Last Updated:
‘कुंभ मेले’ से मोनालिसा इतनी मशहूर हुईं कि डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने उन्हें फिल्म ऑफर कर दी. मगर उन्हें फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग के समय सनोज मिश्रा ने गलत एहसास करवाया. मोनालिसा भोसले ने अब निर्देशक सनोज मिश्रा और वीएचपी नेता सहित चार लोगों के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है. उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान निर्देशक ने उनके साथ गलत बर्ताव किया था. इसमें उन्हें परिवार का सपोर्ट नहीं मिला. मोनालिसा भोसले की शादी और उम्र के चलते पहले से विवाद है. चूंकि कथित घटनाएं मध्य प्रदेश में हुई थीं, इसलिए मामला वहां ट्रांसफर किया जा सकता है. फिलहाल पुलिस आरोपों और उम्र के दावों की जांच कर रही है.

नई दिल्ली: ‘कुंभ मेला गर्ल’ मोनालिसा भोसले को जब फिल्म मिली, तो लोगों को लगा कि उनकी किस्मत चमक गई है. मगर उन्हें इस फेम का खामियाजा भुगतना पड़ा. एक्ट्रेस ने आरोप लगाया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उनके साथ गलत हुआ. उन्होंने हाल में चार लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया है. उन्होंने एर्नाकुलम सेंट्रल पुलिस स्टेशन में पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत अपनी शिकायत दर्ज की है. इस शिकायत में उन्होंने फिल्म जगत और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोगों पर आरोप लगाए हैं.

मोनालिसा ने दर्ज एफआईआर में विश्व हिंदू परिषद के नेता और वकील अनिल विलायिल का नाम शामिल है. साथ ही, उन्होंने फिल्म निर्देशक सनोज मिश्रा पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, यह एफआईआर बुधवार 29 अप्रैल 2026 को दर्ज हुई थी.

मोनालिसा ने अपनी शिकायत में बताया कि फिल्म ‘द डायरी ऑफ मणिपुर’ की शूटिंग के दौरान उनके साथ गलत बर्ताव हुआ था. उन्होंने कोच्चि में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि निर्देशक सनोज मिश्रा ने उन्हें कई बार गलत तरीके से छुआ. उनका कहना है कि शूटिंग के माहौल में वह खुद को असुरक्षित महसूस कर रही थीं. वे बोलीं, ‘डायरेक्टर ने मुझे 10 बार गलत तरह से छुआ. परिवार ने भी सपोर्ट नहीं किया.’
Add News18 as
Preferred Source on Google

मोनालिसा ने अपनी आपबीती सुनाते हुए यह भी कहा कि जब उन्होंने इस गलत बर्ताव के बारे में अपने परिवार को बताया, तो उन्हें वहां से मदद नहीं मिली. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मनोलिसा के परिवार ने उनकी बातों पर ध्यान देने के बजाय उनका साथ देने से इनकार कर दिया. इसके बावजूद, उन्होंने कानून की मदद लेने का फैसला किया.

वकील अनिल विलायिल पर आरोप है कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए मोनालिसा की इमेज को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की. मोनालिसा गुरुवार 30 अप्रैल को कोर्ट में भी पेश हुईं, जहां उन्होंने अपना आधिकारिक बयान दर्ज कराया. अधिकारियों का मानना है कि यह मामला मध्य प्रदेश पुलिस को भेजा जा सकता है क्योंकि घटनाएं वहीं हुई थीं.

यह कानूनी मामला मोनालिसा की शादी को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है. उनके परिवार ने फामान नाम के व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की थी कि शादी के समय मोनालिसा नाबालिग थीं. हालांकि, मोनालिसा का दावा है कि वह 18 साल की हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से फैसला लिया है.

मोनालिसा के परिवार ने फरमान के साथ उनकी शादी को लेकर ‘लव जिहाद’ का मुद्दा भी उठाया था. उनका आरोप था कि मोनालिसा को बहला-फुसलाकर शादी के लिए तैयार किया गया. लेकिन मोनालिसा शुरू से ही अपने फैसलों का बचाव कर रही हैं और खुद को बालिग बता रही हैं.

मोनालिसा ने पॉक्सो एक्ट 2012 के तहत केस दर्ज किया है. यह कानून 18 साल से कम उम्र के बच्चों को शारीरिक शोषण से सुरक्षा देता है. यह कानून जांच के दौरान पीड़ित की पहचान सीक्रेट रखने और बच्चों के अनुकूल लीगल प्रोसेस पर जोर देता है. फिलहाल पुलिस इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है.