जरूरी विटामिन भी देता है. इसके अलावा, यह बालों और त्वचा के लिए भी लाभकारी है.

अश्वगंधा के लाभ- अश्वगंधा आयुर्वेद की एक प्रसिद्ध औषधि है. यह शरीर की ताकत और स्टैमिना बढ़ाने में मदद करता है. साथ ही, यह तनाव को कम करके शरीर में कार्टिसोल हार्मोन को संतुलित करता है. नियमित रूप से लेने पर यह मन को शांत रखने में भी सहायक होता है.

दालचीनी का असर- दालचीनी शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाती है और हार्मोन को संतुलित रखने में मदद करती है. यह शरीर की ऊर्जा बढ़ाने में भी सहायक होती है. हल्के स्वाद के कारण इसे काढ़े में आसानी से शामिल किया जा सकता है.

इस बात का ध्यान रखें

हालांकि यह काढ़ा प्राकृतिक और लाभकारी है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. मधुमेह के मरीज भी इसे ले सकते हैं, लेकिन संतुलित मात्रा में. वहीं, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.

About the Author

शारदा सिंहSenior Sub Editor

शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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