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Heatwave Prevention Tips: अक्सर लू लग जाने पर या गर्मी में बुखार आ जाने पर लोग सीधी पैरासिटामोल दवा का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन, इससे राहत नहीं मिलती. डॉक्टरों का कहना है कि लू लगने पर बिना सलाह पैरासिटामोल खाने से अंग फेल हो सकता है. जानें लू लगने पर क्या करना चाहिए…
Heatwave Prevention Tips: मध्य प्रदेश के उज्जैन में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. तेज धूप और झुलसा देने वाली गर्म हवाओं ने जनजीवन पर गहरा असर डाला है. पिछले एक सप्ताह से शहर का दिन का तापमान लगातार 44 डिग्री के पार बना है, जबकि रात में भी लोगों को राहत नहीं है. रात का पारा करीब 30 डिग्री तक पहुंचने से उमस और गर्मी ने परेशानी बढ़ा दी है. दिनभर सड़कों पर सन्नाटा नजर आ रहा है. लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं.
लगातार बढ़ती गर्मी अब लोगों के सब्र की कड़ी परीक्षा ले रही है. जीवाजीराव वेधशाला के रिकॉर्डनुसार, गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है. हालात यह है कि दिन के साथ रात में भी तापमान कम होने का नाम नहीं ले रहा है. वर्ष 2025 में इस समय दिन का तापमान 43.4 डिग्री ओर रात का 27 डिग्री था. वहीं, शुक्रवार को दिन में 45 डिग्री तक पहुंच गया है. वहीं, मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में पारा और अधिक बढ़ने की संभावना हैं.
सड़कें सूनीं, ठंडे पेय का सहारा
तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते सुबह 10 बजे से ही सड़कें लगभग सूनी नजर आईं. लोग केवल जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं. निकलना भी पड़ रहा है तो लोग सिर पर कपड़ा बांधकर निकलते दिखाई दिए. वहीं, कई लोग गर्मी से राहत पाने के लिए शीतल पेय, जूस और ठंडी चीजों का सहारा लेते नजर आए. डॉक्टर की सलाह अनुसार भी लोग दोपहर में बाहर निकलने से बचे और बाहर निकलने पर मुंह ढककर निकले ओर पर्याप्त पानी पीते रहे.
क्या कहते हैं डॉक्टर?
एमबीबीएस, आरसीजीपी चिकित्सा अधिकारी, जिला चिकित्सालय, डॉ. जितेन्द्र शर्मा ने बताया कि हीट स्ट्रोक या लू लगने की स्थिति सामान्य बुखार से बिल्कुल अलग होती है. सामान्य बुखार में इन्फेक्शन के कारण दिमाग का थर्मोस्टेट (तापमान तय करने वाला हिस्सा) बढ़ जाता है, जिसे पैरासिटामोल कम कर देती है. लेकिन, हीट स्ट्रोक के दौरान, शरीर का नेचुरल कूलिंग सिस्टम (पसीना आना आदि) फेल हो जाता है और शरीर बाहर की अत्यधिक गर्मी को झेल नहीं पाता. ऐसी अवस्था में पैरासिटामोल खाने से कोई फायदा नहीं होता और उल्टे अंगों को नुकसान (ऑर्गन फेलियर) पहुंच सकता है.
हीट वेव (लू) लगने पर क्या करें?
यदि कोई व्यक्ति हीट स्ट्रोक या हीट एग्जॉशन का शिकार हो जाए, तो उन्हें तुरंत कुछ उपचार चालू कर देना चाहिए. अगर किसी व्यक्ति को तेज गर्मी या लू लगने के लक्षण दिखें, तो सबसे पहले उसे तुरंत धूप से हटाकर ठंडी और हवादार जगह पर ले जाएं. शरीर के तंग या भारी कपड़े ढीले कर दें, ताकि गर्मी बाहर निकल सके. इसके बाद ठंडे पानी से शरीर को पोंछें या स्पंज करें और पंखे की हवा दें. गर्दन, बगल और जांघों के जोड़ पर ठंडी पट्टियां या आइस पैक रखें, इससे शरीर का तापमान तेजी से कम होता है. यदि मरीज होश में हो तो उसे धीरे-धीरे पानी या ओआरएस दें. साथ ही बिना देरी किए तुरंत अस्पताल पहुंचाएं.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
