37% बच्चे ओटीटी इस्तेमाल कर रहे; एडल्ट कंटेंट की भरमार:ओटीटी प्लेटफॉर्म का एक्सेस देने से पहले ये जरूरी सेटिंग्स ऑन करें

37% बच्चे ओटीटी इस्तेमाल कर रहे; एडल्ट कंटेंट की भरमार:ओटीटी प्लेटफॉर्म का एक्सेस देने से पहले ये जरूरी सेटिंग्स ऑन करें




मोबाइल, टैबलेट और स्मार्ट टीवी अब बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं। लोकल सर्कल के सर्वे के अनुसार, 37% पैरेंट्स ने बताया कि उनके बच्चे सबसे ज्यादा वीडियो और ओटीटी प्लेटफॉर्म जैसे प्राइम वीडियो या नेटफ्लिक्स देखते हैं। समस्या यह है कि कई घरों में पूरा परिवार एक ही अकाउंट का इस्तेमाल करता है। बच्चों के सामने कई बार एडल्ट कंटेंट भी आ जाता है। ऐसे में जानें कि हर ओटीटी प्लेटफॉर्म में कौन सी सेटिंग्स बंद करें। नेटफ्लिक्स… उम्र के हिसाब से कंटेंट सीमा तय करें – बच्चों के लिए अलग प्रोफाइल बनाएं, इसके लिए Netflix → Manage Profiles – सभी नेटफ्लिक्स प्रोफाइल पर पिन जरूर लगाएं। इसके लिए नेटफ्लिक्स के अकाउंट सेक्शन में जाकर प्रोफाइल लॉक करने का विकल्प चुनें। – तीसरा जरूरी स्टेप है ‘पैरेंटल कंट्रोल्स’। अकाउंट सेटिंग्स में इस विकल्प को चुनिए। यहां पर अभिभावक बच्चों की उम्र के हिसाब से ‘मैच्योरिटी रेटिंग’ चुन सकते हैं। इसमें बच्चों से लेकर वयस्कों तक के लिए अलग-अलग विकल्प मिलते हैं। अमेजन प्राइम वीडियो में ये 3 सेटिंग्स जरूर बदलें – सबसे जरूरी है पैरेंटल कंट्रोल्स चालू करें। इसे अकाउंट सेक्शन में एक्टिव करें। – यहां ‘परचेज रेस्ट्रिक्शन’ भी लगाएं। बच्चे गलती से किराये वाली फिल्में खरीद सकते हैं। इसलिए पिन आधारित खरीदारी सुरक्षा जरूरी है। – उम्र के हिसाब से कंटेंट चुनें। यहां U, U/A 13+, U/A 16+ और A जैसे विकल्प मिलते हैं। बच्चे की उम्र के अनुसार सही श्रेणी चुनें। जियो हॉटस्टार, पैरेंटल लॉक का विकल्च चुनिए – घरों में बच्चों को कार्टून या क्रिकेट दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन उसी खाते पर एडल्ट वेब सीरीज के सुझाव भी दिख सकते हैं। ये दो बदलाव जरूरी हैं… – माय स्पेस सेक्शन में जाएं। बच्चों को एप किड्स मोड में खोलकर दें। – पैरेंटल लॉक का विकल्प चुनें। इससे बच्चे पैरेंट्स के अकाउंट को लॉगिन नहीं कर पाएंगे। यूट्यूब, रिमाइंडर और डेली लिमिट जैसे फीचर्स उपयोगी यूट्यूब पर फैमिली सेंटर नाम का विकल्प है। इसे चुनिए। यहां पर बच्चे का अलग अकाउंट बना सकते हैं। इससे उन्हें उनकी उम्र के हिसाब से ही कंटेंट दिखाया जाएगा। इन दो विकल्पों को भी चुनें – रिमांडर: इसमें हर आधे या 1 घंटे में ब्रेक लेने का कहा जाता है। – डेली लिमिट: यूट्यूब शॉर्ट्स देखने की तय समय सीमा चुन सकते हैं।

डिजिटल सेफ्टी गाइड 37% बच्चे ओटीटी इस्तेमाल कर रहे हैं… यहां एडल्ट कंटेंट की भरमार, इन एप्स पर पिन और पैरेंटल कंट्रोल सेट करना चाहिए



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