न पोहा-जलेबी, न ब्रेड-सैंडविच! विंध्य के गांवों में सुबह खाया जाता है ये देसी ‘पावर नाश्ता’, वजन कंट्रोल करने के लिए बेस्ट

न पोहा-जलेबी, न ब्रेड-सैंडविच! विंध्य के गांवों में सुबह खाया जाता है ये देसी ‘पावर नाश्ता’, वजन कंट्रोल करने के लिए बेस्ट


Healthy Breakfast Ready in 5minutes: मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में खासकर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों में सुबह का नाश्ता शहरों से बिल्कुल अलग होता है. यहां लोगों की दिनचर्या में न तो पोहा-जलेबी शामिल होती है और न ही ब्रेड-सैंडविच जैसे आधुनिक नाश्ते.

इसके बजाय गांव के लोग ऐसा देसी नाश्ता करते हैं जो सस्ता भी होता है और शरीर को भरपूर ताकत भी देता है. यही वजह है कि यह नाश्ता खेतों में मेहनत करने वाले लोगों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है.

भीगा चना और मूंगफली का देसी मिश्रण
ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय भीगा हुआ चना और मूंगफली से तैयार किया गया मिश्रण काफी लोकप्रिय है. यह नाश्ता स्वाद में चटपटा होने के साथ-साथ पोषण से भरपूर भी होता है. भरतपुर गांव के किसान शिवबालक कुशवाहा बताते हैं कि गांव में लोग रोज महंगा नाश्ता नहीं करते. लेकिन शरीर को ताकत देने वाला भोजन जरूर खाते हैं. इसलिए लोग रात में चने को पानी में भिगो देते हैं और सुबह उसी से नाश्ता तैयार करते हैं.

ऐसे तैयार होता है यह देसी नाश्ता
सुबह भीगे हुए चने में एक मुट्ठी हल्की भुनी हुई मूंगफली मिला दी जाती है. मूंगफली का छिलका निकालने की जरूरत नहीं होती. इसके बाद उसमें थोड़ा सा सरसों का तेल डाला जाता है. गांवों में सरसों का तेल वैसे ही इस्तेमाल होता है जैसे शहरों में कई लोग ओलिव ऑयल का इस्तेमाल करते हैं.

फिर इसमें नींबू का रस, काला नमक, चाट मसाला, बारीक कटा प्याज, टमाटर और खीरा मिलाकर अच्छी तरह मिक्स कर लिया जाता है. कुछ ही मिनटों में यह स्वादिष्ट और पौष्टिक नाश्ता तैयार हो जाता है.

डॉक्टर भी बताते हैं सेहत के लिए फायदेमंद
आयुर्वेद विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. आरपी परौहा के मुताबिक सुबह चना और मूंगफली का नाश्ता करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. चना और मूंगफली दोनों में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और जल्दी भूख नहीं लगती. इसके अलावा इसमें प्रोटीन और आयरन भी भरपूर होता है, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है.

वजन भी रहता है संतुलित
डॉ. परौहा बताते हैं कि इस नाश्ते में कैलोरी और खराब वसा कम होती है, जबकि अच्छे वसा और जरूरी पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में होते हैं. अगर इसे नियमित रूप से खाया जाए तो शरीर मजबूत रहता है और वजन भी संतुलित बना रहता है. यही वजह है कि विंध्य क्षेत्र के ग्रामीण लोग इसे अपना लोकल प्रोटीन नाश्ता मानते हैं.

गंव का साधारण लेकिन पौष्टिक नाश्ता

आज के समय में जहां लोग महंगे और पैकेट वाले फूड की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं विंध्य के गांवों में यह साधारण लेकिन पौष्टिक नाश्ता अब भी परंपरा का हिस्सा बना हुआ है. आसान तरीके से बनने वाला यह देसी नाश्ता लोगों को ताकत देता है और स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाए रखता है.



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