मशीन से कटकर अलग हुआ बच्चे का अंगूठा, डॉक्टरों ने लगाया ऐसा जोड़, अब पकड़ सकेगा पैन-पैंसिल

मशीन से कटकर अलग हुआ बच्चे का अंगूठा, डॉक्टरों ने लगाया ऐसा जोड़, अब पकड़ सकेगा पैन-पैंसिल


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अब शरीर का कोई अंग कटकर अलग हो जाए तो उसे भी जोड़ा जा सकता है. गुरुग्राम के आर्टेमिस हॉस्पिटल्स में 13 साल के बच्चे का चारा काटने वाली मशीन से दाहिना अंगूठा कट गया, ज‍िसे डॉक्‍टरों ने माइक्रोसर्जरी से सफलतापूर्वक जोड़ा द‍िया, अब बच्चा आसानी से पेन पेंसिल पकड़ सकेगा.

मशीन से कटकर अलग हुआ बच्चे का अंगूठा, डॉक्टरों ने लगाया एक जोड़, हुआ पहले जैसZoom

आर्टेम‍िस अस्‍पताल के डॉक्‍टरों ने जोड़ा 13 साल के बच्‍चे का कटा अंगूठा.

Gurgaon news: आज मेडिकल साइंस इस स्तर पर पहुंच गया है कि अगर शरीर का कोई अंग कटकर अलग भी हो जाए तो उसे सर्जरी के माध्यम से न केवल जोड़ा जा सकता है बल्कि वह पहले की तरह काम भी कर सकता है. हाल ही में एक 13 साल के बच्चे का अंगूठा कटकर अलग हो गया, जिसे डॉक्टरों ने इस तरह जोड़ा है कि अब वह पहले की तरह एक्टिवली काम कर सकता है.

गुरुग्राम के आर्टेमिस हॉस्पिटल्स के डॉक्टरों ने पूरी तरह से कट गए दाएं हाथ के अंगूठे को फिर से जोड़ने में सफलता पाई है. दरअसल चारा काटने की मशीन में गलती से हाथ आने से बच्चे का अंगूठा लगभग पूरी तरह से कट गया था. बच्चे को जिस समय अस्पताल लाया गया, उसकी स्थिति गंभीर थी. जरा सी भी देरी होने पर कटे हुए अंगूठे को जोड़ना मुश्किल हो जाता. ऐसे में बच्चे को उम्रभर बिना अंगूठे के ही रहना पड़ता.

हाथ में अंगूठे का महत्व इससे समझा जा सकता है कि हाथों का लगभग 40 प्रतिशत काम अंगूठे की मदद से ही होता है. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए डॉक्टरों की टीम ने इमरजेंसी रीप्लांटेशन का फैसला लिया. इस मामले में एक जटिल माइक्रोसर्जरी को अंजाम दिया गया. इसमें हड्डी को जोड़ना, आर्टरी एवं नर्व रिपेयर करना और टेंडन का रीकंस्ट्रक्शन शामिल था. सर्जरी का उद्देश्य था कि न केवल अंगूठे का स्ट्रक्चर सही रहे, बल्कि उसकी फंक्शनिंग भी सही बनी रहे.

फिलहाल सर्जरी और पोस्ट-ऑपरेटिव केयर के बाद मरीज की अच्छी रिकवरी हुई है. डिस्चार्ज के समय तक अंगूठा अच्छी तरह से जुड़ गया था. यह एक चुनौतीपूर्ण मामले में बेहतर नतीजा दिखाता है.

आर्टेमिस हॉस्पिटल्स के कॉस्मेटिक एंड प्लास्टिक सर्जरी हेड डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, ने कहा, ‘इस तरह के मामलों में जल्द कदम उठाना बहुत महत्वपूर्ण होता है. जरा सी देरी से रीप्लांट की संभावना खत्म हो सकती है. इस बच्चे के मामले में तेज ट्रांसपोर्टेशन और इमरजेंसी सर्जरी से अंगूठे को बचाने में बहुत मदद मिली. इस तरह का रीप्लांटेशन बहुत चुनौतीपूर्ण होता है, जिसमें हड्डियों, वेसल्स, नर्व और टेंडन को सटीक तरीके से रिपेयर करना पड़ता है. हमें इस सर्जरी के नतीजों से बहुत खुशी हुई है. हमें उम्मीद है कि बच्चा जल्द ही आसानी से अपने अंगूठे का प्रयोग करने में सक्षम हो सकेगा.’

यह मामला किसी अंग के चोटिल होने की स्थिति में, विशेषरूप से बच्चों में तुरंत इलाज और एडवांस्ड सर्जिकल केयर के महत्व को दिखाने वाला है.

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प्रिया गौतमSenior Correspondent

Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …और पढ़ें



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